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Gonda News: मुठभेड़ में एक बदमाश को लगी गोली, दूसरा भी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 07 Mar 2026 11:31 PM IST
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उमरिया पावर हाउस के पास मुठभेड़ में घायल बदमाश को ले जाती पुलिस। स्रोत: पुलिस मीडिया सेल
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नवाबगंज। अपहरण और लूट के आरोपियों से शुक्रवार रात नवाबगंज पुलिस और एसओजी की मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके एक साथ को भी पकड़ा गया है। घायल बदमाश को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। आरोपियों के कब्जे से तमंचा, दो कारतूस, खोखा, एक बाइक और 58 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई है।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण और सीओ तरबगंज उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में नवाबगंज पुलिस और एसओजी ने यह कार्रवाई की है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में विकास मिश्र निवासी रामपुर भगाई थाना नवाबगंज और सौरभ दुबे निवासी बनबरिया थाना परशुरामपुर, जिला बस्ती शामिल हैं। दोनों का आपराधिक इतिहास भी है।
एसपी के मुताबिक शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि मौरंग व्यवसायी अंकित कुमार यादव के अपहरण की घटना में शामिल दो बदमाश उमरिया पावर हाउस की ओर आ रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में विकास मिश्र के पैर में गोली लग गई। उसका साथी सौरभ दुबे भागने लगा, लेकिन घेराबंदी करके उसे भी पकड़ लिया गया। बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि अंकित मौरंग के बड़े व्यवसायी हैं, इसलिए उनसे गुंडा टैक्स वसूलने के लिए साथियों संग मिलकर साजिश रची थी। एसपी ने बताया कि चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एसपी ने बताया कि दोनों बदमाशों ने स्वीकार किया कि चार फरवरी को खोड़ारे थाना क्षेत्र में कूकनगर ग्रांट निवासी निर्मल प्रसाद दुबे से रास्ता पूछने के बहाने तमंचे के बट से हमला करके 10 हजार रुपये भी लूटे थे। इसमें से दो हजार रुपये खर्च कर दिए थे, आठ हजार रुपये बचे थे।
ऐसे अंजाम दी थी अपहरण की वारदात
नवाबगंज के पहली गांव की निवासी सुशीला यादव ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि दो मार्च को दोपहर करीब 12 बजे काले रंग की थार गाड़ी से आए व्यक्ति ने उनके पति अंकित कुमार यादव को घर से बुलाया। इसके बाद अंकित बाइक से कटरा तिराहा की ओर निकले। रास्ते में अकबरपुर चौराहे के पास आरोपी और उसके साथियों ने उन्हें जबरन थार में बैठाकर अपहरण कर लिया। इस पर एसपी ने चार टीमों का गठन किया था। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संभावित स्थानों पर दबिश दी। इसी दौरान अपहृत अंकित पुलिस को मसकनवा गोशाला तिराहा के पास सकुशल मिल गए थे।
गैंगस्टर कप्तान सिंह ने जेल से रची अपहरण की साजिश
गोंडा। नवाबगंज के पहली गांव निवासी मौरंग व्यवसायी अंकित कुमार यादव के अपहरण की साजिश जेल में रची गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि 50 हजार के इनामी गैंगस्टर कप्तान सिंह उर्फ भूपेंद्र ने जिला कारागार में बैठकर इस वारदात की साजिश रची थी। मुठभेड़ में गिरफ्तार विकास मिश्र और सौरभ दुबे ने पूछताछ में बताया कि वे वजीरगंज के हिस्ट्रीशीटर कप्तान सिंह के गिरोह से जुड़े हैं और उसी के इशारे पर काम करते हैं।
एएसपी राधेश्याम राय के अनुसार 19 जनवरी 2026 को कप्तान सिंह एक आपराधिक मामले में जेल चला गया था। कुछ दिन पहले उसके साथी विकास मिश्र और सौरभ दुबे उससे मिलने जिला कारागार पहुंचे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने कप्तान को बताया कि नवाबगंज के पहली गांव का रहने वाला अंकित यादव इलाके का बड़ा मौरंग व्यवसायी है। यहीं से कप्तान के दिमाग में वसूली का ख्याल आया। उसने साथियों के साथ मिलकर अंकित के अपहरण की साजिश रच दी। इसके बाद गिरोह के बदमाशों ने मौका तलाश कर अंकित को अगवा कर लिया।
गुंडा टैक्स वसूली का बनाना था नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मौरंग व्यवसायी को निशाना बनाकर गिरोह अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता था। यदि अपहरण में सफलता मिल जाती तो गिरोह क्षेत्र के अन्य संपन्न कारोबारियों को भी निशाना बनाकर गुंडा टैक्स वसूलता। मगर पुलिस की सक्रियता के चलते यह नेटवर्क शुरू होने से पहले ही ध्वस्त हो गया और मुठभेड़ में गिरोह के दो बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के अनुसार कप्तान सिंह उर्फ भूपेंद्र के खिलाफ वजीरगंज, नगर कोतवाली और कौड़िया थाने में करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं। 22 सितंबर 2025 को कौड़िया पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। फिलहाल वह जेल में निरुद्ध है। पुलिस उसके साथियों की तलाश में जुटी है।
