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Fatehpur News: बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी की जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी
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फोटो-28-शहर के शादीपुर चौराहा स्थित भूतल में चल रही कोचिंग सेंटर। संवाद
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फतेहपुर। लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने शुरुआती दौर में जांच अभियान तेज किया। सदर और खागा तहसील क्षेत्र में जांच के दौरान छह लाइब्रेरी सील की गईं। वहीं तीन लाइब्रेरी समेत बेसमेंट में संचालित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित करीब 15 संस्थानों को सुरक्षा मानक पूरे करने के लिए नोटिस जारी किए गए।
इस मामले में संयुक्त टीम ने जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम कार्यालय को सौंप दी है। हालांकि फिलहाल जांच अभियान सुस्त पड़ गया है और बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं।
जिले में बेसमेंट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। कई कोचिंग, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम, अस्पताल और अन्य प्रतिष्ठान बेसमेंट या प्रथम तल पर ऐसे भवनों में संचालित हैं। यहां आने-जाने के लिए केवल एक संकरा रास्ता है। शादीपुर रोड समेत कई स्थानों पर भी बेसमेंट में संस्थान संचालित हो रहे हैं।
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जिले में करीब 350 होटल संचालित हैं। इनमें से केवल आठ के पास ही फायर विभाग की एनओसी है। दमकल विभाग के अनुसार शहर के करीब 60 होटल और मैरिज हॉल को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई संस्थानों ने अब तक फायर एनओसी नहीं ली है।
एफएसओ दीपक कुमार ने बताया कि फायर एनओसी नहीं होने पर पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाता है। इसके बाद दोबारा नोटिस जारी किया जाता है। अग्नि सुरक्षा मानक पूरे नहीं होने पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाती है। इसके बाद प्रतिष्ठान को सील करने का आदेश जारी होता है।
संयुक्त टीमों ने अभियान के तहत प्रतिष्ठानों और लाइब्रेरी की जांच की है। मानक विहीन लाइब्रेरी सील की गई हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर टीम की ओर से डीएम कार्यालय भेजी गई है। अभियान के तहत जांच प्रक्रिया जारी है। कई लोग दूसरे रास्ते बनवा रहे हैं। बेसमेंट में किसी भी संस्थान का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
- जसबीर सिंह, सीएफओ।
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इस मामले में संयुक्त टीम ने जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम कार्यालय को सौंप दी है। हालांकि फिलहाल जांच अभियान सुस्त पड़ गया है और बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं।
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जिले में बेसमेंट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। कई कोचिंग, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम, अस्पताल और अन्य प्रतिष्ठान बेसमेंट या प्रथम तल पर ऐसे भवनों में संचालित हैं। यहां आने-जाने के लिए केवल एक संकरा रास्ता है। शादीपुर रोड समेत कई स्थानों पर भी बेसमेंट में संस्थान संचालित हो रहे हैं।
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जिले में करीब 350 होटल संचालित हैं। इनमें से केवल आठ के पास ही फायर विभाग की एनओसी है। दमकल विभाग के अनुसार शहर के करीब 60 होटल और मैरिज हॉल को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई संस्थानों ने अब तक फायर एनओसी नहीं ली है।
एफएसओ दीपक कुमार ने बताया कि फायर एनओसी नहीं होने पर पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाता है। इसके बाद दोबारा नोटिस जारी किया जाता है। अग्नि सुरक्षा मानक पूरे नहीं होने पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाती है। इसके बाद प्रतिष्ठान को सील करने का आदेश जारी होता है।
संयुक्त टीमों ने अभियान के तहत प्रतिष्ठानों और लाइब्रेरी की जांच की है। मानक विहीन लाइब्रेरी सील की गई हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर टीम की ओर से डीएम कार्यालय भेजी गई है। अभियान के तहत जांच प्रक्रिया जारी है। कई लोग दूसरे रास्ते बनवा रहे हैं। बेसमेंट में किसी भी संस्थान का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
- जसबीर सिंह, सीएफओ।