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Farrukhabad News: निसाई की प्रधान से 2.50 लाख की रिश्वत लेने वाला दरोगा भेजा जेल
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फोटो-24 दरोगा सुरेश चाहर। स्रोत: सोशल मीडिया
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फर्रुखाबाद। ग्रामसभा की जमीन को खाली कराने के एवज में ग्राम प्रधान से 2.50 लाख रुपये की रिश्वत लेने वाले मोहम्मदाबाद कोतवाली के दरोगा को जेल भेज दिया गया। सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय की अगुवाई वाली टीम ने कड़ी सुरक्षा में मंगलवार आधीरात को लोहिया अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण कराया। दोपहर में कानपुर के विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार अधिनियम न्यायालय में पेश किया गया। वहीं एसपी आरती सिंह ने दरोगा को निलंबित कर दिया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव निसाई की प्रधान गीता देवी से मोहम्मदाबाद कोतवाली के दरोगा सुरेश चाहर ने 75 हजार रुपये नकद और 1.75 लाख रुपये अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में लिए थे। यह रुपये करीब 15 बार में डलवाए गए। दरोगा की रिश्वतखोरी से परेशान प्रधान ने एडीजी कानपुर से ऑनलाइन खातों में रुपये भेजने के स्क्रीन शॉट सहित शिकायत की थी। पुलिस ने प्रधान से दूसरी तहरीर लेकर दरोगा सुरेश चाहर पर फतेहगढ़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। दरोगा को इसकी भनक लगी तो उसने जिला छोड़ दिया। वह आगरा की ओर जा रहा था तभी सर्विलांस की मदद से एसओजी ने मैनपुरी के बस अड्डा से गिरफ्तार कर लिया था। दरोगा को फतेहगढ़ कोतवाली में रखा गया।
मंगलवार रात करीब 12 बजे पुलिस बल दरोगा को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरी परीक्षण कराया गया। उसके शरीर पर एक भी चोट नहीं मिली। दरोगा सुरेश चाहर को लेकर बुधवार सुबह साढ़े सात बजे सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय की अगुवाई में पुलिस टीम कानपुर के लिए रवाना हो गई। कानपुर में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार अधिनियम न्यायालय में उसे पेश किया गया। वहां से न्यायाधीश के निर्देश पर उसे जेल भेज दिया गया। कर्नलगंज चौकी इंचार्ज मूलेंद्र चौहान ने बताया कि आरोपी दरोगा को जेल भेज दिया गया।
प्रधान की दूसरी शिकायत की भी चल रही गोपनीय जांच
प्रधान गीता देवी ने एक और शिकायती पत्र दिया है। उसमें कुछ अन्य अफसरों पर भी आरोप लगाए हैं। पुलिस इस मामले ने की भी गोपनीय जांच शुरू कर दी है। हालांकि इस मामले में जिम्मेदार कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
विभाग की बदनामी की वजह से आधी रात को कराई डॉक्टरी
फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस दरोगा सुरेश चाहर को कोतवाली में भी बेहद गोपनीय स्थान पर रखे रही। दिन में डॉक्टरी परीक्षण इसलिए नहीं कराया कि उसका फोटो सामने आने पर विभाग की बदनामी होती। हालांकि पुलिस अन्य हर अधिकारी का फोटो खिंचवाकर भिजवाती है। बदनामी से बचाने की वजह से ही उसका आधीरात को डॉक्टरी परीक्षण कराया गया।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव निसाई की प्रधान गीता देवी से मोहम्मदाबाद कोतवाली के दरोगा सुरेश चाहर ने 75 हजार रुपये नकद और 1.75 लाख रुपये अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में लिए थे। यह रुपये करीब 15 बार में डलवाए गए। दरोगा की रिश्वतखोरी से परेशान प्रधान ने एडीजी कानपुर से ऑनलाइन खातों में रुपये भेजने के स्क्रीन शॉट सहित शिकायत की थी। पुलिस ने प्रधान से दूसरी तहरीर लेकर दरोगा सुरेश चाहर पर फतेहगढ़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। दरोगा को इसकी भनक लगी तो उसने जिला छोड़ दिया। वह आगरा की ओर जा रहा था तभी सर्विलांस की मदद से एसओजी ने मैनपुरी के बस अड्डा से गिरफ्तार कर लिया था। दरोगा को फतेहगढ़ कोतवाली में रखा गया।
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मंगलवार रात करीब 12 बजे पुलिस बल दरोगा को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरी परीक्षण कराया गया। उसके शरीर पर एक भी चोट नहीं मिली। दरोगा सुरेश चाहर को लेकर बुधवार सुबह साढ़े सात बजे सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय की अगुवाई में पुलिस टीम कानपुर के लिए रवाना हो गई। कानपुर में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार अधिनियम न्यायालय में उसे पेश किया गया। वहां से न्यायाधीश के निर्देश पर उसे जेल भेज दिया गया। कर्नलगंज चौकी इंचार्ज मूलेंद्र चौहान ने बताया कि आरोपी दरोगा को जेल भेज दिया गया।
प्रधान की दूसरी शिकायत की भी चल रही गोपनीय जांच
प्रधान गीता देवी ने एक और शिकायती पत्र दिया है। उसमें कुछ अन्य अफसरों पर भी आरोप लगाए हैं। पुलिस इस मामले ने की भी गोपनीय जांच शुरू कर दी है। हालांकि इस मामले में जिम्मेदार कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
विभाग की बदनामी की वजह से आधी रात को कराई डॉक्टरी
फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस दरोगा सुरेश चाहर को कोतवाली में भी बेहद गोपनीय स्थान पर रखे रही। दिन में डॉक्टरी परीक्षण इसलिए नहीं कराया कि उसका फोटो सामने आने पर विभाग की बदनामी होती। हालांकि पुलिस अन्य हर अधिकारी का फोटो खिंचवाकर भिजवाती है। बदनामी से बचाने की वजह से ही उसका आधीरात को डॉक्टरी परीक्षण कराया गया।