{"_id":"697fa8225d4a259704066519","slug":"the-abandoned-house-collapsed-due-to-flooding-from-the-drain-farrukhabad-news-c-222-1-frk1012-136760-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: नाली का पानी भरने से बंद मकान ढहा, सामान नष्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: नाली का पानी भरने से बंद मकान ढहा, सामान नष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
फोटो-17 गांव नगला भूड़ में मलबे में दबे सामान को निकालते पति पत्नी। संवाद
विज्ञापन
कायमगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला भूड़ में सार्वजनिक नाली का पानी लंबे समय तक मकान की नींव में जाने से एक बंद मकान ढह गया। गनीमत रही कि बंद मकान गिरने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हादसे में मकान का लिंटर और दीवारें गिर गईं और सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया।
गांव नगला भूड़ निवासी सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि गांव में पिछली दिवाली के आसपास खड़ंजा निर्माण हुआ था पर उनके मकान के किनारे नाली नहीं बनाई गई। इससे पूरे गांव का पानी लगातार उनके मकान की दीवार से सटकर बहता रहा और नींव कमजोर हो गई। हादसे में घर में लगा हैंडपंप, बर्तन और अन्य गृहस्थी का सामान टूट गया। ग्रामीणों की सूचना पर सुरेंद्र सिंह अपनी पत्नी सरोजनी और बच्चों के साथ चंडीगढ़ से गांव आए। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन को शिकायत भेजकर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। सरोजनी ने बताया कि मकान बनवाने के लिए दो लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसे चुकाने के लिए वह पति के साथ चंडीगढ़ में काम कर रही थीं।
वहीं ग्राम प्रधान संगीता देवी के पति विनोद यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरेंद्र ने ग्राम सभा की जमीन में बढ़ाकर निर्माण कराया था और घूरे की जमीन पर बनी दीवार बारिश के दौरान ढह गई। उन्होंने कहा कि नाली टूटने की शिकायत की जाती तो उसे ठीक कराया जा सकता था।
Trending Videos
गांव नगला भूड़ निवासी सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि गांव में पिछली दिवाली के आसपास खड़ंजा निर्माण हुआ था पर उनके मकान के किनारे नाली नहीं बनाई गई। इससे पूरे गांव का पानी लगातार उनके मकान की दीवार से सटकर बहता रहा और नींव कमजोर हो गई। हादसे में घर में लगा हैंडपंप, बर्तन और अन्य गृहस्थी का सामान टूट गया। ग्रामीणों की सूचना पर सुरेंद्र सिंह अपनी पत्नी सरोजनी और बच्चों के साथ चंडीगढ़ से गांव आए। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन को शिकायत भेजकर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। सरोजनी ने बताया कि मकान बनवाने के लिए दो लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसे चुकाने के लिए वह पति के साथ चंडीगढ़ में काम कर रही थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं ग्राम प्रधान संगीता देवी के पति विनोद यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरेंद्र ने ग्राम सभा की जमीन में बढ़ाकर निर्माण कराया था और घूरे की जमीन पर बनी दीवार बारिश के दौरान ढह गई। उन्होंने कहा कि नाली टूटने की शिकायत की जाती तो उसे ठीक कराया जा सकता था।
