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Gonda News: मेडिकल कॉलेज में हार्ट, हेड इंजरी व गैस की दवाएं खत्म

संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 02 Feb 2026 11:35 PM IST
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Medicines for heart, head injury and gas are out of stock in the medical college
मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर पर लगी भीड़। - संवाद - फोटो : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेतौरा में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक डाॅ. डीएन चौधरी।
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज में कई जीवनरक्षक दवाएं खत्म हो गई हैं। कई दवाएं खत्म होने के कगार पर हैं। पैरासिटामॉल टैबलेट का स्टॉक भी सिर्फ पांच दिन का ही बचा है। दूसरी तरफ ड्रग सप्लाई कॉर्पोरेशन ने दवाओं की आपूर्ति से हाथ खड़े कर लिए हैं।
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दरअसल, जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बना दिया गया है। अभी तक जिला अस्पताल को आवंटित बजट से दवाएं मंगाई जा रही थीं। अब इसका बजट खत्म हो गया है। इसके कारण पोर्टल लॉक कर दिया गया है। अब चिकित्सा शिक्षा विभाग से बजट जारी कराना होगा। इसके बाद ही दवाओं की आपूर्ति हो सकेगी।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 1700 से 2000 मरीज आते हैं। यहां अब तक 287 दवाओं की आपूर्ति होती थी। इससे मरीजों को सहूलियत होती थी। मगर 23 दिसंबर के बाद से दवाओं की आपूर्ति ही नहीं हुई है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में करीब 200 दवाएं खत्म होने के कगार पर हैं। हालत ये है कि हेड इंजरी, हार्ट, गैस की दवाएं पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं। पैरासिटामॉल टैबलेट का स्टॉक भी सिर्फ पांच दिन का ही बचा है। जबकि, पैरासिटामॉल आईवी एकदम खत्म हो चुका है।
ड्रग सप्लाई कॉर्पोरेशन के वेयर हाउस की ओर से अस्पताल के मुख्य औषधि भंडार को मामले की जानकारी दी गई है। बताया गया कि शासन से आवंटित बजट समाप्त हो गया है। नया बजट नहीं मिला है। इसलिए दवाओं का इंडेंट करने के बाद भी आपूर्ति नहीं हो पाएगी।
ये दवाएं पूरी तरह खत्म
अस्पताल में हृदय रोग संबंधी दवा निफेडिपिन, आइसोसारबाइड, एटेनोलोल, जहर का एंटीटोड मैग्नीशियम सल्फेट, पैरासिटामॉल आईवी, हेड इंजरी की दवा मैनीटूल, कैल्शियम टैबलेट, रैंटीडीन, ओमेज, एंटीबायोटिक पिपिरासिलिन और दर्द निवारक जेल डाइक्लोफेनेक।


डीजीएमई व शासन को भेजा गया पत्र

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि दवाओं की काफी कमी हो गई है। इसके लिए सीएमओ से लेकर डीजीएमई और शासन को भी पत्र लिखा गया है। कोड परिवर्तन की वजह से समस्या आई है। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद है।
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