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Fatehpur News: वनरोज के झुंड से तबाह फसलें, किसानों की बढ़ी चिंता
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फोटो-04-गेंहू की पकी फसल में खड़ा नीलगायों का झुंड। संवाद
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हुसैनगंज। वनरोज के झुंड से किसान परेशान हैं। गेहूं की पकी खड़ी फसलों को ये झुंड रौंदकर बर्बाद कर रहे हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर अन्ना गोवंश परेशानी बढ़ा रहे हैं तो दूसरी ओर वनरोज खेतों में खड़ी फसलें नष्ट कर रहे हैं।
किसानों की खून-पसीने की मेहनत से तैयार फसलें वनरोजों के झुंड के कारण बर्बाद हो रही हैं। जिन खेतों से ये झुंड गुजरते हैं वहां पकी गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाती है। फसल बचाने के लिए किसान खेतों में पुतले तक खड़े कर रहे हैं लेकिन इनका भी कोई असर नहीं पड़ रहा। समय रहते नियंत्रण नहीं हुआ तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
फसल बचाने के लिए दिन-रात करते निगरानी
मकनपुर निवासी किसान बालराज लोधी का कहना है कि वनरोज से फसल बचाने के लिए दिन-रात निगरानी करनी पड़ती है। नीलगायों के डर से उरद, मूंग और हरी सब्जियों की खेती नहीं कर पाते। पकी फसल बर्बाद होते देख भी कुछ कर पाने की स्थिति नहीं रहती।
किसान फूलसिंह चौहान ने बताया कि अन्ना गोवंश और नंदी फसल खा जाते हैं और जो बचती है वह वनरोज नष्ट कर देते हैं। जोताई, खाद और पानी में लागत लगाने के बाद भी उत्पादन नहीं हो पाता। यदि इसी तरह नुकसान होता रहा तो खेती छोड़ने की नौबत आ जाएगी।
वनरोज के नियंत्रण को लेकर कोई ठोस व्यवस्था फिलहाल जानकारी में नहीं है। वन विभाग से जानकारी लेकर इस पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
- शकील अहमद, खंड विकास अधिकारी भिटौरा।
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किसानों की खून-पसीने की मेहनत से तैयार फसलें वनरोजों के झुंड के कारण बर्बाद हो रही हैं। जिन खेतों से ये झुंड गुजरते हैं वहां पकी गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाती है। फसल बचाने के लिए किसान खेतों में पुतले तक खड़े कर रहे हैं लेकिन इनका भी कोई असर नहीं पड़ रहा। समय रहते नियंत्रण नहीं हुआ तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
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फसल बचाने के लिए दिन-रात करते निगरानी
मकनपुर निवासी किसान बालराज लोधी का कहना है कि वनरोज से फसल बचाने के लिए दिन-रात निगरानी करनी पड़ती है। नीलगायों के डर से उरद, मूंग और हरी सब्जियों की खेती नहीं कर पाते। पकी फसल बर्बाद होते देख भी कुछ कर पाने की स्थिति नहीं रहती।
किसान फूलसिंह चौहान ने बताया कि अन्ना गोवंश और नंदी फसल खा जाते हैं और जो बचती है वह वनरोज नष्ट कर देते हैं। जोताई, खाद और पानी में लागत लगाने के बाद भी उत्पादन नहीं हो पाता। यदि इसी तरह नुकसान होता रहा तो खेती छोड़ने की नौबत आ जाएगी।
वनरोज के नियंत्रण को लेकर कोई ठोस व्यवस्था फिलहाल जानकारी में नहीं है। वन विभाग से जानकारी लेकर इस पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
- शकील अहमद, खंड विकास अधिकारी भिटौरा।

फोटो-04-गेंहू की पकी फसल में खड़ा नीलगायों का झुंड। संवाद