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Hamirpur News: 11 माह में फुंके 2,252 ट्रांसफार्मर, मरम्मत में चार करोड़ खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:05 AM IST
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हमीरपुर। जिले में ट्रांसफॉर्मर के तेल में खूब खेल हो रहा है। ट्रांसफॉर्मर जलने पर पता चलता है कि इसमें तेल ही नहीं है। तेल बदलने के नाम पर निगम कर्मचारी कागजों में खूब हेराफेरी करते हैं। बीते 11 माह में जिले भर में कुल 2,252 ट्रांसफॉर्मर जले हैं। इनमें मरम्मत के नाम पर निगम के चार करोड़ से अधिक रुपये खर्च हुए हैं। 350 में मानक से कम और 111 में बूंद भर तेल न निकलने का दावा किया जा रहा है। औसतन देखा जाए तो करीब 200 ट्रांसफार्मर हर महीने फुंक रहे हैं।
जिले भर में दोनों डिवीजनों में कुल 30 हजार 339 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसमें दो वितरण खंड हमीरपुर और राठ के डिवीजनों से ग्रामीण क्षेत्रों सहित कस्बों व नगरों को बिजली आपूर्ति होती है। अधिकांश उपभोक्ताओं तक 25, 63, 100 केवी वाले ट्रांसफार्मर से बिजली पहुंचती है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को रोस्टर ट्रिपिंग, अघोषित कटौती का भी सामना करना पड़ता हैं। वैसे तो अप्रैल, मई और जून में सबसे अधिक ट्रांसफार्मर जलते हैं। कम तेल की वजह से जले ट्रांसफार्मरों के अंदर के कॉइल भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ट्रांसफार्मर का तेल कम होने कारण रिसाव और शॉर्टसर्किट भी होता है।
सुमेरपुर व मौदहा में दो 400 केवीए ट्रांसफॉर्मर की हुई तेल चोरी
हमीरपुर डिवीजन के सुमेरपुर उपकेंद्र पर बीते जनवरी माह में 400 केवीए ट्रांसफॉर्मर में तेल चोरी का मामला सामने आया। इसमें निगम ने अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई कराई थी। वहीं, मौदहा उपकेंद्र क्षेत्र में भी इसी माह 400 केवीए के ट्रांसफार्मर से तेल चोरी का मामला सामने आया था। पुलिस चोरी की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
मरम्मत पर हर साल चार करोड़ से अधिक का खर्च
दक्षिणांचल बिजली निगम की रिपोर्ट के अनुसार, बीते अप्रैल 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक कुल 2,252 ट्रांसफॉर्मर जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें सबसे अधिक संख्या 25 केवीए ट्रांसफार्मरों की है। क्षतिग्रस्त 1617 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में विभाग का करीब 2.91 करोड़ रुपये खर्च हुआ है। प्रत्येक ट्रांसफार्मर की मरम्मत में अलग-अलग खर्च आता है। 10 केवीए में जहां आठ हजार तो वहीं 630 केवीए में करीब 40 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें पड़ने वाला तेल भी 100 रुपये लीटर मिलता है। जिले भर में जले कुल 2,252 ट्रांसफार्मरों में निगम का लगभग चार करोड़ से अधिक रुपया खर्च हुआ है।
मॉनिटरिंग के लिए 144 टीमें तैनात
निगम के अधीक्षण अभियंता के अनुसार, बाढ़ के सीजन में करीब 300 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे। इनमें पानी तक भर गया था। बारिश व बिजली कड़कने से 70-80 ट्रांसफार्मर जल गए। जिले के कुल 144 फीडरों में जेई के साथ गैंग टीमें लगी हैं। जो लाइनों की मरम्मत के साथ ट्रांसफार्मरों की चेकिंग भी करते हैं। 250 केवीए क्षमता से अधिक ट्रांसफार्मरों की रेगुलर चेकिंग की जाती है। 25 केवीए के ज्यादातर ट्रांसफार्मर किसानों के निजी नलकूपों में लगे हैं। इनकी किसानों की शिकायत पर ही चेकिंग की जाती है। 25 से 63 केवीए के करीब 70 व 63 से 100 केवीए के 18 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि भी की गई है।
किस ट्रांसफार्मर में कितना तेल
क्षमता - तेल (लीटर में)
10 केवीए - 35
25 केवीए - 75
63 केवीए - 140
100 केवीए -180
250 केवीए - 350
400 केवीए - 410
630 केवीए - 600
जिले में कुल ट्रांसफार्मर व क्षतिग्रस्त
ट्रांसफॉर्मर में निर्धारित मात्रा के अनुसार ही तेल भरा जाता है। ट्रांसफॉर्मर में तेल कम होने के कई कारण होते हैं। पैकिंग सही न होने, शॉर्ट सर्किट से भी तेल कम हो जाता है। दूसरे कारण से भी तेल ट्रांसफॉर्मर से रिसकर गिर जाता है। वर्कशॉप के स्तर से कहीं कोई गड़बड़ी नहीं होती है।
संजय कुमार, एसडीओ वर्कशॉप।
