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Gonda News: गोंडा में बनेगा विशेष औद्योगिक क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:29 PM IST
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गोंडा में इसी तरह बनाया जाएगा औद्योगिक क्षेत्र। स्रोत: विभाग
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गोंडा। जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 50 एकड़ भूमि पर सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी है। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की परिधि में मानक अनुरूप भूमि का चयन किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है। यूपी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की थी। इसके बाद उद्योग निदेशालय ने सभी जिलों में योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उद्योग निदेशालय की ओर से जिलाधिकारी को कम से कम 50 एकड़ भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त बाबूराम ने बताया कि चयनित भूमि जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की परिधि में होनी चाहिए। भूमि पर एचटी लाइन नहीं होनी चाहिए तथा वहां सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके अलावा भूमि जलभराव या निचले क्षेत्र में नहीं होनी चाहिए।
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जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में उपयुक्त भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उपायुक्त उद्योग को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है। भूमि चयन के बाद उसे एमएसएमई विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किया जाएगा। (संवाद)
एक ही परिसर में मिलेंगी तमाम सुविधाएं
अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग स्थापना और रोजगार सृजन से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में विकसित की जाएंगी। यहां विभिन्न विभागों के कार्यालय और सहायता केंद्र, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र, एकीकृत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, उत्पाद परीक्षण प्रयोगशाला, प्रोडक्ट डिस्प्ले एवं डिजाइन सेंटर तथा टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा जरूरत के अनुसार ईटीपी और सीईटीपी की व्यवस्था भी होगी। कामगारों के लिए हॉस्टल, ड्राइविंग ट्रैक और रनिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में सुविधा देने के लिए लैंड बैंक और प्लग एंड प्ले व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे जिले में निवेश बढ़ेगा और बड़ी संख्या में युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है। यूपी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की थी। इसके बाद उद्योग निदेशालय ने सभी जिलों में योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उद्योग निदेशालय की ओर से जिलाधिकारी को कम से कम 50 एकड़ भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त बाबूराम ने बताया कि चयनित भूमि जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की परिधि में होनी चाहिए। भूमि पर एचटी लाइन नहीं होनी चाहिए तथा वहां सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके अलावा भूमि जलभराव या निचले क्षेत्र में नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में उपयुक्त भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उपायुक्त उद्योग को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है। भूमि चयन के बाद उसे एमएसएमई विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किया जाएगा। (संवाद)
एक ही परिसर में मिलेंगी तमाम सुविधाएं
अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग स्थापना और रोजगार सृजन से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में विकसित की जाएंगी। यहां विभिन्न विभागों के कार्यालय और सहायता केंद्र, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र, एकीकृत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, उत्पाद परीक्षण प्रयोगशाला, प्रोडक्ट डिस्प्ले एवं डिजाइन सेंटर तथा टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा जरूरत के अनुसार ईटीपी और सीईटीपी की व्यवस्था भी होगी। कामगारों के लिए हॉस्टल, ड्राइविंग ट्रैक और रनिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में सुविधा देने के लिए लैंड बैंक और प्लग एंड प्ले व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे जिले में निवेश बढ़ेगा और बड़ी संख्या में युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।