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एसडीएम को टायर की आग से चलती मिली नमक फैक्टरी
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कस्बा साढ़ की नमक फैक्ट्री में मौजूद एसडीएम उपमा पाण्डेय व पुलिस बल। संवाद
- फोटो : GHATAMPUR
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भीतरगांव (घाटमपुर)। कस्बा साढ़ स्थित एक नमक फैक्टरी पर शनिवार को एसडीएम, नर्वल ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ छापा मारा तो फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर पुराने टायर जलाकर भट्ठियों को धधकाते मिले। मौके पर फैला जहरीला धुआं देख एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के अधिकारियों से विस्तृत जांच कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
मालुम हो कि साढ़ बिजली घर के पास कई सालों से नमक फैक्टरी संचालित है। फैक्टरी में भट्ठियों को धधकाने के लिये पुराने टायरों को जलाकर ईंधन के रूप में प्रयोग किए जाने की शिकायत एसडीएम, नर्वल उपमा पांडेय से की गई थी। जिस पर शनिवार को एसडीएम उपमा पांडेय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और साढ़ पुलिस बल के साथ नमक फैक्टरी में छापा मारा।
जिसमें मजदूरों को ईंधन के रूप में टायर जलाकर भट्ठी धधकाते रंगे हाथ पकड़ लिया। साथ ही परिसर में हजारों की संख्या में गाड़ियों के पुराने टायर जमा पाए गए और मजदूर यह नहीं बता पाए कि टायर क्यों जमा हैं। इसके अलावा परिसर में फैला जहरीला धुआं देख एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को विस्तृत जांचकर कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया।
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आसपास के गांवों में छाया रहता धुंध
भीतरगांव। साढ़ इलाके के ग्रामीण बताते हैं कि टायर जलाने के बाद निकलने वाले धुएं से साढ़-रमईपुर मार्ग और आसपास के गांवों के ऊपर धुंध छाया रहता है। रसायन प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह परमार बताते हैं कि टायरों के जलने से निकलने वाली हानिकारक गैसें पर्यावरण के साथ ही स्वास्थ्य के लिए गंभीर बीमारियां पैदा करती हैं। इनसे ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन, ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन की घटनाएं सामने आती हैं।
मालुम हो कि साढ़ बिजली घर के पास कई सालों से नमक फैक्टरी संचालित है। फैक्टरी में भट्ठियों को धधकाने के लिये पुराने टायरों को जलाकर ईंधन के रूप में प्रयोग किए जाने की शिकायत एसडीएम, नर्वल उपमा पांडेय से की गई थी। जिस पर शनिवार को एसडीएम उपमा पांडेय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और साढ़ पुलिस बल के साथ नमक फैक्टरी में छापा मारा।
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जिसमें मजदूरों को ईंधन के रूप में टायर जलाकर भट्ठी धधकाते रंगे हाथ पकड़ लिया। साथ ही परिसर में हजारों की संख्या में गाड़ियों के पुराने टायर जमा पाए गए और मजदूर यह नहीं बता पाए कि टायर क्यों जमा हैं। इसके अलावा परिसर में फैला जहरीला धुआं देख एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को विस्तृत जांचकर कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया।
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भीतरगांव। साढ़ इलाके के ग्रामीण बताते हैं कि टायर जलाने के बाद निकलने वाले धुएं से साढ़-रमईपुर मार्ग और आसपास के गांवों के ऊपर धुंध छाया रहता है। रसायन प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह परमार बताते हैं कि टायरों के जलने से निकलने वाली हानिकारक गैसें पर्यावरण के साथ ही स्वास्थ्य के लिए गंभीर बीमारियां पैदा करती हैं। इनसे ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन, ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन की घटनाएं सामने आती हैं।