बीते जनवरी माह में 400 केवीए के दो ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी होने का मामला प्रकाश में आया था। अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। ट्रांसफार्मर का तेल कम होने से क्षतिग्रस्त होने की अधिक संभावना रहती है। बारिश व बाढ़ में सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। हर साल करीब चार करोड़ रुपये इनकी मरम्मत में खर्च आता है।
ज्ञानचंद्र यादव, अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम हमीरपुर।
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जिले भर में दोनों डिवीजनों में कुल 30 हजार 339 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसमें दो वितरण खंड हमीरपुर और राठ के डिवीजनों से ग्रामीण क्षेत्रों सहित कस्बों व नगरों को बिजली आपूर्ति होती है। अधिकांश उपभोक्ताओं तक 25, 63, 100 केवी वाले ट्रांसफार्मर से बिजली पहुंचती है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को रोस्टर ट्रिपिंग, अघोषित कटौती का भी सामना करना पड़ता हैं। वैसे तो अप्रैल, मई और जून में सबसे अधिक ट्रांसफार्मर जलते हैं। कम तेल की वजह से जले ट्रांसफार्मरों के अंदर के कॉइल भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ट्रांसफार्मर का तेल कम होने कारण रिसाव और शॉर्टसर्किट भी होता है।
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सुमेरपुर व मौदहा में दो 400 केवीए ट्रांसफॉर्मर की हुई तेल चोरी
हमीरपुर डिवीजन के सुमेरपुर उपकेंद्र पर बीते जनवरी माह में 400 केवीए ट्रांसफॉर्मर में तेल चोरी का मामला सामने आया। इसमें निगम ने अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई कराई थी। वहीं, मौदहा उपकेंद्र क्षेत्र में भी इसी माह 400 केवीए के ट्रांसफार्मर से तेल चोरी का मामला सामने आया था। पुलिस चोरी की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
मरम्मत पर हर साल चार करोड़ से अधिक का खर्च
दक्षिणांचल बिजली निगम की रिपोर्ट के अनुसार, बीते अप्रैल 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक कुल 2,252 ट्रांसफॉर्मर जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें सबसे अधिक संख्या 25 केवीए ट्रांसफार्मरों की है। क्षतिग्रस्त 1617 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में विभाग का करीब 2.91 करोड़ रुपये खर्च हुआ है। प्रत्येक ट्रांसफार्मर की मरम्मत में अलग-अलग खर्च आता है। 10 केवीए में जहां आठ हजार तो वहीं 630 केवीए में करीब 40 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें पड़ने वाला तेल भी 100 रुपये लीटर मिलता है। जिले भर में जले कुल 2,252 ट्रांसफार्मरों में निगम का लगभग चार करोड़ से अधिक रुपया खर्च हुआ है।
मॉनिटरिंग के लिए 144 टीमें तैनात
निगम के अधीक्षण अभियंता के अनुसार, बाढ़ के सीजन में करीब 300 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे। इनमें पानी तक भर गया था। बारिश व बिजली कड़कने से 70-80 ट्रांसफार्मर जल गए। जिले के कुल 144 फीडरों में जेई के साथ गैंग टीमें लगी हैं। जो लाइनों की मरम्मत के साथ ट्रांसफार्मरों की चेकिंग भी करते हैं। 250 केवीए क्षमता से अधिक ट्रांसफार्मरों की रेगुलर चेकिंग की जाती है। 25 केवीए के ज्यादातर ट्रांसफार्मर किसानों के निजी नलकूपों में लगे हैं। इनकी किसानों की शिकायत पर ही चेकिंग की जाती है। 25 से 63 केवीए के करीब 70 व 63 से 100 केवीए के 18 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि भी की गई है।
किस ट्रांसफार्मर में कितना तेल
क्षमता - तेल (लीटर में)
10 केवीए - 35
25 केवीए - 75
63 केवीए - 140
100 केवीए -180
250 केवीए - 350
400 केवीए - 410
630 केवीए - 600
जिले में कुल ट्रांसफार्मर व क्षतिग्रस्त
ट्रांसफॉर्मर में निर्धारित मात्रा के अनुसार ही तेल भरा जाता है। ट्रांसफॉर्मर में तेल कम होने के कई कारण होते हैं। पैकिंग सही न होने, शॉर्ट सर्किट से भी तेल कम हो जाता है। दूसरे कारण से भी तेल ट्रांसफॉर्मर से रिसकर गिर जाता है। वर्कशॉप के स्तर से कहीं कोई गड़बड़ी नहीं होती है।
संजय कुमार, एसडीओ वर्कशॉप।
बीते जनवरी माह में 400 केवीए के दो ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी होने का मामला प्रकाश में आया था। अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। ट्रांसफार्मर का तेल कम होने से क्षतिग्रस्त होने की अधिक संभावना रहती है। बारिश व बाढ़ में सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। हर साल करीब चार करोड़ रुपये इनकी मरम्मत में खर्च आता है।
ज्ञानचंद्र यादव, अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम हमीरपुर।