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Gonda News: आंधी-बारिश से 700 गांवों की बिजली व्यवस्था चरमराई
Sun, 28 Jun 2026 08:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 28 Jun 2026 08:52 PM IST
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गोंडा। जिले में शनिवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। 33 केवी लाइनों में फॉल्ट, जंपर दगने, तार टूटने, पेड़ गिरने और ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाओं से शहर से लेकर गांव तक बिजली आपूर्ति चरमरा गई। करीब 700 गांवों में रातभर अंधेरा पसरा रहा, जबकि शहर के कई मोहल्लों में रविवार दोपहर तक भी बिजली पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को रात जागकर गुजारनी पड़ी।
सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। कई जगह रात एक बजे बिजली गुल हुई तो कहीं नौ से दस घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। कई फीडरों पर दिनभर ट्रिपिंग होती रही, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हुई। सिविल लाइंस सहित शहर के कई मोहल्लों में आधी रात से सुबह तक बिजली बाधित रही। मेडिकल कॉलेज क्षेत्र, आवासीय कॉलोनियों और अन्य इलाकों में लोगों ने इनवर्टर और जनरेटर के सहारे रात बिताई। रविवार दोपहर तक भी कई स्थानों पर आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। बिजली संकट के कारण पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही।
बिजली संकट एक नजर में
इटियाथोक: उपकेंद्र से जुड़े ईस्ट, पारासराय, साउथ, बलरामपुर, खरगूपुर और पेट्रोल पंप फीडर के करीब 70 गांवों की बिजली शनिवार रात बारिश शुरू होते ही गुल हो गई। सुबह करीब 10 बजे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन दिनभर ट्रिपिंग जारी रही। अवर अभियंता अंकुर वर्मा ने बताया कि सभी फीडरों की आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
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धानेपुर-मेहनौन: धानेपुर उपकेंद्र क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर बांस गिरने से करीब नौ घंटे तक बिजली ठप रही। मेहनौन उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 10 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। कर्मचारियों ने देर रात तक लाइन दुरुस्त कर सप्लाई शुरू कराई।
मनकापुर: कस्बे में आईटीआई के पास 33 केवी लाइन का जंपर दगने से पूरी रात बिजली गुल रही। जवाहर नगर में पेड़ गिरने से केबल क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि नगर पंचायत का 630 केवीए ट्रांसफार्मर फुंकने से पांच मोहल्लों की आपूर्ति ठप हो गई। झिलाही बाजार और दत्तूपुर में भी ट्रांसफार्मर खराब होने से लंबे समय तक बिजली नहीं मिली।
बेलसर: 33 केवी मेन लाइन में फॉल्ट आने से शुक्लगंज उपकेंद्र के मगुरा, दुर्गागंज, उमरी, डेहरास और बेलसर फीडर से जुड़े करीब एक लाख लोगों की बिजली शनिवार रात से प्रभावित रही। रविवार देर शाम तक कर्मचारी लाइन की खराबी दूर करने में जुटे रहे।
वजीरगंज: 132 केवी लव्वावीरपुर लाइन में ब्रेकडाउन होने से मोहनपुर और रघुराजनगर टिकरी उपकेंद्रों की आपूर्ति करीब नौ घंटे बाधित रही। कटरा बाजार, दुबहा बाजार, माधोपुर और बालपुर क्षेत्रों में भी घंटों बिजली नहीं रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले तीन दिनों से लगातार ट्रिपिंग और फॉल्ट के कारण नियमित आपूर्ति नहीं मिल रही है।
मसकनवा: धुसवा गांव के पास 33 केवी लाइन का तार टूटने और बाद में मेन सप्लाई फेल होने से 60 से अधिक गांवों की करीब दो लाख आबादी प्रभावित रही। वहीं उमरी फीडर में तीन दिनों के भीतर तीन बार हाईटेंशन लाइन गिरने से उपभोक्ताओं को 72 घंटे में मुश्किल से 10 घंटे ही बिजली मिल सकी।
तरबगंज: दुर्जनपुर घाट क्षेत्र में तरबगंज फीडर से जुड़े दर्जनों गांवों में लाइन खराब होने के कारण शनिवार रात से बिजली आपूर्ति ठप रही। उमस और बिजली कटौती से ग्रामीणों को पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी।
