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Firozabad News: होलिकास्थल विवाद में प्रधान समेत 27 लोग पांच-पांच लाख के मुचलके में पाबंद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 03 Feb 2026 12:28 AM IST
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शिकोहाबाद। गांव थानूमई के मजरा नगला बबूल में वर्षों से चली आ रही सार्वजनिक होलिका दहन को लेकर विवाद शुरू हो गया। तहसील प्रशासन ने इस मामले में प्रधान समेत विवाद कर रहे दोनों पक्षों के कुल 27 लोगों को पांच-पांच लाख रूपये के मुचलके से पाबंद किया है। इससे गांव में भी तनाव का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1984-85 में होली के लिए भूमि आरक्षित की गई थी, लेकिन नक्से में उसका स्पष्ट चिन्हांकन नहीं है। बाद में इस गाटा संख्या में 70 से अधिक मकान बन गए हैं। एसडीएम ने बताया कि वर्ष 1994 में जब उस स्थान पर होली रखी गई, तो विवाद बढ़ा और एक मकान में आग लग गई थी। उस दौरान 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोपियों को जेल जाना पड़ा था। तभी से यह विवाद लगातार चला आ रहा है। अभी यह विवाद गांव में तालाब किनारे उसी भूमि पर है। जहां वर्षों से होलिका दहन होता आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने उस सार्वजनिक भूमि पर पिलर लगाकर अवैध कब्जा कर लिया है। जबकि दूसरे पक्ष से रामदास ने बताया कि यह उनकी पैतृक भूमि है। नक्से में होली का स्थान चिन्हित नहीं है। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। रविवार को माघ पूर्णिमा के दिन जब ग्रामीण होली के लिए लकड़ी लेकर पहुंचे, तो कब्जाधारी ने विरोध किया। जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव पनप गया। इसके चलते सोमवार को ग्राम प्रधान सरिता दिवाकर एक ग्रामीणों के साथ डीएम कार्यालय जा पहुंची। जहां उन्होंने डीएम रमेश रंजन से होली स्थल को कब्जामुक्त कराने की मांग की। प्रधान ने बताया कि यह स्थल प्राचीन परंपरा से जुड़ा है और इसे छोड़ने से गांव में टकराव की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन को वर्ष 2025 की होलिका दहन की तस्वीरें भी दिखाई। इसके साथ ही पर्यटन मंत्री ठा. जयवीर सिंह से भी इस मामले की शिकायत की गई। जिसके बाद एसडीएम और सीओ को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील प्रशासन पर सही कार्यवाही नही करने के आरोप लगाते हुए ग्रामीण अर्जुन सिंह, हरिविलास, कप्तान सिंह, दलवीर, इंद्रपाल, बाबू, रामौतार ने विरोध जताया है।
मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके चलते प्रधान समेत दोनों पक्षों के 27 लोगों को 5-5 लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया गया है। जब तक न्यायालय से स्पष्ट आदेश नहीं आते हैं। तब तक उस स्थान पर होलिका दहन नहीं होने दिया जाएगा। कानून को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गजेंद्रपाल सिंह
एसडीएम, शिकोहाबाद
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ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1984-85 में होली के लिए भूमि आरक्षित की गई थी, लेकिन नक्से में उसका स्पष्ट चिन्हांकन नहीं है। बाद में इस गाटा संख्या में 70 से अधिक मकान बन गए हैं। एसडीएम ने बताया कि वर्ष 1994 में जब उस स्थान पर होली रखी गई, तो विवाद बढ़ा और एक मकान में आग लग गई थी। उस दौरान 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोपियों को जेल जाना पड़ा था। तभी से यह विवाद लगातार चला आ रहा है। अभी यह विवाद गांव में तालाब किनारे उसी भूमि पर है। जहां वर्षों से होलिका दहन होता आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने उस सार्वजनिक भूमि पर पिलर लगाकर अवैध कब्जा कर लिया है। जबकि दूसरे पक्ष से रामदास ने बताया कि यह उनकी पैतृक भूमि है। नक्से में होली का स्थान चिन्हित नहीं है। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। रविवार को माघ पूर्णिमा के दिन जब ग्रामीण होली के लिए लकड़ी लेकर पहुंचे, तो कब्जाधारी ने विरोध किया। जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव पनप गया। इसके चलते सोमवार को ग्राम प्रधान सरिता दिवाकर एक ग्रामीणों के साथ डीएम कार्यालय जा पहुंची। जहां उन्होंने डीएम रमेश रंजन से होली स्थल को कब्जामुक्त कराने की मांग की। प्रधान ने बताया कि यह स्थल प्राचीन परंपरा से जुड़ा है और इसे छोड़ने से गांव में टकराव की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन को वर्ष 2025 की होलिका दहन की तस्वीरें भी दिखाई। इसके साथ ही पर्यटन मंत्री ठा. जयवीर सिंह से भी इस मामले की शिकायत की गई। जिसके बाद एसडीएम और सीओ को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील प्रशासन पर सही कार्यवाही नही करने के आरोप लगाते हुए ग्रामीण अर्जुन सिंह, हरिविलास, कप्तान सिंह, दलवीर, इंद्रपाल, बाबू, रामौतार ने विरोध जताया है।
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मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके चलते प्रधान समेत दोनों पक्षों के 27 लोगों को 5-5 लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया गया है। जब तक न्यायालय से स्पष्ट आदेश नहीं आते हैं। तब तक उस स्थान पर होलिका दहन नहीं होने दिया जाएगा। कानून को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गजेंद्रपाल सिंह
एसडीएम, शिकोहाबाद
