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Gonda News: पिता दिहाड़ी मजदूर, बेटी बनी राष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:08 PM IST
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गोंडा। आर्थिक अभावों के बावजूद जिले की आफरीन खान ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर मिसाल पेश की है। वह हैंडबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना संजोए लगातार मेहनत कर रही हैं। उनके पिता मोहम्मद रईस खान दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं।
चंदवतपुर घाट के बंदेअलीपुरवा निवासी आफरीन सात भाई-बहनों में तीसरे स्थान पर हैं। उन्हें बचपन से ही खेलों के प्रति गहरी रुचि थी। वर्तमान में वह नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय में परास्नातक की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ वह प्रतिदिन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पहुंचकर नियमित अभ्यास करती हैं। उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने अब तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 12 पदक जीते हैं। वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में सफल रही हैं। मार्च 2026 में बरेली स्थित फ्यूचर यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता में उन्होंने लक्षद्वीप टीम का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि उनकी टीम प्रतियोगिता में आगे नहीं बढ़ सकी, पर इससे उनका हौसला कम नहीं हुआ।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है लक्ष्य
आफरीन का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतना है। उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिलता है। उनके भाई-बहन लगातार उनका उत्साहवर्धन करते हैं और प्रेरणा देते हैं। खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों का भी उन्हें निरंतर मार्गदर्शन मिलता रहा है। क्रीड़ाधिकारी रंजीत राज, हैंडबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा, सचिव राजीव कुमार, कोषाध्यक्ष फिरोज खान और प्रशिक्षक अभय तिवारी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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परिवार से मिली आगे बढ़ने की ताकत
आफरीन की दो बड़ी बहनों महजबी और महक की शादी हो चुकी है। परिवार में उनके बाद बहन महक तथा भाई सुहेल, शोएब और रिहान हैं। आफरीन का कहना है कि परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर वह एक दिन देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेलने का सपना जरूर पूरा करेंगी। यह पारिवारिक समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
चंदवतपुर घाट के बंदेअलीपुरवा निवासी आफरीन सात भाई-बहनों में तीसरे स्थान पर हैं। उन्हें बचपन से ही खेलों के प्रति गहरी रुचि थी। वर्तमान में वह नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय में परास्नातक की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ वह प्रतिदिन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पहुंचकर नियमित अभ्यास करती हैं। उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने अब तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 12 पदक जीते हैं। वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में सफल रही हैं। मार्च 2026 में बरेली स्थित फ्यूचर यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता में उन्होंने लक्षद्वीप टीम का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि उनकी टीम प्रतियोगिता में आगे नहीं बढ़ सकी, पर इससे उनका हौसला कम नहीं हुआ।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है लक्ष्य
आफरीन का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतना है। उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिलता है। उनके भाई-बहन लगातार उनका उत्साहवर्धन करते हैं और प्रेरणा देते हैं। खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों का भी उन्हें निरंतर मार्गदर्शन मिलता रहा है। क्रीड़ाधिकारी रंजीत राज, हैंडबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा, सचिव राजीव कुमार, कोषाध्यक्ष फिरोज खान और प्रशिक्षक अभय तिवारी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
परिवार से मिली आगे बढ़ने की ताकत
आफरीन की दो बड़ी बहनों महजबी और महक की शादी हो चुकी है। परिवार में उनके बाद बहन महक तथा भाई सुहेल, शोएब और रिहान हैं। आफरीन का कहना है कि परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर वह एक दिन देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेलने का सपना जरूर पूरा करेंगी। यह पारिवारिक समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत है।