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Gonda News: घर में खड़ी बाइक के अयोध्या में चालान
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:39 PM IST
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गोंडा। कटरा बाजार के सर्वांगपुर गोड़ियन पुरवा निवासी राधेश्याम की बाइक घर में खड़ी है, लेकिन अयोध्या में लगातार उसके चालान कट रहे हैं।
पीड़ित राधेश्याम ने बताया कि वह दिल्ली में मजदूरी करते हैं। बाइक (स्प्लेंडर प्लस) घर में खड़ी है। इसके बावजूद चालान का स्टेटस चेक करने पर पता चलता है कि किसी दूसरी बाइक पर उनके नंबर की फर्जी प्लेट लगाकर सड़क पर चलाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि उनकी बाइक का नंबर दूसरी गाड़ी (सुपर स्प्लेंडर) पर इस्तेमाल हो रहा है और उसी के आधार पर चालान काटे जा रहे हैं।
राधेश्याम के मुताबिक, वह कई साल से कभी पुलिस, कभी परिवहन विभाग और कभी यातायात कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल सका। कटरा बाजार थाने में शिकायत करने पर उन्हें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर कॉल करने की सलाह दी गई। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यातायात पुलिस ने उन्हें आरटीओ कार्यालय भेजा, जबकि आरटीओ से अयोध्या जाकर शिकायत करने की बात कही गई। राधेश्याम का कहना है कि जहां-जहां चालान कटेगा, वहां-वहां जाना संभव नहीं है।
एआरटीओ आरसी भारतीय ने आशंका जताई कि नंबर प्लेट में अंग्रेजी अक्षर ‘वी’ को ‘वाई’ की तरह लिखने के कारण तकनीकी त्रुटि हो रही है, जिससे गलत चालान जनरेट हो रहा है।
सिस्टम पर उठे सवाल
अधिवक्ता कृष्णानंद मिश्र का कहना है कि यह मामला फर्जी नंबर प्लेट के खतरे के साथ-साथ डिजिटल चालान व्यवस्था की सटीकता पर भी सवाल खड़ा करता है। जब दोनों वाहन गोंडा में पंजीकृत हैं, तो संबंधित वाहन मालिक की पहचान कर कार्रवाई की जा सकती है।
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पीड़ित राधेश्याम ने बताया कि वह दिल्ली में मजदूरी करते हैं। बाइक (स्प्लेंडर प्लस) घर में खड़ी है। इसके बावजूद चालान का स्टेटस चेक करने पर पता चलता है कि किसी दूसरी बाइक पर उनके नंबर की फर्जी प्लेट लगाकर सड़क पर चलाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि उनकी बाइक का नंबर दूसरी गाड़ी (सुपर स्प्लेंडर) पर इस्तेमाल हो रहा है और उसी के आधार पर चालान काटे जा रहे हैं।
राधेश्याम के मुताबिक, वह कई साल से कभी पुलिस, कभी परिवहन विभाग और कभी यातायात कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल सका। कटरा बाजार थाने में शिकायत करने पर उन्हें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर कॉल करने की सलाह दी गई। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यातायात पुलिस ने उन्हें आरटीओ कार्यालय भेजा, जबकि आरटीओ से अयोध्या जाकर शिकायत करने की बात कही गई। राधेश्याम का कहना है कि जहां-जहां चालान कटेगा, वहां-वहां जाना संभव नहीं है।
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एआरटीओ आरसी भारतीय ने आशंका जताई कि नंबर प्लेट में अंग्रेजी अक्षर ‘वी’ को ‘वाई’ की तरह लिखने के कारण तकनीकी त्रुटि हो रही है, जिससे गलत चालान जनरेट हो रहा है।
सिस्टम पर उठे सवाल
अधिवक्ता कृष्णानंद मिश्र का कहना है कि यह मामला फर्जी नंबर प्लेट के खतरे के साथ-साथ डिजिटल चालान व्यवस्था की सटीकता पर भी सवाल खड़ा करता है। जब दोनों वाहन गोंडा में पंजीकृत हैं, तो संबंधित वाहन मालिक की पहचान कर कार्रवाई की जा सकती है।