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Firozabad News: उप निबंधक ने बैनामों में हेराफेरी से किया इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:49 PM IST
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शिकोहाबाद। उप निबंधक कार्यालय में आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब नया मोड़ सामने आया है। उप निबंधक ने रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की हेराफेरी की आशंका से साफ इन्कार किया है। उनका कहना है कि आयकर विभाग की टीम केवल डाटा जांच के लिए रिकॉर्ड अपने साथ ले गई है और अभी तक किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है।
मंगलवार को आगरा से आयकर विभाग की टीम जांच के लिए शिकोहाबाद पहुंची थी। टीम ने उप निबंधक कार्यालय में पहुंचकर बैनामों से संबंधित दस्तावेज की जांच की। जानकारी के अनुसार, टीम का मुख्य उद्देश्य 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले बैनामों की पड़ताल करना है। जांच के दौरान अधिकारियों ने पिछले करीब तीन वर्षों का डाटा एकत्रित किया है। इस बीच 200 करोड़ रुपये की हेराफेरी की चर्चाएं भी सामने आईं, जिन्हें लेकर उप निबंधक गौरव वर्मा ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग की टीम हर वर्ष जांच के लिए आती है और यह एक सामान्य प्रक्रिया है। टीम द्वारा ले जाए गए रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, लेकिन फिलहाल किसी भी प्रकार की अनियमितता या रकम में हेराफेरी का कोई प्रमाण नहीं मिला है। यदि ऐसी हेराफेरी सामने आती है, तो इसका निर्णय न्यायालय में होगा। जहां हम हर एक बैनामे में ली गई धनराशि का साक्ष्य देंगे।
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मंगलवार को आगरा से आयकर विभाग की टीम जांच के लिए शिकोहाबाद पहुंची थी। टीम ने उप निबंधक कार्यालय में पहुंचकर बैनामों से संबंधित दस्तावेज की जांच की। जानकारी के अनुसार, टीम का मुख्य उद्देश्य 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले बैनामों की पड़ताल करना है। जांच के दौरान अधिकारियों ने पिछले करीब तीन वर्षों का डाटा एकत्रित किया है। इस बीच 200 करोड़ रुपये की हेराफेरी की चर्चाएं भी सामने आईं, जिन्हें लेकर उप निबंधक गौरव वर्मा ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग की टीम हर वर्ष जांच के लिए आती है और यह एक सामान्य प्रक्रिया है। टीम द्वारा ले जाए गए रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, लेकिन फिलहाल किसी भी प्रकार की अनियमितता या रकम में हेराफेरी का कोई प्रमाण नहीं मिला है। यदि ऐसी हेराफेरी सामने आती है, तो इसका निर्णय न्यायालय में होगा। जहां हम हर एक बैनामे में ली गई धनराशि का साक्ष्य देंगे।
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