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Firozabad News: नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह की महिला समेत तीन गिरफ्तार
Sat, 11 Jul 2026 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:33 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में मौजूद पकड़े गए आरोपी। स्रोत पुलिस
- फोटो : पुलिस गिरफ्त में मौजूद पकड़े गए आरोपी। स्रोत पुलिस
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शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। बेरोजगार युवाओं को नौकरी और ठेकेदारी दिलाने का झांसा देकर उनके नाम पर फर्जी कंपनियां व बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का शिकोहाबाद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एक महिला समेत तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से चेकबुक, नकदी, मोबाइल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें कोर्ट से रिमांड कराकर जेल भेज दिया है।
एएसपी आईपीएस राजेश घुनावत ने बताया कि थाना पुलिस शनिवार को बालाजी मंदिर के पास हाईवे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर आगरा से इटावा की तरफ जा रही एक कार को घेराबंदी कर रोका गया। कार की तलाशी लेने पर उसमें सवार एक महिला समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम आशीष कुमार, शिवा निवासीगण भरथना, इटावा, और प्रतिमा निवासी चकरनगर, इटावा, हाल निवासी सेक्टर-122 नोएडा बताए। पुलिस ने इनके पास से एक लाख रुपये नकद, चार मोबाइल, सात बैंकों की चेकबुक, फर्जी कंपनियों की दो मुहरें, पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए, जबकि प्रयुक्त कार को सीज कर दिया गया है।
बेरोजगारों को शिकार बना ऐसे करते थे करोड़ों का लेनदेन
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सीधे-साधे और बेरोजगार युवाओं को अच्छी नौकरी व ठेकेदारी का लालच देकर जाल में फंसाते थे। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर्ड कराकर बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद आरोपी उनका जीएसटी पंजीकरण, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। इन्हीं खातों और सिम का उपयोग देश भर में साइबर ठगी और जीएसटी चोरी की रकम को इधर से उधर करने में किया जाता था।
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जसराना के युवक के खाते में 1.30 करोड़ के लेनदेन से हुआ शक
इस बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ जब जसराना के मोहल्ला गाड़ीवान निवासी अनुज नाम के युवक के बैंक खाते में अचानक 1 करोड़ 30 लाख रुपये का भारी-भरकम लेनदेन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आया। पुलिस ने जब इसकी गहराई से पड़ताल की, तो पता चला कि गिरोह के फरार सदस्य अंकुल ने अनुज को लालच देकर यह खाता खुलवाया था, जिसका वास्तविक संचालन शिवा और प्रतिमा कर रहे थे।
ओडिशा के मुख्य सरगना के लिए काम करता था गिरोह
प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ओडिशा निवासी मुख्य सरगना आयुष्मान उर्फ राजेंद्र मल्लिक के लिए काम करते थे। आयुष्मान देश भर से साइबर ठगी की रकम को इन फर्जी खातों में मंगवाता था और अपना मोटा कमीशन काटकर बाकी पैसा ट्रांसफर करा लेता था। इस गिरोह के अन्य फरार सदस्य अंकुल और आयुष्मान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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एएसपी आईपीएस राजेश घुनावत ने बताया कि थाना पुलिस शनिवार को बालाजी मंदिर के पास हाईवे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर आगरा से इटावा की तरफ जा रही एक कार को घेराबंदी कर रोका गया। कार की तलाशी लेने पर उसमें सवार एक महिला समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम आशीष कुमार, शिवा निवासीगण भरथना, इटावा, और प्रतिमा निवासी चकरनगर, इटावा, हाल निवासी सेक्टर-122 नोएडा बताए। पुलिस ने इनके पास से एक लाख रुपये नकद, चार मोबाइल, सात बैंकों की चेकबुक, फर्जी कंपनियों की दो मुहरें, पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए, जबकि प्रयुक्त कार को सीज कर दिया गया है।
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बेरोजगारों को शिकार बना ऐसे करते थे करोड़ों का लेनदेन
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सीधे-साधे और बेरोजगार युवाओं को अच्छी नौकरी व ठेकेदारी का लालच देकर जाल में फंसाते थे। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर्ड कराकर बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद आरोपी उनका जीएसटी पंजीकरण, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। इन्हीं खातों और सिम का उपयोग देश भर में साइबर ठगी और जीएसटी चोरी की रकम को इधर से उधर करने में किया जाता था।
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जसराना के युवक के खाते में 1.30 करोड़ के लेनदेन से हुआ शक
इस बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ जब जसराना के मोहल्ला गाड़ीवान निवासी अनुज नाम के युवक के बैंक खाते में अचानक 1 करोड़ 30 लाख रुपये का भारी-भरकम लेनदेन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आया। पुलिस ने जब इसकी गहराई से पड़ताल की, तो पता चला कि गिरोह के फरार सदस्य अंकुल ने अनुज को लालच देकर यह खाता खुलवाया था, जिसका वास्तविक संचालन शिवा और प्रतिमा कर रहे थे।
ओडिशा के मुख्य सरगना के लिए काम करता था गिरोह
प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ओडिशा निवासी मुख्य सरगना आयुष्मान उर्फ राजेंद्र मल्लिक के लिए काम करते थे। आयुष्मान देश भर से साइबर ठगी की रकम को इन फर्जी खातों में मंगवाता था और अपना मोटा कमीशन काटकर बाकी पैसा ट्रांसफर करा लेता था। इस गिरोह के अन्य फरार सदस्य अंकुल और आयुष्मान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।