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Gonda News: केवाईसी, पर्ची और ‘लोड खत्म’ के फेर में अटके उपभोक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:42 PM IST
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फोटो- 34 गोंडा के आईटीआई मैदान में लगी गैस सिलिंडर 
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गोंडा। आईटीआई मैदान में इन दिनों रसोई गैस सिलिंडर के लिए तेज धूप के बीच उपभोक्ताओं को एक सिलिंडर रिफिल कराने के लिए तीन-तीन दिन तक लाइन में लगना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई घरों में गैस न मिलने के कारण रसोई फिर से लकड़ी के चूल्हों पर लौट आई है।
आईटीआई मैदान में सुबह से ही लंबी कतारें लग गई। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी हाथों में पर्ची लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखते हैं। दोपहर की चिलचिलाती धूप में भी लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं, क्योंकि डर है कि कहीं मौका हाथ से न निकल जाए। शहर के देवेश प्रताप सिंह बताते हैं कि वह तीन दिन से सिलिंडर के लिए भटक रहे हैं। पहले केवाईसी के लिए पहुंचे तो भीड़ के कारण नंबर नहीं आया। अगले दिन पर्ची देकर भेज दिया गया कि आईटीआई मैदान से सिलिंडर मिलेगा, लेकिन वहां पहुंचने पर ‘लोड खत्म’ बता दिया गया। अब तीसरे दिन सुबह से लाइन में लगे हैं।
चौपाल सागर निवासी आरिफ का दर्द भी कुछ अलग नहीं है। उन्हें 30 मार्च को पर्ची मिली थी और अगले दिन आने को कहा गया, लेकिन सिलिंडर नहीं मिला। तीसरे दिन भी लाइन में खड़े होकर इंतजार करना उनकी मजबूरी बन गया है।
कुदुंरूखी के सेवाराम बताते हैं कि तीन दिन तक लगातार आने के बावजूद उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पाया, जिससे घर में खाना बनाने के लिए लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। केवाईसी, पर्ची वितरण और सिलिंडर आपूर्ति के बीच समन्वय न होने से समस्या और गंभीर हो गई है। गैस एजेंसियों की इस अव्यवस्था का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। हालांकि बुधवार को दोपहर दो बजे के बाद वितरण शुरू किया गया।
जल्द सुधरेगी व्यवस्था, होम डिलीवरी करने के निर्देश
डीएसओ कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि रसोई गैस के स्टॉक में कमी नहीं है, मांग बढ़ने के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है, जो जल्द ही सुधरेगी। गैस एजेंसी संचालकों को होम डिलीवरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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आईटीआई मैदान में सुबह से ही लंबी कतारें लग गई। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी हाथों में पर्ची लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखते हैं। दोपहर की चिलचिलाती धूप में भी लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं, क्योंकि डर है कि कहीं मौका हाथ से न निकल जाए। शहर के देवेश प्रताप सिंह बताते हैं कि वह तीन दिन से सिलिंडर के लिए भटक रहे हैं। पहले केवाईसी के लिए पहुंचे तो भीड़ के कारण नंबर नहीं आया। अगले दिन पर्ची देकर भेज दिया गया कि आईटीआई मैदान से सिलिंडर मिलेगा, लेकिन वहां पहुंचने पर ‘लोड खत्म’ बता दिया गया। अब तीसरे दिन सुबह से लाइन में लगे हैं।
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चौपाल सागर निवासी आरिफ का दर्द भी कुछ अलग नहीं है। उन्हें 30 मार्च को पर्ची मिली थी और अगले दिन आने को कहा गया, लेकिन सिलिंडर नहीं मिला। तीसरे दिन भी लाइन में खड़े होकर इंतजार करना उनकी मजबूरी बन गया है।
कुदुंरूखी के सेवाराम बताते हैं कि तीन दिन तक लगातार आने के बावजूद उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पाया, जिससे घर में खाना बनाने के लिए लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। केवाईसी, पर्ची वितरण और सिलिंडर आपूर्ति के बीच समन्वय न होने से समस्या और गंभीर हो गई है। गैस एजेंसियों की इस अव्यवस्था का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। हालांकि बुधवार को दोपहर दो बजे के बाद वितरण शुरू किया गया।
जल्द सुधरेगी व्यवस्था, होम डिलीवरी करने के निर्देश
डीएसओ कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि रसोई गैस के स्टॉक में कमी नहीं है, मांग बढ़ने के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है, जो जल्द ही सुधरेगी। गैस एजेंसी संचालकों को होम डिलीवरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

फोटो- 34 गोंडा के आईटीआई मैदान में लगी गैस सिलिंडर