सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Gift Gujhiya for Iftar, and those who avoid colours should stay home

Gonda News: इफ्तार के लिए उपहार में दें गुझिया, रंगों से परहेज करने वाले घर में रहें

संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 26 Feb 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
Gift Gujhiya for Iftar, and those who avoid colours should stay home
करनैलगंज कोतवाली में शांति समिति की बैठक को संबोधित करते एएसपी राधेश्याम राय- विभाग
विज्ञापन
गोंडा। होली के मद्देनजर करनैलगंज कोतवाली में आयोजित शांति समिति की बैठक में समाजिक सद्भाव का संदेश निकला। अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने हिंदू पक्ष से कहा कि रमजान का पाक महीना चल रहा है। ऐसे में अपने मुस्लिम पड़ोसियों को गुझिया उपहार दें, जिसे वे इफ्तार में शामिल कर सकें। वहीं, मुस्लिम पक्ष से होली को सकुशल संपन्न कराने में सहयोग मांगा।
Trending Videos

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को रंगों से परहेज है, वे दो बजे तक घर में ही रहें। इससे विवाद की स्थिति ही नहीं बनेगी। सद्भाव की इन बातों के बीच उन्होंने सख्ती भी दिखाई। चेताया कि किसी ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया तो पुलिस व प्रशासन सख्ती से भी निपटेगा। इसके लिए हमारी तैयारी पूरी है। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में एएसपी ने कहा कि होली उल्लास और सद्भाव का पर्व है। होली धर्म नहीं देखती, बल्कि भाईचारे का संदेश देती है। लोग रंग लगाते समय ‘बुरा न मानो, होली है’ कहते हैं। रंगों का उत्सव प्रायः दोपहर तक चलता है, इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाती है। इस वर्ष रमजान भी साथ पड़ा है।
शाम को इफ्तार के समय गुझिया से रोजा खोलना आपसी सौहार्द का प्रतीक हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि हिंदू परिवार अपने मुस्लिम पड़ोसियों और शुभचिंतकों को गुझिया उपहार में दें। बैठक में एसडीएम नेहा मिश्रा भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी होली को सकुशल संपन्न कराने में सभी से सहयोग और सामंजस्य की अपील की।
सही है एएसपी की सलाह
सभासद फहीम सिद्दीकी ने कहा कि एएसपी ने सही बात कही है। यदि किसी को रंग से दिक्कत है, तो वह घर में रहे। जबरदस्ती रंग डालने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। गुझिया से रोजा खोलने का संदेश भाईचारे को बढ़ाने वाला है और इसमें कोई आपत्ति भी नहीं होनी चाहिए।
चिकित्सक डॉ. महमूद आलम ने कहा कि यह बयान सामाजिक सद्भाव को ध्यान में रखकर दिया गया है। होली और रमजान साथ पड़ रहे हैं, ऐसे में आपसी समझ जरूरी है। यदि गुझिया से रोजा खोला जाए तो यह गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल होगी और समाज में एकता को मजबूत करेगी। इसमें गलत कुछ भी नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article