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Gonda News: बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत, खेतों में लौटी रौनक
Sun, 28 Jun 2026 08:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 28 Jun 2026 08:59 PM IST
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बारिश से गांव में भरा पानी।
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पसका/गोंडा। दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने जिलेवासियों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई है। शनिवार देर रात हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। उमस से बेहाल लोगों ने तापमान में गिरावट के बाद राहत की सांस ली।
बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से धान की रोपाई, मक्का की बोआई और खरीफ फसलों की तैयारी ने रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि शहर के कई मोहल्लों और मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव होने से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी।
शनिवार देर रात शुरू हुई बारिश देर तक जारी रही। जिले में 29 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश से मेडिकल कॉलेज परिसर, विष्णुपुरी कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, पटेलनगर, गायत्रीपुरम समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कें पानी में डूबने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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पिछले कई दिनों से तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण धान की नर्सरी सूखने लगी थी। खेतों की मिट्टी में नमी खत्म होने से किसान सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करने को मजबूर थे। बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है। किसान अब मेड़बंदी, जोताई और धान की रोपाई की तैयारियों में जुट गए हैं। कई स्थानों पर मक्का की बोआई भी शुरू हो गई है।
पसका क्षेत्र के लोहंगपुर पूरे पंडित निवासी किसान दिनेश ने बताया कि बारिश का लंबे समय से इंतजार था। अब खेतों में पर्याप्त पानी होने से धान की रोपाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। मलांव निवासी मुकेश, लोहंगपुर निवासी वेदप्रकाश, पूरे बिलंद निवासी अवधेश और अंदूपुर पूरे पांडेय निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि लगातार पड़ रही गर्मी से खेती प्रभावित हो रही थी। बारिश से खेतों में नमी लौट आई है और अब रोपाई का काम आसानी से किया जा सकेगा।
खेती को मिली संजीवनी
तरबगंज। गिरधरपुर निवासी किसान सुतीक्ष्ण शुक्ल ने बताया कि बारिश से गन्ने की फसल को भी बड़ा लाभ मिला है। अब सिंचाई के लिए डीजल पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। किसान संगठन के तहसील अध्यक्ष हंसराज पांडेय ने कहा कि धान की नर्सरी पूरी तरह तैयार थी, लेकिन बारिश नहीं होने से रोपाई शुरू नहीं हो पा रही थी। अब मौसम अनुकूल हो गया है और आने वाले दिनों में रोपाई का कार्य तेज गति से होगा।
खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी है यह वर्षा
कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि शनिवार रात जिले में 29 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो खरीफ फसलों के लिए सामान्य रूप से लाभकारी है। इससे मिट्टी की सतही और मध्यम गहराई तक पर्याप्त नमी उपलब्ध हो गई है। यह धान, मक्का, अरहर, उड़द, मूंग और तिल जैसी फसलों की बोआई और शुरुआती वृद्धि के लिए अनुकूल है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेतों में उपलब्ध नमी का लाभ उठाते हुए धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बोआई समय से पूरी करें, ताकि बेहतर उत्पादन मिल सके।
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बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से धान की रोपाई, मक्का की बोआई और खरीफ फसलों की तैयारी ने रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि शहर के कई मोहल्लों और मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव होने से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी।
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शनिवार देर रात शुरू हुई बारिश देर तक जारी रही। जिले में 29 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश से मेडिकल कॉलेज परिसर, विष्णुपुरी कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, पटेलनगर, गायत्रीपुरम समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कें पानी में डूबने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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पिछले कई दिनों से तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण धान की नर्सरी सूखने लगी थी। खेतों की मिट्टी में नमी खत्म होने से किसान सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करने को मजबूर थे। बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है। किसान अब मेड़बंदी, जोताई और धान की रोपाई की तैयारियों में जुट गए हैं। कई स्थानों पर मक्का की बोआई भी शुरू हो गई है।
पसका क्षेत्र के लोहंगपुर पूरे पंडित निवासी किसान दिनेश ने बताया कि बारिश का लंबे समय से इंतजार था। अब खेतों में पर्याप्त पानी होने से धान की रोपाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। मलांव निवासी मुकेश, लोहंगपुर निवासी वेदप्रकाश, पूरे बिलंद निवासी अवधेश और अंदूपुर पूरे पांडेय निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि लगातार पड़ रही गर्मी से खेती प्रभावित हो रही थी। बारिश से खेतों में नमी लौट आई है और अब रोपाई का काम आसानी से किया जा सकेगा।
खेती को मिली संजीवनी
तरबगंज। गिरधरपुर निवासी किसान सुतीक्ष्ण शुक्ल ने बताया कि बारिश से गन्ने की फसल को भी बड़ा लाभ मिला है। अब सिंचाई के लिए डीजल पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। किसान संगठन के तहसील अध्यक्ष हंसराज पांडेय ने कहा कि धान की नर्सरी पूरी तरह तैयार थी, लेकिन बारिश नहीं होने से रोपाई शुरू नहीं हो पा रही थी। अब मौसम अनुकूल हो गया है और आने वाले दिनों में रोपाई का कार्य तेज गति से होगा।
खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी है यह वर्षा
कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि शनिवार रात जिले में 29 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो खरीफ फसलों के लिए सामान्य रूप से लाभकारी है। इससे मिट्टी की सतही और मध्यम गहराई तक पर्याप्त नमी उपलब्ध हो गई है। यह धान, मक्का, अरहर, उड़द, मूंग और तिल जैसी फसलों की बोआई और शुरुआती वृद्धि के लिए अनुकूल है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेतों में उपलब्ध नमी का लाभ उठाते हुए धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बोआई समय से पूरी करें, ताकि बेहतर उत्पादन मिल सके।