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Gonda News: 2609 परिषदीय स्कूलों में शुरू होगी स्पेशल रीडिंग क्लास
Mon, 03 Aug 2026 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:35 PM IST
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गोंडा। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को मोबाइल की लत से दूर कर पुस्तकों से जोड़ने के लिए पहल की जा रही है। जिले के सभी 2609 परिषदीय विद्यालयों में जल्द ही ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड (डीईएआर) अभियान शुरू किया जाएगा।
इसके तहत सप्ताह में एक दिन 30 मिनट की स्पेशल रीडिंग क्लास आयोजित होगी, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी पसंद की कहानी, कविता, बाल साहित्य, प्रेरक प्रसंग और समाचार पत्र पढ़ेंगे। सभी परिषदीय विद्यालयों की समय-सारिणी में पुस्तकालय के लिए अलग से समय निर्धारित किया जाएगा, ताकि बच्चे पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ अन्य साहित्य का भी नियमित अध्ययन कर सकें। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना, भाषा कौशल मजबूत करना और मोबाइल स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय को कम करना है।
रीडिंग सत्र को रोचक बनाने के लिए शिक्षक केवल पुस्तकें उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कहानी वाचन, कविता पाठ, पुस्तक समीक्षा, समूह चर्चा, समाचार पत्र अध्ययन और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां भी कराएंगे। प्रत्येक विद्यालय में रीडिंग क्लब का गठन होगा, जो नियमित पठन-पाठन गतिविधियों का संचालन करेगा। साथ ही पुस्तक समीक्षा, कहानी लेखन, प्रश्नोत्तरी और अन्य साहित्यिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।
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बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। नियमित पुस्तक पठन से विद्यार्थियों की शब्दावली, भाषा दक्षता, लेखन क्षमता, कल्पनाशक्ति, सामान्य ज्ञान और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
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इसके तहत सप्ताह में एक दिन 30 मिनट की स्पेशल रीडिंग क्लास आयोजित होगी, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी पसंद की कहानी, कविता, बाल साहित्य, प्रेरक प्रसंग और समाचार पत्र पढ़ेंगे। सभी परिषदीय विद्यालयों की समय-सारिणी में पुस्तकालय के लिए अलग से समय निर्धारित किया जाएगा, ताकि बच्चे पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ अन्य साहित्य का भी नियमित अध्ययन कर सकें। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना, भाषा कौशल मजबूत करना और मोबाइल स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय को कम करना है।
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रीडिंग सत्र को रोचक बनाने के लिए शिक्षक केवल पुस्तकें उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कहानी वाचन, कविता पाठ, पुस्तक समीक्षा, समूह चर्चा, समाचार पत्र अध्ययन और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां भी कराएंगे। प्रत्येक विद्यालय में रीडिंग क्लब का गठन होगा, जो नियमित पठन-पाठन गतिविधियों का संचालन करेगा। साथ ही पुस्तक समीक्षा, कहानी लेखन, प्रश्नोत्तरी और अन्य साहित्यिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।
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बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। नियमित पुस्तक पठन से विद्यार्थियों की शब्दावली, भाषा दक्षता, लेखन क्षमता, कल्पनाशक्ति, सामान्य ज्ञान और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।