{"_id":"6a32de33aefd04580c0e3aa4","slug":"farmers-create-a-ruckus-over-non-receipt-of-compensation-threaten-self-immolation-firozabad-news-c-169-1-vrn1001-177484-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: मुआवजा न मिलने पर किसानों का हंगामा, आत्मदाह की धमकी दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: मुआवजा न मिलने पर किसानों का हंगामा, आत्मदाह की धमकी दी
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। स्रोत संवाद
- फोटो : एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। स्रोत संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शिकोहाबाद। फ्लाईओवर निर्माण के लिए ली गई जमीन का मुआवजा न मिलने पर गांव आरौंज में पिछले 50 दिनों से चल रहे धरना स्थल पर बुधवार को हंगामे के हालात बन गए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने किसानों को पैमाइश के नाम पर गुमराह कर फ्लाईओवर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। विरोध में किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया। नाराज एक किसान ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली।
गांव आरौंज में पिछले 50 दिनों से भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले किसान मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एवं राजस्व विभाग की टीम भूमि की पैमाइश कर चुकी है। बावजूद इसके किसानों की मुआवजे की मांग पूरी नहीं हो सकी है। बुधवार को भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम द्वारा भूमि की पैमाइश एनएचएआई के सर्वेयर मेहताब मिर्जा द्वारा होनी थी, लेकिन किसानों का आरोप है कि पैमाइश की बात कहकर एनएचएआई के अधिकारियों ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। किसानों ने हंगामा करते हुए कार्य को बंद करा दिया। एनएचएआई के अधिकारी और किसान आमने-सामने आ गए। नौबत यहां तक आ गई कि एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप यादव को भी मौके से हटना पड़ा। कुछ ही देर बाद एसडीएम शिकोहाबाद डॉ. गजेंद्रपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने किसानों को समझाते हुए निर्माण कार्य को पुनः शुरू करा दिया। जिसके बाद एनएचएआई का बुलडोजर और हाइड्रा निर्माण कार्य में जुट गया।
भाकियू नेता ने कहा कि किसानों के साथ हो रहा अन्याय
भारतीय किसान यूनियन (भानु) ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने बताया कि एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन पैमाइश के नाम पर निर्माण कार्य शुरू कराना गलत है। किसानों को मुआवजा दिलाए बिना कार्य कराना अनुचित है।
विज्ञापन
पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लूंगा......
एनएचएआई के अधिकारियों और किसानों के बीच हुए विवाद में एसडीएम ने मौके पर आकर हस्तक्षेप किया। जिन्होंने किसानों को समझाकर काम तो शुरू करा दिया, लेकिन उनकी बातों से किसान धर्मेंद्र यादव असहमत रहे। उन्होंने मौके पर ही कहा कि मुझे न्याय नहीं मिला, तो अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लूंगा।
किसानों की मांग है कि उन्हें मुआवजा मिले, इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए पैमाइश कराई जा रही है। जिसकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी जाएगी। वहां से निर्धारित होने के बाद किसानों को मुआवजा दिलाया जा सकेगा।
संदीप यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, आगरा
अब इस मसले का हल निकालने के लिए जीपीएस के माध्यम से पैमाइश कराई जा रही है। इसके लिए अपर जिलाधिकारी वित्त फिरोजाबाद के निर्देशन में पांच सदस्यीय समिति बनाई है। वह अपनी रिपोर्ट देगी। इसके साथ ही किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. गजेंद्रपाल सिंह, एसडीएम, शिकोहाबाद
गांव आरौंज में पिछले 50 दिनों से भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले किसान मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एवं राजस्व विभाग की टीम भूमि की पैमाइश कर चुकी है। बावजूद इसके किसानों की मुआवजे की मांग पूरी नहीं हो सकी है। बुधवार को भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम द्वारा भूमि की पैमाइश एनएचएआई के सर्वेयर मेहताब मिर्जा द्वारा होनी थी, लेकिन किसानों का आरोप है कि पैमाइश की बात कहकर एनएचएआई के अधिकारियों ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। किसानों ने हंगामा करते हुए कार्य को बंद करा दिया। एनएचएआई के अधिकारी और किसान आमने-सामने आ गए। नौबत यहां तक आ गई कि एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप यादव को भी मौके से हटना पड़ा। कुछ ही देर बाद एसडीएम शिकोहाबाद डॉ. गजेंद्रपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने किसानों को समझाते हुए निर्माण कार्य को पुनः शुरू करा दिया। जिसके बाद एनएचएआई का बुलडोजर और हाइड्रा निर्माण कार्य में जुट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू नेता ने कहा कि किसानों के साथ हो रहा अन्याय
भारतीय किसान यूनियन (भानु) ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने बताया कि एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन पैमाइश के नाम पर निर्माण कार्य शुरू कराना गलत है। किसानों को मुआवजा दिलाए बिना कार्य कराना अनुचित है।
पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लूंगा......
एनएचएआई के अधिकारियों और किसानों के बीच हुए विवाद में एसडीएम ने मौके पर आकर हस्तक्षेप किया। जिन्होंने किसानों को समझाकर काम तो शुरू करा दिया, लेकिन उनकी बातों से किसान धर्मेंद्र यादव असहमत रहे। उन्होंने मौके पर ही कहा कि मुझे न्याय नहीं मिला, तो अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लूंगा।
किसानों की मांग है कि उन्हें मुआवजा मिले, इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए पैमाइश कराई जा रही है। जिसकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी जाएगी। वहां से निर्धारित होने के बाद किसानों को मुआवजा दिलाया जा सकेगा।
संदीप यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, आगरा
अब इस मसले का हल निकालने के लिए जीपीएस के माध्यम से पैमाइश कराई जा रही है। इसके लिए अपर जिलाधिकारी वित्त फिरोजाबाद के निर्देशन में पांच सदस्यीय समिति बनाई है। वह अपनी रिपोर्ट देगी। इसके साथ ही किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. गजेंद्रपाल सिंह, एसडीएम, शिकोहाबाद