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Fatehpur News: पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगी करने वाले महिला समेत तीन गिरफ्तार
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फतेहपुर। मलवां पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का रविवार को खुलासा करते हुए महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस अधिकारी बनकर मोबाइल पर लोगों को कॉल करते थे।
कॉल के दौरान अश्लील वीडियो देखने के आरोप में जेल भेजने की धमकी देकर कार्रवाई से बचाने के नाम पर ऑनलाइन रुपये वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल और तीन सिमकार्ड बरामद किए हैं। आरोपी जिले के साथ ही गैरप्रांत के लोगों को भी अपना शिकार बनाते थे।
साइबर सेल के दरोगा प्रभांशु शुक्ला ने बताया कि साइबर अपराध की सूचना पर बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के डीघ गांव निवासी किशन को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में किशन ने मलवां थाना क्षेत्र के धरमपुर मजरे तारापुर गांव निवासी आशीष और उसकी बहन अनीता को गिरोह का गुर्गा बताया। इसके बाद पुलिस ने अनीता और आशीष को गिरफ्तार कर लिया।
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किशन ने बताया कि दो अगस्त को अपने आधार कार्ड पर दो सिम निकलवाकर अनीता को दिए थे। इसके बदले अनीता उसे रुपये देती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के लोग पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते और अश्लील फिल्म या वीडियो देखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी देते थे। कार्रवाई से बचाने के नाम पर ऑनलाइन रुपये की मांग की जाती थी।
पुलिस ने अनीता और आशीष से जुड़े कई मोबाइल नंबरों की सर्विलांस और सीडीआर के माध्यम से जांच की। इसमें कुछ नंबर अनीता, आशीष और सुनीता देवी के नाम पर मिले। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर जांच करने पर अनीता के नंबर पर महाराष्ट्र के आयुष व प्रवीण गायकवाड़, आशीष के नंबर पर हिमाचल प्रदेश के राजीव कुमार और सुनीता के नंबर पर छत्तीसगढ़ के बिकुन बहरा की शिकायतें दर्ज मिलीं।
शिकायतों में आरोपियों पर पुलिस अधिकारी बनकर डराने-धमकाने और ऑनलाइन रुपये की उगाही का आरोप था। आरोपियों ने बताया कि सिम का इस्तेमाल करने के बाद ब्लॉक होने पर दूसरों के नाम से लिए गए सिम का इस्तेमाल करते थे। कुछ अन्य लोगों द्वारा सिमकार्ड उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने अनीता के पास से तीन मोबाइल व दो सिमकार्ड और आशीष के पास से दो मोबाइल व एक सिमकार्ड बरामद किया है। थानाध्यक्ष रमाशंकर सरोज ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश की जा रही है।
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कॉल के दौरान अश्लील वीडियो देखने के आरोप में जेल भेजने की धमकी देकर कार्रवाई से बचाने के नाम पर ऑनलाइन रुपये वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल और तीन सिमकार्ड बरामद किए हैं। आरोपी जिले के साथ ही गैरप्रांत के लोगों को भी अपना शिकार बनाते थे।
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साइबर सेल के दरोगा प्रभांशु शुक्ला ने बताया कि साइबर अपराध की सूचना पर बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के डीघ गांव निवासी किशन को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में किशन ने मलवां थाना क्षेत्र के धरमपुर मजरे तारापुर गांव निवासी आशीष और उसकी बहन अनीता को गिरोह का गुर्गा बताया। इसके बाद पुलिस ने अनीता और आशीष को गिरफ्तार कर लिया।
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किशन ने बताया कि दो अगस्त को अपने आधार कार्ड पर दो सिम निकलवाकर अनीता को दिए थे। इसके बदले अनीता उसे रुपये देती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के लोग पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते और अश्लील फिल्म या वीडियो देखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी देते थे। कार्रवाई से बचाने के नाम पर ऑनलाइन रुपये की मांग की जाती थी।
पुलिस ने अनीता और आशीष से जुड़े कई मोबाइल नंबरों की सर्विलांस और सीडीआर के माध्यम से जांच की। इसमें कुछ नंबर अनीता, आशीष और सुनीता देवी के नाम पर मिले। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर जांच करने पर अनीता के नंबर पर महाराष्ट्र के आयुष व प्रवीण गायकवाड़, आशीष के नंबर पर हिमाचल प्रदेश के राजीव कुमार और सुनीता के नंबर पर छत्तीसगढ़ के बिकुन बहरा की शिकायतें दर्ज मिलीं।
शिकायतों में आरोपियों पर पुलिस अधिकारी बनकर डराने-धमकाने और ऑनलाइन रुपये की उगाही का आरोप था। आरोपियों ने बताया कि सिम का इस्तेमाल करने के बाद ब्लॉक होने पर दूसरों के नाम से लिए गए सिम का इस्तेमाल करते थे। कुछ अन्य लोगों द्वारा सिमकार्ड उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने अनीता के पास से तीन मोबाइल व दो सिमकार्ड और आशीष के पास से दो मोबाइल व एक सिमकार्ड बरामद किया है। थानाध्यक्ष रमाशंकर सरोज ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश की जा रही है।