{"_id":"6a46d60076a1f02f450e872a","slug":"firojabad-news-fire-safty-firozabad-news-c-169-1-mt11005-178699-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: स्कूल, लाइब्रेरी और होटलों में जांची फायर सेफ्टी, मिलीं गंभीर खामियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: स्कूल, लाइब्रेरी और होटलों में जांची फायर सेफ्टी, मिलीं गंभीर खामियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिकोहाबाद। जिले के विभिन्न प्रकार के सामुदायिक एवं सार्वजनिक संस्थानों यथा- कॉलेज, विद्यालय, अस्पताल, कोचिंग सेंटर, सिनेमा घर, होटल, ढाबा/रेस्टोरेंट व मल्टी स्टोरी आवासीय व वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्सों में अग्निसुरक्षा जांच अभियान जारी है। बृहस्पतिवार को अभियान के तहत अग्निशमन केंद्र शिकोहाबाद की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। क्षेत्र की प्रमुख लाइब्रेरी, एकेडमी और होटलों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा उपकरणों की विधिक स्थिति जांची। कई नामचीन संस्थानों में भारी लापरवाही और खामियां उजागर हुई हैं।
बालाजी लाइब्रेरी (रैहटटी, शिकोहाबाद) बहुमंजिला भवन के बेसमेंट में गोदाम, भूतल पर लाइब्रेरी तथा प्रथम व द्वितीय तल पर आवास संचालित मिली। जांच में पाया कि यहां अग्निशमन की कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है और भवन में स्मोक व फायर अलार्म सिस्टम भी नदारद मिला। सैनिक लाइब्रेरी (एटा रोड, शिकोहाबाद) भवन के बेसमेंट में लाइब्रेरी और भूतल पर हॉल बना हुआ है। यहां टीम को 4 अग्निशमन यंत्र तो टंगे मिले, लेकिन वे विभागीय मानक के अनुसार नहीं पाए गए, इसके अलावा स्मोक व अलार्म सिस्टम भी नहीं लगा था। यूनिक बर्ड एकेडमी (माधौगंज, शिकोहाबाद) का संचालन बहुमंजिला भवन में भूतल, प्रथम व द्वितीय तल पर पाया गया। यहां बच्चों की सुरक्षा के नाम पर केवल 6 फायर एक्सटिंग्विशर मिले, जो जांच में मानक के विपरीत (अपूर्ण) पाए गए। पूरे परिसर में कहीं भी स्मोक व अलार्म की व्यवस्था नहीं थी।
होटलों की जांच: तीन में दुरुस्त मिले इंतजाम, एक का सिस्टम फेल
किश्मन होटल एंड रेस्टोरेंट: इसमें जांच के दौरान अग्निशमन उपकरण तो स्थापित मिले, लेकिन वे पूरी तरह अकार्यशील (काम न करने की स्थिति में) पाए गए। टीम ने इस लापरवाही को अत्यंत गंभीर मानते हुए प्रबंधक को सभी कमियां तत्काल सही कराने के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
शिव कृपा होटल एंड रेस्टोरेंट, होटल फोर सीजन, और जलसा होटल एंड रेस्टोरेंटः इनमें चेकिंग के दौरान अग्निशमन उपकरण पूर्णतः स्थापित और कार्यशील पाए गए। टीम ने होटल संचालकों को इन सुरक्षा उपकरणों को सदैव इसी तरह कार्यशील बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
जिन संस्थानों में सुरक्षा मानक अधूरे पाए गए हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दुरुस्त करने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा की स्थिति में संस्थान को सील करने जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- सत्येंद्र पांडेय, सीएफओ
विज्ञापन
बालाजी लाइब्रेरी (रैहटटी, शिकोहाबाद) बहुमंजिला भवन के बेसमेंट में गोदाम, भूतल पर लाइब्रेरी तथा प्रथम व द्वितीय तल पर आवास संचालित मिली। जांच में पाया कि यहां अग्निशमन की कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है और भवन में स्मोक व फायर अलार्म सिस्टम भी नदारद मिला। सैनिक लाइब्रेरी (एटा रोड, शिकोहाबाद) भवन के बेसमेंट में लाइब्रेरी और भूतल पर हॉल बना हुआ है। यहां टीम को 4 अग्निशमन यंत्र तो टंगे मिले, लेकिन वे विभागीय मानक के अनुसार नहीं पाए गए, इसके अलावा स्मोक व अलार्म सिस्टम भी नहीं लगा था। यूनिक बर्ड एकेडमी (माधौगंज, शिकोहाबाद) का संचालन बहुमंजिला भवन में भूतल, प्रथम व द्वितीय तल पर पाया गया। यहां बच्चों की सुरक्षा के नाम पर केवल 6 फायर एक्सटिंग्विशर मिले, जो जांच में मानक के विपरीत (अपूर्ण) पाए गए। पूरे परिसर में कहीं भी स्मोक व अलार्म की व्यवस्था नहीं थी।
विज्ञापन
होटलों की जांच: तीन में दुरुस्त मिले इंतजाम, एक का सिस्टम फेल
किश्मन होटल एंड रेस्टोरेंट: इसमें जांच के दौरान अग्निशमन उपकरण तो स्थापित मिले, लेकिन वे पूरी तरह अकार्यशील (काम न करने की स्थिति में) पाए गए। टीम ने इस लापरवाही को अत्यंत गंभीर मानते हुए प्रबंधक को सभी कमियां तत्काल सही कराने के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
शिव कृपा होटल एंड रेस्टोरेंट, होटल फोर सीजन, और जलसा होटल एंड रेस्टोरेंटः इनमें चेकिंग के दौरान अग्निशमन उपकरण पूर्णतः स्थापित और कार्यशील पाए गए। टीम ने होटल संचालकों को इन सुरक्षा उपकरणों को सदैव इसी तरह कार्यशील बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
जिन संस्थानों में सुरक्षा मानक अधूरे पाए गए हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दुरुस्त करने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा की स्थिति में संस्थान को सील करने जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- सत्येंद्र पांडेय, सीएफओ