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Firozabad News: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर जागा शिक्षा विभाग, स्कूलों में छापा
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 07 Apr 2026 11:48 PM IST
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स्कूल में अभिभावकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते बीएसए आशीष पांडेय। स्रोत संवाद
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शिकोहाबाद। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों के शोषण के खिलाफ शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूलों पर नकेल कसी। किताब-कॉपियों से लेकर बसों के सफर तक में बड़े खेल की शिकायत मिलने पर मंगलवार को बीएसए और डीआईओएस की संयुक्त टीम ने शहर के नामी स्कूलों में छापा मारा। कार्रवाई से स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है। अधिकारी अब स्कूल संचालकों को नोटिस थमाने की तैयारी में जुट गए हैं।
बीएसए फिरोजाबाद आशीष पांडेय और डीआईओएस धीरेंद्र कुमार ने नायब तहसीलदार नितिन चौधरी के साथ हाईवे स्थित सेंट डॉमेनिक स्कूल पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के अभिभावकों पर दबाव बनाकर किताब-कॉपियां सिर्फ चुनिंदा दुकानों से ही खरीदवा रहा था। यही नहीं, बच्चों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा था। स्कूल में डग्गामार वाहनों और बिना फिटनेस वाली बसों से नौनिहालों को सफर कराया जा रहा था। यह देख अधिकारियों ने एआरटीओ प्रशासन की टीम को मौके पर बुला लिया। सेंट डॉमेनिक स्कूल में पहुंचे एआरटीओ इंस्पेक्टर शिवराम गुर्जर की टीम ने बसों की जांच की, जिसमें एक बसें अनफिट पाई गई। अन्य बसों की जांच की जा रही है। सेंट डॉमेनिक स्कूल की एक बस पर 24 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर बस को सीज कर दिया गया। इसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने बस स्टैंड के पास स्थित एसएसजे स्कूल में भी जांच की। यहां भी किताब-कॉपियों समेत स्कूल बैग, एडमिशन फॉर्म के नाम पर जोरों पर अभिभावकों से वसूली का काम चल रहा था।
बेसमेंट में चल रही थीं कक्षाएं
शिकोहाबाद। एसएसजे स्कूल में एडमिशन फॉर्म के नाम पर 300 रुपये वसूले जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल में तीन कक्षाएं बेसमेंट में संचालित थीं, जबकि बेसमेंट में कक्षाओं के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। इतना ही नहीं बच्चों को स्कूल से ही बैग व अन्य सामान लेने को बाध्य किया जा रहा था।
सेंट डॉमेनिक स्कूल में जांच में सामने आया कि एक चुनिंदा दुकानदार से ही सभी बच्चों को सभी पाठ्य सामग्री दी जा रही है। स्कूल में 15 बसें एवं 10 से अधिक डग्गामार वाहन हैं, जिनसे बच्चों को स्कूल लाया जा रहा है। जिनकी फिटनेस की जांच एआरटीओ विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। दोनों स्कूलों और संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। जवाब न देने पर इन स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र कुमार, डीआईओएस, फिरोजाबाद
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बीएसए फिरोजाबाद आशीष पांडेय और डीआईओएस धीरेंद्र कुमार ने नायब तहसीलदार नितिन चौधरी के साथ हाईवे स्थित सेंट डॉमेनिक स्कूल पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के अभिभावकों पर दबाव बनाकर किताब-कॉपियां सिर्फ चुनिंदा दुकानों से ही खरीदवा रहा था। यही नहीं, बच्चों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा था। स्कूल में डग्गामार वाहनों और बिना फिटनेस वाली बसों से नौनिहालों को सफर कराया जा रहा था। यह देख अधिकारियों ने एआरटीओ प्रशासन की टीम को मौके पर बुला लिया। सेंट डॉमेनिक स्कूल में पहुंचे एआरटीओ इंस्पेक्टर शिवराम गुर्जर की टीम ने बसों की जांच की, जिसमें एक बसें अनफिट पाई गई। अन्य बसों की जांच की जा रही है। सेंट डॉमेनिक स्कूल की एक बस पर 24 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर बस को सीज कर दिया गया। इसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने बस स्टैंड के पास स्थित एसएसजे स्कूल में भी जांच की। यहां भी किताब-कॉपियों समेत स्कूल बैग, एडमिशन फॉर्म के नाम पर जोरों पर अभिभावकों से वसूली का काम चल रहा था।
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बेसमेंट में चल रही थीं कक्षाएं
शिकोहाबाद। एसएसजे स्कूल में एडमिशन फॉर्म के नाम पर 300 रुपये वसूले जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल में तीन कक्षाएं बेसमेंट में संचालित थीं, जबकि बेसमेंट में कक्षाओं के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। इतना ही नहीं बच्चों को स्कूल से ही बैग व अन्य सामान लेने को बाध्य किया जा रहा था।
सेंट डॉमेनिक स्कूल में जांच में सामने आया कि एक चुनिंदा दुकानदार से ही सभी बच्चों को सभी पाठ्य सामग्री दी जा रही है। स्कूल में 15 बसें एवं 10 से अधिक डग्गामार वाहन हैं, जिनसे बच्चों को स्कूल लाया जा रहा है। जिनकी फिटनेस की जांच एआरटीओ विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। दोनों स्कूलों और संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। जवाब न देने पर इन स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र कुमार, डीआईओएस, फिरोजाबाद