{"_id":"69cac1bee542a8e9710c052f","slug":"a-forged-cheque-was-used-in-court-to-end-a-maintenance-case-with-the-father-and-uncle-accused-of-fraud-firozabad-news-c-169-1-mt11005-171251-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: अदालत में फर्जी चेक देकर भरण-पोषण का मुकदमा कराया खत्म, पिता और चाचा पर धोखाधड़ी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: अदालत में फर्जी चेक देकर भरण-पोषण का मुकदमा कराया खत्म, पिता और चाचा पर धोखाधड़ी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। जनपद के न्यायालय परिसर में धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक बेटी ने अपने सगे पिता और चाचा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भरण-पोषण के मुकदमे को खत्म कराने के लिए अदालत में 84 हजार रुपये का फर्जी चेक जमा कर दिया। बैंक द्वारा चेक को फर्जी बताए जाने के बाद पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अर्जी दी। कोर्ट के आदेश पर थाना मटसैना में आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।
एटा जिले के अवागढ़ निवासी पूजा यादव ने अपर सिविल जज (सीनियर डिविजन) के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया। आरोप था कि उसने और उसकी मां श्रम देवी ने अपने पिता देवेंद्र सिंह यादव (सहायक अध्यापक, रुद्रपुर, थाना एका) के खिलाफ भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया था। मुकदमे के दौरान देवेंद्र सिंह और उसके सहयोगी भाई अनार सिंह यादव ने साजिश रचकर एक फर्जी चेक तैयार किया। 30 जनवरी 2026 को उन्होंने 84 हजार रुपये का चेक अदालत में पेश किया। पूरी धनराशि जमा होने की बात मानकर न्यायालय ने उसी दिन मुकदमा समाप्त कर दिया। जब उक्त चेक को भुगतान के लिए केनरा बैंक, अवागढ़ में लगाया, तो शाखा प्रबंधक ने उसे फर्जी प्रिंटेड चेक बताकर वापस कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के साथ भारतीय स्टेट बैंक, सिविल लाइन फिरोजाबाद में भी चेक की जांच कराई। वहां भी बैंक अधिकारियों ने चेक के फर्जी होने की पुष्टि की।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जब विपक्षी देवेंद्र सिंह को चेक फर्जी होने की जानकारी दी गई, तो उसने हंसते हुए इसे सही बताया। पीड़िता का आरोप है कि उसके पिता और चाचा ने जानबूझकर उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाने और स्वयं को लाभ देने के लिए अदालत को गुमराह किया है। इंस्पेक्टर विमलेश त्रिपाठी के अनुसार मामले में तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
Trending Videos
एटा जिले के अवागढ़ निवासी पूजा यादव ने अपर सिविल जज (सीनियर डिविजन) के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया। आरोप था कि उसने और उसकी मां श्रम देवी ने अपने पिता देवेंद्र सिंह यादव (सहायक अध्यापक, रुद्रपुर, थाना एका) के खिलाफ भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया था। मुकदमे के दौरान देवेंद्र सिंह और उसके सहयोगी भाई अनार सिंह यादव ने साजिश रचकर एक फर्जी चेक तैयार किया। 30 जनवरी 2026 को उन्होंने 84 हजार रुपये का चेक अदालत में पेश किया। पूरी धनराशि जमा होने की बात मानकर न्यायालय ने उसी दिन मुकदमा समाप्त कर दिया। जब उक्त चेक को भुगतान के लिए केनरा बैंक, अवागढ़ में लगाया, तो शाखा प्रबंधक ने उसे फर्जी प्रिंटेड चेक बताकर वापस कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के साथ भारतीय स्टेट बैंक, सिविल लाइन फिरोजाबाद में भी चेक की जांच कराई। वहां भी बैंक अधिकारियों ने चेक के फर्जी होने की पुष्टि की।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जब विपक्षी देवेंद्र सिंह को चेक फर्जी होने की जानकारी दी गई, तो उसने हंसते हुए इसे सही बताया। पीड़िता का आरोप है कि उसके पिता और चाचा ने जानबूझकर उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाने और स्वयं को लाभ देने के लिए अदालत को गुमराह किया है। इंस्पेक्टर विमलेश त्रिपाठी के अनुसार मामले में तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।