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Fatehpur News: तेलियानी पीएचसी के डॉक्टर समेत 16 कर्मचारियों को नोटिस जारी
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फतेहपुर। पोलियो अभियान के तहत बूथ दिवस पर सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने तेलियानी पीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान ड्यूटी के बाद भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति और जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला सामने आया।
निरीक्षण के दौरान पीएचसी में केवल 10 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई थी। डॉ. हरीतमा गुप्ता (चिकित्सीय अवकाश), एमओ डॉ. मुकेश वर्मा (चिकित्सीय अवकाश), एमओ डॉ. कहकसा परवीन, एसटीएस राजेश पटेल, पीएमडब्ल्यू अभिषेक सिंह, बीसीपीएम भवानी शंकर, एमओ आयुष डॉ. पियूष अग्रवाल, एमएस अतुल श्रीवास्तव, एआरओ मयंक प्रताप, एलएसवी सुमित्रा, गीता, रमाकांती, एचएस बृजकिशोर, एएनएम वंदना, बीएचडब्ल्यूडी अतुल सिंह और शिवानी वर्मा अनुपस्थित मिले।
निरीक्षण में प्रचार-प्रसार सामग्री अव्यवस्थित मिली और परिसर की सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। पीएचसी प्रभारी के वैक्सीन वितरण लॉगबुक पर हस्ताक्षर भी नहीं मिले। प्रसव कक्ष में जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर कंप्यूटर ऑपरेटर की ओर से 700 रुपये वसूले जाने का आरोप सामने आया। सीएमओ ने प्रसव रजिस्टर की जांच के दौरान चार अप्रैल को रजोली के प्रसव का रिकॉर्ड देखा और फोन पर प्रसूता से पूछताछ की। इसमें रिश्वत लेने की पुष्टि होने की बात सामने आई।
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सीएमओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर सभी 16 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के भीतर अवकाश पर रहे या अन्य संबंधित कर्मचारी अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान पीएचसी में केवल 10 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई थी। डॉ. हरीतमा गुप्ता (चिकित्सीय अवकाश), एमओ डॉ. मुकेश वर्मा (चिकित्सीय अवकाश), एमओ डॉ. कहकसा परवीन, एसटीएस राजेश पटेल, पीएमडब्ल्यू अभिषेक सिंह, बीसीपीएम भवानी शंकर, एमओ आयुष डॉ. पियूष अग्रवाल, एमएस अतुल श्रीवास्तव, एआरओ मयंक प्रताप, एलएसवी सुमित्रा, गीता, रमाकांती, एचएस बृजकिशोर, एएनएम वंदना, बीएचडब्ल्यूडी अतुल सिंह और शिवानी वर्मा अनुपस्थित मिले।
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निरीक्षण में प्रचार-प्रसार सामग्री अव्यवस्थित मिली और परिसर की सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। पीएचसी प्रभारी के वैक्सीन वितरण लॉगबुक पर हस्ताक्षर भी नहीं मिले। प्रसव कक्ष में जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर कंप्यूटर ऑपरेटर की ओर से 700 रुपये वसूले जाने का आरोप सामने आया। सीएमओ ने प्रसव रजिस्टर की जांच के दौरान चार अप्रैल को रजोली के प्रसव का रिकॉर्ड देखा और फोन पर प्रसूता से पूछताछ की। इसमें रिश्वत लेने की पुष्टि होने की बात सामने आई।
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सीएमओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर सभी 16 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के भीतर अवकाश पर रहे या अन्य संबंधित कर्मचारी अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।