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Firozabad News: कैप्टन के दोस्त के अलावा पत्नी ने दूतावास से 20 बार की अधिक की थी बात
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:29 PM IST
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टूंडला में मृतक कैप्टन विकास की पत्नी ममता व बेटी आंशीसंवाद
- फोटो : टूंडला में मृतक कैप्टन विकास की पत्नी ममता व बेटी आंशी संवाद
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टूंडला। आबू धाबी के अस्पताल में बीमारी के कारण असमय जान गंवाने वाले जैनगली निवासी मर्चेंट नेवी के कैप्टन विकास जैन का पार्थिव शरीर करीब डेढ़ महीने के लंबे इंतजार के बाद उनके पैतृक निवास टूंडला पहुंचा। कैप्टन की पत्नी ममता जैन ने सुबकते हुए बताया कि उनकी शादी नवंबर 2021 में हुई थी और उनकी एक तीन वर्षीय मासूम बेटी आंशी है। पिछले 30 वर्षों से मर्चेंट नेवी में सेवाएं दे रहे विकास की पत्नी से अंतिम बार बातचीत 11 मार्च को हुई थी। कंपनी द्वारा लगातार दूसरी बार आबूधाबी भेज दिए जाने के कारण वह घर नहीं आ सके थे और बीच-बीच में उनकी तबीयत भी खराब रहती थी।
काफी समय तक मोबाइल पर संपर्क न होने पर ममता ने विकास के सहकर्मी कैप्टन मनोज यादव से संपर्क साधा। ममता ने खुद आबूधाबी दूतावास में 20 से अधिक बार वार्ता की, जिसके बाद लंबी कोशिशों से पता चला कि दुबई के एक अस्पताल में बीमारी से उनका निधन हो चुका है। ममता ने आशंका जताई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण शव को भारत लाने में इतनी देरी हुई। इससे पहले विकास वर्ष 2025 में चीन की यात्रा से लौटकर घर आए थे। आखिरकार कैप्टन मनोज यादव के विशेष प्रयासों से शव को फ्लाइट द्वारा दिल्ली और वहां से एम्बुलेंस के जरिए टूंडला लाया गया। डीप फ्रीजर में होने के कारण शव सुरक्षित था। इस मर्मस्पर्शी घटना और पिता की मौत से अनजान मासूम आंशी के सवालों से लाचार मां ममता पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिससे पूरे जैनगली इलाके में शोक की लहर है।
काफी समय तक मोबाइल पर संपर्क न होने पर ममता ने विकास के सहकर्मी कैप्टन मनोज यादव से संपर्क साधा। ममता ने खुद आबूधाबी दूतावास में 20 से अधिक बार वार्ता की, जिसके बाद लंबी कोशिशों से पता चला कि दुबई के एक अस्पताल में बीमारी से उनका निधन हो चुका है। ममता ने आशंका जताई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण शव को भारत लाने में इतनी देरी हुई। इससे पहले विकास वर्ष 2025 में चीन की यात्रा से लौटकर घर आए थे। आखिरकार कैप्टन मनोज यादव के विशेष प्रयासों से शव को फ्लाइट द्वारा दिल्ली और वहां से एम्बुलेंस के जरिए टूंडला लाया गया। डीप फ्रीजर में होने के कारण शव सुरक्षित था। इस मर्मस्पर्शी घटना और पिता की मौत से अनजान मासूम आंशी के सवालों से लाचार मां ममता पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिससे पूरे जैनगली इलाके में शोक की लहर है।
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