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Gonda News: सरयू खतरे के निशान से सिर्फ 11 सेंटीमीटर दूर
Sun, 02 Aug 2026 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:17 AM IST
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दुर्गागंज माझा में सरयू कटान कर रही और टेढ़ी नदी के पुल के पास दिखा मगरमच्छ। स्रोत: ग्रामीण
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करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोग चिंतित हैं। एल्गिन ब्रिज पर शनिवार शाम को नदी खतरे के निशान से महज 11 सेंटीमीटर दूर थी। बाढ़ खंड ने फिलहाल किसी तत्काल खतरे से इन्कार किया है, लेकिन बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर माझा क्षेत्र में कटान फिर तेज होने लगी है, जिससे किसानों की फसलें और रिहायशी इलाके खतरे की जद में आ रहे हैं।
बाढ़ खंड के अनुसार 31 जुलाई की सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.670 मीटर था, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे था। उसी दिन रात आठ बजे यह बढ़कर 105.890 मीटर पहुंच गया और खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। शनिवार सुबह आठ बजे जलस्तर 105.920 मीटर और शाम चार बजे 105.960 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से सिर्फ 11 सेंटीमीटर दूर है।
जलस्तर बढ़ने के साथ ही बैराजों से छोड़े जा रहे पानी में भी लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार शाम तक गिरिजा बैराज से 1,28,600 क्यूसेक, शारदा से 1,35,054 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,286 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह कुल 2.70 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सभी परियोजनाओं का कार्य पूरा कर लिया गया है। बांध पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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कटान से बढ़ी किसानों की परेशानी
विश्नोहरपुर क्षेत्र के दत्तनगर, साकीपुर, दुर्गागंज माझा और माझाराठ में नदी की कटान रुक-रुक कर जारी है। दत्तनगर के बाड़ी माझा में फूलचंद का छप्पर कटान से महज दो मीटर दूर बचा है। साकीपुर में गन्ना और धान की फसलें नदी में समा रही हैं, जबकि दुर्गागंज माझा में शनिवार को करीब दो बीघा खेत कट गए। माझाराठ में पहले ही सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी आवास और पशुओं के चारे की व्यवस्था कराने की मांग की है।
टेढ़ी नदी में दिखा मगरमच्छ
दुर्गागंज माझा स्थित छोटे पुल के पास टेढ़ी नदी में शनिवार को मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। वन दरोगा कमल सिंह ने बताया कि लोगों को नदी के किनारे और पानी में जाने से बचने की सलाह दी गई है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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बाढ़ खंड के अनुसार 31 जुलाई की सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.670 मीटर था, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे था। उसी दिन रात आठ बजे यह बढ़कर 105.890 मीटर पहुंच गया और खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। शनिवार सुबह आठ बजे जलस्तर 105.920 मीटर और शाम चार बजे 105.960 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से सिर्फ 11 सेंटीमीटर दूर है।
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जलस्तर बढ़ने के साथ ही बैराजों से छोड़े जा रहे पानी में भी लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार शाम तक गिरिजा बैराज से 1,28,600 क्यूसेक, शारदा से 1,35,054 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,286 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह कुल 2.70 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सभी परियोजनाओं का कार्य पूरा कर लिया गया है। बांध पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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कटान से बढ़ी किसानों की परेशानी
विश्नोहरपुर क्षेत्र के दत्तनगर, साकीपुर, दुर्गागंज माझा और माझाराठ में नदी की कटान रुक-रुक कर जारी है। दत्तनगर के बाड़ी माझा में फूलचंद का छप्पर कटान से महज दो मीटर दूर बचा है। साकीपुर में गन्ना और धान की फसलें नदी में समा रही हैं, जबकि दुर्गागंज माझा में शनिवार को करीब दो बीघा खेत कट गए। माझाराठ में पहले ही सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी आवास और पशुओं के चारे की व्यवस्था कराने की मांग की है।
टेढ़ी नदी में दिखा मगरमच्छ
दुर्गागंज माझा स्थित छोटे पुल के पास टेढ़ी नदी में शनिवार को मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। वन दरोगा कमल सिंह ने बताया कि लोगों को नदी के किनारे और पानी में जाने से बचने की सलाह दी गई है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

दुर्गागंज माझा में सरयू कटान कर रही और टेढ़ी नदी के पुल के पास दिखा मगरमच्छ। स्रोत: ग्रामीण