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गांव में मिले हिरन को चिड़ियाघर भेजने की तैयारी
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- फोटो : GHATAMPUR
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घाटमपुर। मई में कुवांखेड़ा गांव से बरामद किया हिरन का शिशु अब बड़ा हो गया है। जिसके चलते दो-तीन दिन बाद चिड़ियाघर भेजने की तैयारी की जा रही है।
क्षेत्रीय वन रेंज अधिकारी मूलचंद्र सिंह ने बताया कि हिरन का शिशु 2 मई को कुवांखेड़ा गांव से बरामद किया गया था। इसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी वन रक्षक धीरज तिवारी ने ली थी। बताया कि धीरज और उनके बच्चों के अथक प्रयास से हिरण के शिशु को नया जीवन मिला। बताया कि अब वह तीन माह हो चुका है और स्वच्छंद विचरण करने लायक भी हो गया है। वन रेंज अधिकारी ने बताया कि हिरण को पालने पर कानूनी प्रतिबंध है। जिसके चलते वन रक्षक के घर पर और अधिक समय तक नहीं रखा जा सकता है।
बताया कि मानव के बीच पले हिरन शावक को जंगल में छोड़ना उचित नहीं है। इस कारण इसे प्राणि उद्यान कानपुर से संपर्क किया गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही चिड़ियाघर भेज दिया जाएगा। इधर, हिरन शावक से बिछड़ने को लेकर वन रक्षक का परिवार काफी दुखी है। धीरज तिवारी की बेटियों तृप्ती, शिवानी और राधा तिवारी ने बताया कि हिरण का बच्चा हमारे परिवार के किसी सदस्य से कम नहीं है। उसे बोतल और निप्पल से दूध पिलाने के साथ दिनरात देखभाल और सेवा की है। उसको चिड़ियाघर भेजे जाने की बात सुनकर ही वह काफी दुखी हैं।
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क्षेत्रीय वन रेंज अधिकारी मूलचंद्र सिंह ने बताया कि हिरन का शिशु 2 मई को कुवांखेड़ा गांव से बरामद किया गया था। इसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी वन रक्षक धीरज तिवारी ने ली थी। बताया कि धीरज और उनके बच्चों के अथक प्रयास से हिरण के शिशु को नया जीवन मिला। बताया कि अब वह तीन माह हो चुका है और स्वच्छंद विचरण करने लायक भी हो गया है। वन रेंज अधिकारी ने बताया कि हिरण को पालने पर कानूनी प्रतिबंध है। जिसके चलते वन रक्षक के घर पर और अधिक समय तक नहीं रखा जा सकता है।
बताया कि मानव के बीच पले हिरन शावक को जंगल में छोड़ना उचित नहीं है। इस कारण इसे प्राणि उद्यान कानपुर से संपर्क किया गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही चिड़ियाघर भेज दिया जाएगा। इधर, हिरन शावक से बिछड़ने को लेकर वन रक्षक का परिवार काफी दुखी है। धीरज तिवारी की बेटियों तृप्ती, शिवानी और राधा तिवारी ने बताया कि हिरण का बच्चा हमारे परिवार के किसी सदस्य से कम नहीं है। उसे बोतल और निप्पल से दूध पिलाने के साथ दिनरात देखभाल और सेवा की है। उसको चिड़ियाघर भेजे जाने की बात सुनकर ही वह काफी दुखी हैं।
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