{"_id":"69b994e837c0342199021806","slug":"523-suspected-leprosy-patients-identified-in-the-campaign-gonda-news-c-100-1-slko1028-154372-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: अभियान में चिह्नित किए गए 523 संदिग्ध कुष्ठ रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: अभियान में चिह्नित किए गए 523 संदिग्ध कुष्ठ रोगी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:22 PM IST
विज्ञापन
खरगूपुर में अभियान के तहत लोगों से संपर्क करते स्वास्थ्य कर्मी।- संवाद
विज्ञापन
गोंडा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में कुष्ठ रोगी खोज अभियान चलाया जा रहा है। नौ मार्च से शुरू हुए अभियान के तहत मंगलवार तक जिले में 523 संदिग्ध कुष्ठ रोगी मिले हैं। अब इन संदिग्ध लोगों को संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर ले जाकर जांच कराई जाएगी। रोग की पुष्टि होने के बाद उनका इलाज शुरू कराया जाएगा।
कुष्ठ रोगियों को चिह्नित करने के लिए विभाग की ओर से घर-घर टीमें भेजी जा रही हैं। जिले के सभी 16 ब्लॉक व नगर क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है। एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि त्वचा के रंग में परिवर्तन होना, सुन्नपन होना, त्वचा चमकीली होना और तैलीय होना, आंखों को बंद करने में दिक्कत और उसमें पानी आना,
भौंह के बाल गिरना, हाथों में घाव, दर्द रहित घाव होना, हथेली पर छाले ये कुष्ठ रोग के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में 3642 टीमें लगाई गई हैं। नौ से 17 मार्च तक कुल 523 संदिग्ध कुष्ठ रोगी चिह्नित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाएगी। वहां जांच कराई जाएगी। यदि रोग की पुष्टि होगी तो इलाज शुरू कराया जाएगा।
Trending Videos
कुष्ठ रोगियों को चिह्नित करने के लिए विभाग की ओर से घर-घर टीमें भेजी जा रही हैं। जिले के सभी 16 ब्लॉक व नगर क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है। एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि त्वचा के रंग में परिवर्तन होना, सुन्नपन होना, त्वचा चमकीली होना और तैलीय होना, आंखों को बंद करने में दिक्कत और उसमें पानी आना,
विज्ञापन
विज्ञापन
भौंह के बाल गिरना, हाथों में घाव, दर्द रहित घाव होना, हथेली पर छाले ये कुष्ठ रोग के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में 3642 टीमें लगाई गई हैं। नौ से 17 मार्च तक कुल 523 संदिग्ध कुष्ठ रोगी चिह्नित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाएगी। वहां जांच कराई जाएगी। यदि रोग की पुष्टि होगी तो इलाज शुरू कराया जाएगा।