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Farrukhabad News: गलियां खोदकर भूल गए भरना, बारिश में कीचड़ से जूझेंगे ग्रामीण
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फोटो-24 गांव त्यौरखास में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गली। संवाद
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फर्रुखाबाद। हर घर जल का सपना दिखाकर गांवों की सड़कों और गलियों को खोद दिया गया लेकिन तीन साल बाद भी न तो टोंटियों में पानी पहुंचा और न ही टूटी गलियों की मरम्मत हो सकी। अब बरसात में खुदी सड़कें, खुले गड्ढे तथा अधूरे कार्य ग्रामीणों के लिए नई मुसीबत बनकर खड़े हैं।
जिले के कई गांवों में जल जीवन मिशन के कार्यों की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने भी समीक्षा बैठक में अधूरे कार्यों पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों को फटकार लगाई थी लेकिन गांवों की तस्वीर अब भी नहीं बदली है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर पहले सड़कें तोड़ दी गईं लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। अब बरसात में कीचड़, जलभराव और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। विडंबना यह है कि जिनके लिए सड़कें खोदी गईं, उन घरों तक अभी तक पानी नहीं पहुंचा।
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फोटो-24 गांव त्यौरखास में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गली। संवाद
कंपिल के गांव त्यौरखास में अब भी करीब 10 गलियां खुदी पड़ी हैं। इन गलियों को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदा गया था। यहां न तो पानी की टंकी तैयार हो सकी और न ही जलापूर्ति शुरू हुई। ग्राम सचिव शिवम तिवारी ने बताया कि जो सड़कें खोदी गई हैं, उनकी निर्माण लागत की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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फोटो-25 नगला खोटा गांव में पाइप लाइन पड़ने के बाद हुई बरसात के बाद भरा कीचड़। संवाद
नवाबगंज के जरहरी-खोटा नगला मार्ग की स्थिति भी दयनीय है। यहां भी करीब दो वर्ष पूर्व मुख्य मार्ग और गलियों को खोद दिया गया। मरम्मत के नाम पर पाइप लाइन के ऊपर मिट्टी डाल दी गई। करीब 18-20 लाख की लागत से बनाई गई ये गलियां अब चलने के लायक नहीं हैं।
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फोटो-26 गांव चौसेपुर में खोदी गई सड़क। संवाद
मोहम्मदाबाद के चौसेपुर में तीन वर्ष से अधिक समय से गलियां उखड़ी पड़ी हैं। यहां अब तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। प्रधान आदेश कुमार ने बताया कि पूरे गांव की सड़कें खराब हैं। 15 से 20 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति बर्बाद हो चुकी है।
फोटो-27 राजू लाला।
त्यौरखास के राजू लाला ने बताया कि बरसात में ये गलियां कीचड़ में बदल जाएंगी। हादसों का खतरा बढ़ेगा और लोगों का निकलना मुश्किल हो जाएगा।
फोटो-28 अरविंद यादव।
नगला खोटा के पूर्व प्रधान अरविंद यादव ने कहा कि घरों के बाहर पाइप लाइन छोड़ दी गई, इससे पानी नालियों में बह रहा है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) सजन कुमार ने बताया कि जिन गांवों में पाइप लाइन बिछाने के बाद मरम्मत कार्य शेष है, वहां कार्यदायी संस्था को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बरसात से पहले प्राथमिकता के आधार पर सड़कों और गलियों की मरम्मत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले के कई गांवों में जल जीवन मिशन के कार्यों की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने भी समीक्षा बैठक में अधूरे कार्यों पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों को फटकार लगाई थी लेकिन गांवों की तस्वीर अब भी नहीं बदली है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर पहले सड़कें तोड़ दी गईं लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। अब बरसात में कीचड़, जलभराव और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। विडंबना यह है कि जिनके लिए सड़कें खोदी गईं, उन घरों तक अभी तक पानी नहीं पहुंचा।
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फोटो-24 गांव त्यौरखास में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गली। संवाद
कंपिल के गांव त्यौरखास में अब भी करीब 10 गलियां खुदी पड़ी हैं। इन गलियों को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदा गया था। यहां न तो पानी की टंकी तैयार हो सकी और न ही जलापूर्ति शुरू हुई। ग्राम सचिव शिवम तिवारी ने बताया कि जो सड़कें खोदी गई हैं, उनकी निर्माण लागत की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फोटो-25 नगला खोटा गांव में पाइप लाइन पड़ने के बाद हुई बरसात के बाद भरा कीचड़। संवाद
नवाबगंज के जरहरी-खोटा नगला मार्ग की स्थिति भी दयनीय है। यहां भी करीब दो वर्ष पूर्व मुख्य मार्ग और गलियों को खोद दिया गया। मरम्मत के नाम पर पाइप लाइन के ऊपर मिट्टी डाल दी गई। करीब 18-20 लाख की लागत से बनाई गई ये गलियां अब चलने के लायक नहीं हैं।
फोटो-26 गांव चौसेपुर में खोदी गई सड़क। संवाद
मोहम्मदाबाद के चौसेपुर में तीन वर्ष से अधिक समय से गलियां उखड़ी पड़ी हैं। यहां अब तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। प्रधान आदेश कुमार ने बताया कि पूरे गांव की सड़कें खराब हैं। 15 से 20 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति बर्बाद हो चुकी है।
फोटो-27 राजू लाला।
त्यौरखास के राजू लाला ने बताया कि बरसात में ये गलियां कीचड़ में बदल जाएंगी। हादसों का खतरा बढ़ेगा और लोगों का निकलना मुश्किल हो जाएगा।
फोटो-28 अरविंद यादव।
नगला खोटा के पूर्व प्रधान अरविंद यादव ने कहा कि घरों के बाहर पाइप लाइन छोड़ दी गई, इससे पानी नालियों में बह रहा है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) सजन कुमार ने बताया कि जिन गांवों में पाइप लाइन बिछाने के बाद मरम्मत कार्य शेष है, वहां कार्यदायी संस्था को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बरसात से पहले प्राथमिकता के आधार पर सड़कों और गलियों की मरम्मत कराने का प्रयास किया जा रहा है।

फोटो-24 गांव त्यौरखास में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गली। संवाद

फोटो-24 गांव त्यौरखास में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गली। संवाद

फोटो-24 गांव त्यौरखास में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गली। संवाद

फोटो-24 गांव त्यौरखास में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गली। संवाद