मरम्मत कार्य में जुटीं टीमें
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि आंधी और बारिश के कारण बड़े पैमाने पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। सभी उपकेंद्रों और फील्ड कर्मचारियों को युद्धस्तर पर मरम्मत कर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। कई जगह रात एक बजे बिजली गुल हुई तो कहीं नौ से दस घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। कई फीडरों पर दिनभर ट्रिपिंग होती रही, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हुई। सिविल लाइंस सहित शहर के कई मोहल्लों में आधी रात से सुबह तक बिजली बाधित रही। मेडिकल कॉलेज क्षेत्र, आवासीय कॉलोनियों और अन्य इलाकों में लोगों ने इनवर्टर और जनरेटर के सहारे रात बिताई। रविवार दोपहर तक भी कई स्थानों पर आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। बिजली संकट के कारण पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही।
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बिजली संकट एक नजर में
इटियाथोक: उपकेंद्र से जुड़े ईस्ट, पारासराय, साउथ, बलरामपुर, खरगूपुर और पेट्रोल पंप फीडर के करीब 70 गांवों की बिजली शनिवार रात बारिश शुरू होते ही गुल हो गई। सुबह करीब 10 बजे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन दिनभर ट्रिपिंग जारी रही। अवर अभियंता अंकुर वर्मा ने बताया कि सभी फीडरों की आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
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धानेपुर-मेहनौन: धानेपुर उपकेंद्र क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर बांस गिरने से करीब नौ घंटे तक बिजली ठप रही। मेहनौन उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 10 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। कर्मचारियों ने देर रात तक लाइन दुरुस्त कर सप्लाई शुरू कराई।
मनकापुर: कस्बे में आईटीआई के पास 33 केवी लाइन का जंपर दगने से पूरी रात बिजली गुल रही। जवाहर नगर में पेड़ गिरने से केबल क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि नगर पंचायत का 630 केवीए ट्रांसफार्मर फुंकने से पांच मोहल्लों की आपूर्ति ठप हो गई। झिलाही बाजार और दत्तूपुर में भी ट्रांसफार्मर खराब होने से लंबे समय तक बिजली नहीं मिली।
बेलसर: 33 केवी मेन लाइन में फॉल्ट आने से शुक्लगंज उपकेंद्र के मगुरा, दुर्गागंज, उमरी, डेहरास और बेलसर फीडर से जुड़े करीब एक लाख लोगों की बिजली शनिवार रात से प्रभावित रही। रविवार देर शाम तक कर्मचारी लाइन की खराबी दूर करने में जुटे रहे।
वजीरगंज: 132 केवी लव्वावीरपुर लाइन में ब्रेकडाउन होने से मोहनपुर और रघुराजनगर टिकरी उपकेंद्रों की आपूर्ति करीब नौ घंटे बाधित रही। कटरा बाजार, दुबहा बाजार, माधोपुर और बालपुर क्षेत्रों में भी घंटों बिजली नहीं रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले तीन दिनों से लगातार ट्रिपिंग और फॉल्ट के कारण नियमित आपूर्ति नहीं मिल रही है।
मसकनवा: धुसवा गांव के पास 33 केवी लाइन का तार टूटने और बाद में मेन सप्लाई फेल होने से 60 से अधिक गांवों की करीब दो लाख आबादी प्रभावित रही। वहीं उमरी फीडर में तीन दिनों के भीतर तीन बार हाईटेंशन लाइन गिरने से उपभोक्ताओं को 72 घंटे में मुश्किल से 10 घंटे ही बिजली मिल सकी।
तरबगंज: दुर्जनपुर घाट क्षेत्र में तरबगंज फीडर से जुड़े दर्जनों गांवों में लाइन खराब होने के कारण शनिवार रात से बिजली आपूर्ति ठप रही। उमस और बिजली कटौती से ग्रामीणों को पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी।
मरम्मत कार्य में जुटीं टीमें
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि आंधी और बारिश के कारण बड़े पैमाने पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। सभी उपकेंद्रों और फील्ड कर्मचारियों को युद्धस्तर पर मरम्मत कर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।