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Firozabad News: साहब नदारद, कर्मचारी गायब...वृद्धा की फरियाद पर डीएम ने खुद कॉल किया तो खुली पोल
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बुधवार को डीएम संतोष कुमार शर्मा ने ऑनलाइन सुनवाई की। स्रोत सूचना विभाग
- फोटो : बुधवार को डीएम संतोष कुमार शर्मा ने ऑनलाइन सुनवाई की। स्रोत सूचना विभाग
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समाज कल्याण विभाग में जनसुनवाई के समय पसरा मिला सन्नाटा एडीएम को सौंपी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में ऑनलाइन जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला ने वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित अपनी समस्या उनके सामने रखी। शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जब डीएम ने विभाग से सीधा संवाद (वीडियो कॉल/ऑनलाइन) करने का प्रयास किया, तो वहां की स्थिति चौंकाने वाली थी। कार्यालय में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
डीएम ने इस अनुशासनहीनता और लापरवाही को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल मामले की जांच के निर्देश एडीएम को देते हुए रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शासन द्वारा जनसुनवाई के लिए निर्धारित सुबह 10 से 12 बजे के समय का कड़ाई से पालन किया जाए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि जनपद में जितने भी पट्टाधारक हैं, उन्हें उनकी आवंटित जमीन पर प्राथमिकता के आधार पर कब्जा दिलाया जाए। भू-राजस्व और कब्जों से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में ऑनलाइन जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला ने वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित अपनी समस्या उनके सामने रखी। शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जब डीएम ने विभाग से सीधा संवाद (वीडियो कॉल/ऑनलाइन) करने का प्रयास किया, तो वहां की स्थिति चौंकाने वाली थी। कार्यालय में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
डीएम ने इस अनुशासनहीनता और लापरवाही को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल मामले की जांच के निर्देश एडीएम को देते हुए रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शासन द्वारा जनसुनवाई के लिए निर्धारित सुबह 10 से 12 बजे के समय का कड़ाई से पालन किया जाए।
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समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि जनपद में जितने भी पट्टाधारक हैं, उन्हें उनकी आवंटित जमीन पर प्राथमिकता के आधार पर कब्जा दिलाया जाए। भू-राजस्व और कब्जों से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।