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एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण और सीओ तरबगंज उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में नवाबगंज पुलिस और एसओजी ने यह कार्रवाई की है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में विकास मिश्र निवासी रामपुर भगाई थाना नवाबगंज और सौरभ दुबे निवासी बनबरिया थाना परशुरामपुर, जिला बस्ती शामिल हैं। दोनों का आपराधिक इतिहास भी है।
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एसपी के मुताबिक शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि मौरंग व्यवसायी अंकित कुमार यादव के अपहरण की घटना में शामिल दो बदमाश उमरिया पावर हाउस की ओर आ रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में विकास मिश्र के पैर में गोली लग गई। उसका साथी सौरभ दुबे भागने लगा, लेकिन घेराबंदी करके उसे भी पकड़ लिया गया। बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि अंकित मौरंग के बड़े व्यवसायी हैं, इसलिए उनसे गुंडा टैक्स वसूलने के लिए साथियों संग मिलकर साजिश रची थी। एसपी ने बताया कि चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एसपी ने बताया कि दोनों बदमाशों ने स्वीकार किया कि चार फरवरी को खोड़ारे थाना क्षेत्र में कूकनगर ग्रांट निवासी निर्मल प्रसाद दुबे से रास्ता पूछने के बहाने तमंचे के बट से हमला करके 10 हजार रुपये भी लूटे थे। इसमें से दो हजार रुपये खर्च कर दिए थे, आठ हजार रुपये बचे थे।
ऐसे अंजाम दी थी अपहरण की वारदात
नवाबगंज के पहली गांव की निवासी सुशीला यादव ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि दो मार्च को दोपहर करीब 12 बजे काले रंग की थार गाड़ी से आए व्यक्ति ने उनके पति अंकित कुमार यादव को घर से बुलाया। इसके बाद अंकित बाइक से कटरा तिराहा की ओर निकले। रास्ते में अकबरपुर चौराहे के पास आरोपी और उसके साथियों ने उन्हें जबरन थार में बैठाकर अपहरण कर लिया। इस पर एसपी ने चार टीमों का गठन किया था। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संभावित स्थानों पर दबिश दी। इसी दौरान अपहृत अंकित पुलिस को मसकनवा गोशाला तिराहा के पास सकुशल मिल गए थे।
गैंगस्टर कप्तान सिंह ने जेल से रची अपहरण की साजिश
गोंडा। नवाबगंज के पहली गांव निवासी मौरंग व्यवसायी अंकित कुमार यादव के अपहरण की साजिश जेल में रची गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि 50 हजार के इनामी गैंगस्टर कप्तान सिंह उर्फ भूपेंद्र ने जिला कारागार में बैठकर इस वारदात की साजिश रची थी। मुठभेड़ में गिरफ्तार विकास मिश्र और सौरभ दुबे ने पूछताछ में बताया कि वे वजीरगंज के हिस्ट्रीशीटर कप्तान सिंह के गिरोह से जुड़े हैं और उसी के इशारे पर काम करते हैं।
एएसपी राधेश्याम राय के अनुसार 19 जनवरी 2026 को कप्तान सिंह एक आपराधिक मामले में जेल चला गया था। कुछ दिन पहले उसके साथी विकास मिश्र और सौरभ दुबे उससे मिलने जिला कारागार पहुंचे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने कप्तान को बताया कि नवाबगंज के पहली गांव का रहने वाला अंकित यादव इलाके का बड़ा मौरंग व्यवसायी है। यहीं से कप्तान के दिमाग में वसूली का ख्याल आया। उसने साथियों के साथ मिलकर अंकित के अपहरण की साजिश रच दी। इसके बाद गिरोह के बदमाशों ने मौका तलाश कर अंकित को अगवा कर लिया।
गुंडा टैक्स वसूली का बनाना था नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मौरंग व्यवसायी को निशाना बनाकर गिरोह अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता था। यदि अपहरण में सफलता मिल जाती तो गिरोह क्षेत्र के अन्य संपन्न कारोबारियों को भी निशाना बनाकर गुंडा टैक्स वसूलता। मगर पुलिस की सक्रियता के चलते यह नेटवर्क शुरू होने से पहले ही ध्वस्त हो गया और मुठभेड़ में गिरोह के दो बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के अनुसार कप्तान सिंह उर्फ भूपेंद्र के खिलाफ वजीरगंज, नगर कोतवाली और कौड़िया थाने में करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं। 22 सितंबर 2025 को कौड़िया पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। फिलहाल वह जेल में निरुद्ध है। पुलिस उसके साथियों की तलाश में जुटी है।
