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Gonda News: बेटी के हत्यारे को आजीवन कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:07 PM IST
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गोंडा। गला दबाकर बेटी की हत्या करके साक्ष्य मिटाने के लिए शव दफनाने के मामले में सोमवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने दोषी पिता रामरंग शुक्ल को आजीवन सश्रम कारावास व एक लाख 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
कौड़िया के ग्राम मल्लापुर गौसिहा निवासी मोनू उर्फ मुरारी ने वर्ष 2016 में थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि उसकी बहन सुमन गांव में पिता के साथ रहती थी। वह दिल्ली में काम करता था और उसका बड़ा भाई लखनऊ में इलाज करा रहा था। नौ अप्रैल 2016 को गांव वालों से सूचना मिली कि उसकी बहन सुमन की मृत्यु हो गई है और घरवालों ने बिना किसी रिश्तेदार को सूचना दिए शव को दफना दिया है। पूछने पर पिता रामरंग शुक्ल ने पहले बताया कि सर्पदंश से मौत हुई थी और शव को सरयू नदी में प्रवाहित कर दिया गया, लेकिन बाद में पता चला कि शव को तालाब में दफनाया गया है।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को गला दबाकर हत्या किए जाने और साक्ष्य छिपाने के प्रमाण मिले। इसके बाद तत्कालीन विवेचक ने साक्ष्य संकलित कर 22 मई 2016 को अभियुक्त रामरंग शुक्ल के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त रामरंग शुक्ल को दोषी करार देते हुए सोमवार को फैसला सुनाया है।
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कौड़िया के ग्राम मल्लापुर गौसिहा निवासी मोनू उर्फ मुरारी ने वर्ष 2016 में थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि उसकी बहन सुमन गांव में पिता के साथ रहती थी। वह दिल्ली में काम करता था और उसका बड़ा भाई लखनऊ में इलाज करा रहा था। नौ अप्रैल 2016 को गांव वालों से सूचना मिली कि उसकी बहन सुमन की मृत्यु हो गई है और घरवालों ने बिना किसी रिश्तेदार को सूचना दिए शव को दफना दिया है। पूछने पर पिता रामरंग शुक्ल ने पहले बताया कि सर्पदंश से मौत हुई थी और शव को सरयू नदी में प्रवाहित कर दिया गया, लेकिन बाद में पता चला कि शव को तालाब में दफनाया गया है।
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मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को गला दबाकर हत्या किए जाने और साक्ष्य छिपाने के प्रमाण मिले। इसके बाद तत्कालीन विवेचक ने साक्ष्य संकलित कर 22 मई 2016 को अभियुक्त रामरंग शुक्ल के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त रामरंग शुक्ल को दोषी करार देते हुए सोमवार को फैसला सुनाया है।