{"_id":"69750735b514dab0ed0c283f","slug":"drizzle-and-rain-bring-increased-cold-crops-get-a-lifeline-gonda-news-c-100-1-slko1028-150936-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: बूंदाबांदी और बारिश से फिर बढ़ी सर्दी, फसलों को मिली संजीवनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: बूंदाबांदी और बारिश से फिर बढ़ी सर्दी, फसलों को मिली संजीवनी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:23 PM IST
विज्ञापन
वजीरगंज में बारिश के बाद लहलहाती गोभी की फसल। - संवाद
विज्ञापन
गोंडा। मौसम का मिजाज शुक्रवार रात अचानक बदल गया। रात में हल्की बारिश और बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज बदल गया। इसके साथ ही एक बार फिर लोगों को ठंड का अहसास हुआ। अधिकतम तापमान 24 डिग्री व न्यूनतम 12 डिग्री रहा। बारिश व बूंदाबांदी खेती-किसानी, विशेषकर गेहूं की फसल के लिए वरदान बनकर आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश गेहूं की पैदावार बढ़ाएगी।
शुक्रवार रात अचानक बादल छा गए। तेज हवा चलने लगी। कुछ ही देर में बूंदाबांदी फिर बारिश शुरू हो गई। बारिश होने के कारण ठंड में इजाफा हो गया। गलन बढ़ गई। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह बारिश रबी की फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यही नहीं, सब्जी की फसलों के लिए भी उपयुक्त है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि यह बारिश गेहूं, चना, मसूर एवं सरसों जैसी रबी की खड़ी फसलों के लिए प्राकृतिक सिंचाई के समान कार्य कर रही है। ये बारिश खेतों में नमी बनाए रखने में सहायक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश क्षेत्रों में सरसों की फसल अभी कटाई अवस्था में नहीं है, इसलिए यह वर्षा सभी खड़ी रबी फसलों के लिए फायदेमंद सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि वर्षा से भूमि में नमी बढ़ती है, जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है और पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावी रूप से हो पाता है।
उन्होंने बताया कि यह नमी गेहूं में कल्ले निकलने एवं बाली बनने की अवस्था तथा दलहनी फसलों में फूल एवं फल बनने की अवस्था के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जाती है।
Trending Videos
शुक्रवार रात अचानक बादल छा गए। तेज हवा चलने लगी। कुछ ही देर में बूंदाबांदी फिर बारिश शुरू हो गई। बारिश होने के कारण ठंड में इजाफा हो गया। गलन बढ़ गई। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह बारिश रबी की फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यही नहीं, सब्जी की फसलों के लिए भी उपयुक्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि यह बारिश गेहूं, चना, मसूर एवं सरसों जैसी रबी की खड़ी फसलों के लिए प्राकृतिक सिंचाई के समान कार्य कर रही है। ये बारिश खेतों में नमी बनाए रखने में सहायक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश क्षेत्रों में सरसों की फसल अभी कटाई अवस्था में नहीं है, इसलिए यह वर्षा सभी खड़ी रबी फसलों के लिए फायदेमंद सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि वर्षा से भूमि में नमी बढ़ती है, जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है और पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावी रूप से हो पाता है।
उन्होंने बताया कि यह नमी गेहूं में कल्ले निकलने एवं बाली बनने की अवस्था तथा दलहनी फसलों में फूल एवं फल बनने की अवस्था के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जाती है।
