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Gonda News: पांच मंडल के 11 जिलों के युवाओं का सपना टूटा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:36 PM IST
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गोंडा। रूस में नौकरी का सुनहरा सपना दिखाकर की गई ठगी से पांच मंडल के 11 जिलों के युवाओं की उम्मीदें टूट गई हैं। विदेश में रोजगार पाकर बेहतर जिंदगी जीने का सपना संजोए युवाओं ने अपनी गाढ़ी कमाई दांव पर लगा दी थी। किसी ने खेत गिरवी रखे, किसी ने रिश्तेदारों से उधार लिया तो कई युवाओं ने मासिक ब्याज पर रकम जुटाई। अब न नौकरी मिली और न ही रुपये बचे, उल्टा कर्ज चुकाने की चिंता सिर पर आ गई है।
देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर और प्रयागराज मंडल के विभिन्न जिलों के करीब 250 युवाओं ने रूस में नौकरी के लिए आवेदन किया था। बेरोजगारी के दौर में विदेश में काम मिलने की उम्मीद ने उन्हें बड़ा जोखिम उठाने पर मजबूर कर दिया।
कुशीनगर जिले के रोहुआ मझरगवां निवासी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ड्राइवर की नौकरी के लिए उन्होंने खेत गिरवी रखकर 50 हजार रुपये जुटाए और 80 हजार रुपये दो प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार लिए। अब न नौकरी मिली और न ही रकम वापस मिली। ब्याज भी देना है और खेत भी छुड़ाना है, समझ में नहीं आ रहा क्या करें।
गोरखपुर, कैंपियरगंज के रामवृक्ष विश्वकर्मा ने कारपेंटर की नौकरी के लिए दोस्तों से 1.30 लाख रुपये उधार लिए थे। उनका कहना है कि अब रकम डूब गई है। उधारी चुकाने के लिए दूसरा काम तलाशना पड़ेगा।
बलिया के सोनबरसा निवासी रमेश कुमार राम ने टायल्स और मार्बल के काम के लिए एक लाख रुपये रिश्तेदारों से उधार लेकर ऑनलाइन भुगतान किया था। कहा कि सोचा था विदेश जाकर कमाई करेंगे, लेकिन इतना बड़ा धोखा मिलेगा, अंदाजा नहीं था।
नगर कोतवाली क्षेत्र के उपरहितन पुरवा निवासी अवधेश कुमार पांडेय ने कुकिंग पद के लिए आवेदन किया था। उन्होंने ब्याज पर एक लाख रुपये लेकर कंपनी संचालक को दिए। अब रकम भी चली गई और नौकरी भी नहीं मिली। कार्रवाई की उम्मीद में युवा देर शाम तक कोतवाली में डटे रहे, लेकिन बाद में निराश होकर अपने-अपने घर लौट गए।
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कुशीनगर जिले के रोहुआ मझरगवां निवासी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ड्राइवर की नौकरी के लिए उन्होंने खेत गिरवी रखकर 50 हजार रुपये जुटाए और 80 हजार रुपये दो प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार लिए। अब न नौकरी मिली और न ही रकम वापस मिली। ब्याज भी देना है और खेत भी छुड़ाना है, समझ में नहीं आ रहा क्या करें।
गोरखपुर, कैंपियरगंज के रामवृक्ष विश्वकर्मा ने कारपेंटर की नौकरी के लिए दोस्तों से 1.30 लाख रुपये उधार लिए थे। उनका कहना है कि अब रकम डूब गई है। उधारी चुकाने के लिए दूसरा काम तलाशना पड़ेगा।
बलिया के सोनबरसा निवासी रमेश कुमार राम ने टायल्स और मार्बल के काम के लिए एक लाख रुपये रिश्तेदारों से उधार लेकर ऑनलाइन भुगतान किया था। कहा कि सोचा था विदेश जाकर कमाई करेंगे, लेकिन इतना बड़ा धोखा मिलेगा, अंदाजा नहीं था।
नगर कोतवाली क्षेत्र के उपरहितन पुरवा निवासी अवधेश कुमार पांडेय ने कुकिंग पद के लिए आवेदन किया था। उन्होंने ब्याज पर एक लाख रुपये लेकर कंपनी संचालक को दिए। अब रकम भी चली गई और नौकरी भी नहीं मिली। कार्रवाई की उम्मीद में युवा देर शाम तक कोतवाली में डटे रहे, लेकिन बाद में निराश होकर अपने-अपने घर लौट गए।
