{"_id":"697e44f4f79582435c0ca1a5","slug":"society-will-be-strengthened-by-harmony-and-nationalism-gonda-news-c-100-1-gon1010-151294-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: समरसता और राष्ट्रभाव से मजबूत होगा समाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: समरसता और राष्ट्रभाव से मजबूत होगा समाज
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:37 PM IST
विज्ञापन
इंद्रानगर धानेपुर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मां भारती की आरती करते अतिथि। - संवाद
विज्ञापन
धानेपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर शनिवार को इंद्रानगर स्थित निजी इंटर कॉलेज में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें समाज में समरसता, राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
मुख्य अतिथि एवं प्रांत ग्राम विकास संयोजक ओमप्रकाश ने कहा कि समाज को छुआछूत जैसी कुरीतियों से बाहर निकलना होगा। जब तक सामाजिक भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सशक्त और संगठित भारत की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी भाव, समरसता और कुटुंब प्रबोधन पर विस्तार से चर्चा की। युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि धर्म और राष्ट्रहित में अपनी भूमिका समझें, क्योंकि संगठित समाज ही लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम में संत छोटे बाबा ने रानी पद्मावती, रानी लक्ष्मीबाई और हिंदुत्व के आदर्शों पर अपने विचार रखे। विनीता श्रीवास्तव ने मातृशक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सशक्त परिवार से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।
समारोह का शुभारंभ विद्यालय की छात्रा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। अंत में मां भारती की आरती के साथ समापन किया गया। इस अवसर पर बसंत वर्मा, ज्ञान प्रकाश, राम प्रकाश, हिमांशु, प्रेम, जगदंबा सोनी, आचार्य शिव प्रसाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
पंच परिवर्तन से आत्मनिर्भर और संगठित राष्ट्र का संकल्प
नवाबगंज। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को नगर के गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज के मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क प्रमुख मनोज जी ने कहा कि संघ ने अपने 100वें वर्ष में समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से पंच परिवर्तन का संकल्प लिया है। इसके अंतर्गत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य के पांच स्तंभ शामिल हैं। मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री, विभाग प्रचारक प्रवीण, जिला प्रचारक रवि, संघ चालक रामसुंदर, कटरा कुटी धाम मंदिर के महंत स्वामी चिन्मयानंद महाराज, विधायक प्रतिनिधि वेदप्रकाश दूबे, जनार्दन तिवारी, हर्षवर्धन पांडेय, बाबूलाल शास्त्री सहित अन्य मौजूद रहे। (संवाद)
Trending Videos
मुख्य अतिथि एवं प्रांत ग्राम विकास संयोजक ओमप्रकाश ने कहा कि समाज को छुआछूत जैसी कुरीतियों से बाहर निकलना होगा। जब तक सामाजिक भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सशक्त और संगठित भारत की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी भाव, समरसता और कुटुंब प्रबोधन पर विस्तार से चर्चा की। युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि धर्म और राष्ट्रहित में अपनी भूमिका समझें, क्योंकि संगठित समाज ही लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में संत छोटे बाबा ने रानी पद्मावती, रानी लक्ष्मीबाई और हिंदुत्व के आदर्शों पर अपने विचार रखे। विनीता श्रीवास्तव ने मातृशक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सशक्त परिवार से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।
समारोह का शुभारंभ विद्यालय की छात्रा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। अंत में मां भारती की आरती के साथ समापन किया गया। इस अवसर पर बसंत वर्मा, ज्ञान प्रकाश, राम प्रकाश, हिमांशु, प्रेम, जगदंबा सोनी, आचार्य शिव प्रसाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
पंच परिवर्तन से आत्मनिर्भर और संगठित राष्ट्र का संकल्प
नवाबगंज। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को नगर के गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज के मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क प्रमुख मनोज जी ने कहा कि संघ ने अपने 100वें वर्ष में समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से पंच परिवर्तन का संकल्प लिया है। इसके अंतर्गत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य के पांच स्तंभ शामिल हैं। मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री, विभाग प्रचारक प्रवीण, जिला प्रचारक रवि, संघ चालक रामसुंदर, कटरा कुटी धाम मंदिर के महंत स्वामी चिन्मयानंद महाराज, विधायक प्रतिनिधि वेदप्रकाश दूबे, जनार्दन तिवारी, हर्षवर्धन पांडेय, बाबूलाल शास्त्री सहित अन्य मौजूद रहे। (संवाद)
