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Farrukhabad News: 1.30 करोड़ पहुंची गबन की रकम, जबकि कई किसान भूमिहीन
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:16 AM IST
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फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वर्ष 2024 में रबी के सीजन में 232 किसानों को 2.28 करोड़ मुआवजा दिया गया। इसमें जांच की गई तो 88 किसानों को किए गए भुगतान में करीब 1.30 करोड़ रुपये का गबन पकड़ा गया। अभी कई भूमिहीन किसानों को भुगतान का मामला सामने आ रहा है। इससे गबन की धनराशि और बढ़ने की आशंका है। बढ़पुर ब्लॉक के गांव अजमतपुर, कटरीगंगपुर में भी 12 से अधिक ऐसे किसान चिह्नित किए गए है, जिनके खाते में 50 हजार से लेकर एक लाख 80 हजार रुपये तक मुआवजा भेजा गया है।
जनपद में वर्ष 2024 में रबी सीजन में 8849 किसानों का एचडीएफसी एर्गो कंपनी ने फसलों का बीमा किया था। फसलों में नुकसान होने पर 232 किसानों के खाते में दो करोड़ 28 लाख रुपये मुआवजा भेजा गया। महोबा में फसल बीमा में गबन का खुलासा के बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने तीनों तहसीलों में नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की कमेटी गठित कर जांच कराई। इसमें बीमा कंपनी के कर्मचारियों व बैंक शाखा प्रबंधकों की मिलीभगत का खेल खुलकर सामने आ गया। 35 भूमिहीन किसानों के खाते में 68 लाख रुपये भेजकर गबन का खुलासा होने पर उपकृषि निदेशक ने फसल बीमा कंपनी के तीन कर्मचारी, बैंकों के नौ शाखा प्रबंधक व 32 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। जांच कमेटी फसल बीमा का लाभ लेने वाले 180 किसानों की कुंडली खंगाल रही है। इसमें ब्लॉक बढ़पुर के 41, कायमगंज के 14, कमालगंज व मोहम्मदाबाद के 25-25, नवाबगंज के 7, राजेपुर के 47 व शमसाबाद के 31 किसान शामिल हैं। इनमें 56 किसानों की मौके पर भूमि ही नहीं मिली, जबकि उन्हें 61 लाख से अधिक बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। यह किसान भी मात्र पांच गांव के हैं। इस मामले में कृषि विभाग से 12 बैंक कर्मियों को नोटिस भेजकर उनका पक्ष मांगा गया है। पता चला है कि अभी कई किसान ऐसे हैं जिनके खाते में एक लाख रुपये से अधिक मुआवजा भेजा गया है, इसके सापेक्ष उनके पास भूमि काफी कम है या फिर उस गांव में भूमि ही नहीं है। बढ़पुर ब्लॉक के गांव अजमतपुर, कटरीगंगपुर में भी 12 से अधिक ऐसे किसान हैं, जिनके खाते में 50 हजार से लेकर एक लाख 80 हजार रुपये तक मुआवजा भेजा गया है। वहीं कायमगंज ब्लॉक क्षेत्र के गांव मुड़ौल, मझोला, रुटौल, मंझना के कई किसान भी जांच से घिरे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि जांच अंतिम दौर में हैं। सभी तहसीलों से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही नियम विरुद्ध किए गए भुगतान की पूरी धनराशि की जानकारी हो सकेगी। बैंक शाखा प्रबंधकों से जवाब मांगा गया है। बैंक व बीमा कर्मियों सहित 44 के खिलाफ प्राथमिकी पहले से दर्ज है। शीघ्र ही अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद में वर्ष 2024 में रबी सीजन में 8849 किसानों का एचडीएफसी एर्गो कंपनी ने फसलों का बीमा किया था। फसलों में नुकसान होने पर 232 किसानों के खाते में दो करोड़ 28 लाख रुपये मुआवजा भेजा गया। महोबा में फसल बीमा में गबन का खुलासा के बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने तीनों तहसीलों में नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की कमेटी गठित कर जांच कराई। इसमें बीमा कंपनी के कर्मचारियों व बैंक शाखा प्रबंधकों की मिलीभगत का खेल खुलकर सामने आ गया। 35 भूमिहीन किसानों के खाते में 68 लाख रुपये भेजकर गबन का खुलासा होने पर उपकृषि निदेशक ने फसल बीमा कंपनी के तीन कर्मचारी, बैंकों के नौ शाखा प्रबंधक व 32 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। जांच कमेटी फसल बीमा का लाभ लेने वाले 180 किसानों की कुंडली खंगाल रही है। इसमें ब्लॉक बढ़पुर के 41, कायमगंज के 14, कमालगंज व मोहम्मदाबाद के 25-25, नवाबगंज के 7, राजेपुर के 47 व शमसाबाद के 31 किसान शामिल हैं। इनमें 56 किसानों की मौके पर भूमि ही नहीं मिली, जबकि उन्हें 61 लाख से अधिक बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। यह किसान भी मात्र पांच गांव के हैं। इस मामले में कृषि विभाग से 12 बैंक कर्मियों को नोटिस भेजकर उनका पक्ष मांगा गया है। पता चला है कि अभी कई किसान ऐसे हैं जिनके खाते में एक लाख रुपये से अधिक मुआवजा भेजा गया है, इसके सापेक्ष उनके पास भूमि काफी कम है या फिर उस गांव में भूमि ही नहीं है। बढ़पुर ब्लॉक के गांव अजमतपुर, कटरीगंगपुर में भी 12 से अधिक ऐसे किसान हैं, जिनके खाते में 50 हजार से लेकर एक लाख 80 हजार रुपये तक मुआवजा भेजा गया है। वहीं कायमगंज ब्लॉक क्षेत्र के गांव मुड़ौल, मझोला, रुटौल, मंझना के कई किसान भी जांच से घिरे हैं।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि जांच अंतिम दौर में हैं। सभी तहसीलों से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही नियम विरुद्ध किए गए भुगतान की पूरी धनराशि की जानकारी हो सकेगी। बैंक शाखा प्रबंधकों से जवाब मांगा गया है। बैंक व बीमा कर्मियों सहित 44 के खिलाफ प्राथमिकी पहले से दर्ज है। शीघ्र ही अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।