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Fatehpur News: मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर 38 लाख की ठगी
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फतेहपुर। मेडिकल कॉलेज में दाखिले का झांसा देकर युवक के पिता से 38 लाख की ठगी की गई। कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने महिला समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
कोतवाली क्षेत्र के दक्षिणी गौतम नगर निवासी दीप सिंह ने बताया कि पुत्र आर्यन सिंह के नीट पास करने के बाद वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए संस्थान तलाश रहे थे। जुलाई में गूगल पर मिली एक वेबसाइट के नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले ने खुद को हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मऊ अटरिया सीतापुर से जुड़ा बताया और बेटे का दाखिला कराने का भरोसा दिया।
उन्हें लखनऊ के गोमती नगर स्थित विजयंत भवन की तीसरी मंजिल पर बने कार्यालय बुलाया गया। यहां सपना पाल और अभिनव शर्मा से मुलाकात हुई। अभिनव शर्मा ने प्रवेश के लिए 40 लाख खर्च बताया। इसके बाद 38 लाख में सहमति बनी।
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संस्थान के नाम पर 15 और 18 लाख रुपये के दो बैंक ड्राफ्ट तथा काउंसलिंग व अन्य प्रक्रिया के नाम पर पांच लाख रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए। जुलाई से अक्तूबर 2025 के बीच कुल 38 लाख देने के बाद उन्हें फीस जमा होने की रसीद भी दी गई।
एक नवंबर 2025 को बेटे आर्यन सिंह के साथ प्रवेश के लिए पहुंचने को कहा गया लेकिन उससे पहले अभिनव शर्मा का मोबाइल बंद हो गया। लखनऊ पहुंचने पर कार्यालय में ताला लटका मिला। इसके बाद ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस से कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। जांच में पता चला कि अभिनव शर्मा जालसाजी के कई मामलों में आरोपित है। वह प्रेम प्रकाश विद्यार्थी और राजीव सिंह समेत अन्य नामों से फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से ठगी कर चुका है और फिलहाल लखनऊ जेल में निरुद्ध है। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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कोतवाली क्षेत्र के दक्षिणी गौतम नगर निवासी दीप सिंह ने बताया कि पुत्र आर्यन सिंह के नीट पास करने के बाद वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए संस्थान तलाश रहे थे। जुलाई में गूगल पर मिली एक वेबसाइट के नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले ने खुद को हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मऊ अटरिया सीतापुर से जुड़ा बताया और बेटे का दाखिला कराने का भरोसा दिया।
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उन्हें लखनऊ के गोमती नगर स्थित विजयंत भवन की तीसरी मंजिल पर बने कार्यालय बुलाया गया। यहां सपना पाल और अभिनव शर्मा से मुलाकात हुई। अभिनव शर्मा ने प्रवेश के लिए 40 लाख खर्च बताया। इसके बाद 38 लाख में सहमति बनी।
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संस्थान के नाम पर 15 और 18 लाख रुपये के दो बैंक ड्राफ्ट तथा काउंसलिंग व अन्य प्रक्रिया के नाम पर पांच लाख रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए। जुलाई से अक्तूबर 2025 के बीच कुल 38 लाख देने के बाद उन्हें फीस जमा होने की रसीद भी दी गई।
एक नवंबर 2025 को बेटे आर्यन सिंह के साथ प्रवेश के लिए पहुंचने को कहा गया लेकिन उससे पहले अभिनव शर्मा का मोबाइल बंद हो गया। लखनऊ पहुंचने पर कार्यालय में ताला लटका मिला। इसके बाद ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस से कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। जांच में पता चला कि अभिनव शर्मा जालसाजी के कई मामलों में आरोपित है। वह प्रेम प्रकाश विद्यार्थी और राजीव सिंह समेत अन्य नामों से फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से ठगी कर चुका है और फिलहाल लखनऊ जेल में निरुद्ध है। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।