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Hamirpur News: तीसरे सोमवार को शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब
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फोटो 17 एचएएमपी 15- शहर स्थित संगमहेश्वर धाम में परिक्रमा करते श्रद्धालु। संवाद
फोटो 17 एचएएमपी 16- शल्लेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करती राठ विधायक। संवाद
फोटो 17 एचएएमपी 17- बेतवा नदी से जल लेकर शल्लेश्वर मंदिर पहुंचे कांवड़िये। संवाद
-बेतवा से जल लेकर पैदल 20 किमी चलकर पहुंचे कांवड़िये, गूंजे बम-बम भोले के जयकारे
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर/सरीला। सावन के तीसरे सोमवार को नाग पंचमी के पावन अवसर पर शहर के प्राचीन संगमहेश्वर मंदिर में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा मंदिर गूंजायमान हो उठा। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और नाग देवता की पूजा की। मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
सरीला के प्रसिद्ध प्राचीन शल्लेश्वर शिव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर चार बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। क्षेत्रीय विधायक मनीषा अनुरागी ने भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया और नगर पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार अनुरागी ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सावन के तीसरे सोमवार पर बड़ी संख्या में कांवड़िये करीब 20 किलोमीटर दूर चंडौत डांडा स्थित बेतवा नदी से जल लेकर पैदल सरीला पहुंचे। अयोध्या और कानपुर गए श्रद्धालु भी वहां से जल लेकर शल्लेश्वर मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक किया।
चक्कर आने से गिरा कांवड़िया
चिकासी-गोहांड मार्ग पर कांवड़ लेकर जा रहे मल्हवा निवासी मानवेंद्र को अचानक चक्कर आ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। सूचना पर थाना जरिया में तैनात उपनिरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव और आरक्षी जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने कांवड़िये को सीएचसी गोहांड में भर्ती कराया गया।
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30 किलोमीटर निकाली कांवड़ यात्रा
राठ। चिकासी स्थित बेतवा नदी से जल लेकर नगर तक करीब 30 किलोमीटर पैदल कांवड़ यात्रा निकाली गई। सोमवार देर शाम चौपरा मंदिर में जलाभिषेक के बाद यात्रा का समापन हुआ। बाद में भंडारे का आयोजन किया गया। व्यवस्थापक कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया मां श्यामला देवी गुरुपूर्णिमा कमेटी द्वारा यात्रा की व्यवस्था की गई। कांवड़ यात्रियों को पोशाक, कांवड़ सहित भोजन की व्यवस्था की गई। कांवड़ियों को निजी साधन से चिकासी के बेतवा घाट ले जाया गया। वहां से कांवड़ में जल भरने के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। देर शाम कांवड़िया नगर के ऐतिहासिक चौपरेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। (संवाद)
दूध, पुष्प व जल से किया अभिषेक
फोटो 17 एचएएमपी 18- शिव मंदिर पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
कुरारा। नाग पंचमी पर बेरी गांव स्थित श्री कोटेश्वर धाम मंदिर, शंकरपुर गांव स्थित पहाड़ी देव बाबा मंदिर व मिश्रीपुर गांव से करीब एक किमी दूर स्थित त्रिसरा देव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने दूध, पुष्प व जल से शिवलिंग का अभिषेक किया। शंकरपुर गांव स्थित पहाड़ी देव बाबा मंदिर में भी जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं त्रिसरा देव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। (संवाद)
फोटो 17 एचएएमपी 19- टोडरपुर गांव में कंठमाला का उपचार करता भगत लाखन बाबा। संवाद
नाग देवता मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
कुरारा। टोडरपुर गांव स्थित नाग देवता के मंदिर में नाग पंचमी के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। यहां आने वाले कंठमाला, कैंसर, फोड़ा आदि से पीड़ित लोगों का इलाज मंदिर के पुजारी ने किया। मंदिर परिसर में कबीरी भजन भी हुए। पुजारी लाखन बाबा ने बताया कि ईश्वरीय विश्वास मानते हुए लोगों को दुआ दी जाती है कि उनकी समस्या का समाधान हो। नाग देवता के स्थान पर होने वाले हवन की राख प्रसाद के रूप में दी जाती है। मंदिर कमेटी के कृष्ण कुमार कुशवाहा, प्रधान प्रतिनिधि नारायण ने बताया कि बाहर से आने वाले भक्तों के लिए ठहरने व खाने पीने की व्यवस्था कमेटी करती है। (संवाद)
फोटो 17 एचएएमपी 20- मराठीपुरा मोहल्ले में शिवालय में रुद्राभिषेक करती महिलाएं। संवाद
शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मौदहा। मराठीपुरा मोहल्ला स्थित कैलाशपति रामेश्वर महादेव मंदिर में अखंड ॐ नम: शिवाय जाप का 24 घंटे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मिट्टी से भगवान शंकर की प्रतिमाएं बनाकर पूजा-अर्चना की। वृंदावन से आए पंडित श्यामजी शुक्ल और राज नारायण मिश्र ने धार्मिक अनुष्ठान कराए। वहीं खंडेह गांव स्थित प्राचीन शिवालय में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इचौली के झरियारे बाबा मंदिर और राधाकृष्ण मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। (संवाद)
फोटो 17 एचएएमपी 21- मनासर बाबा शिव मंदिर में दर्शन पूजन करते शिव भक्त। संवाद
बारिश में नहीं डिगी आस्था, सुबह से उमड़े शिवभक्त
भरुआ सुमेरपुर। बीहड़ों में विराजमान मनासर बाबा के पावन शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। रिमझिम फुहारों के बीच श्रद्धालु भक्ति भाव से मनासर बाबा के दरबार पहुंचे। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है। श्रद्धालुओं ने महादेव से क्षेत्र में सुख, शांति, खुशहाली और अच्छी वर्षा की कामना की। दिनभर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा। (संवाद)
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फोटो 17 एचएएमपी 16- शल्लेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करती राठ विधायक। संवाद
फोटो 17 एचएएमपी 17- बेतवा नदी से जल लेकर शल्लेश्वर मंदिर पहुंचे कांवड़िये। संवाद
-बेतवा से जल लेकर पैदल 20 किमी चलकर पहुंचे कांवड़िये, गूंजे बम-बम भोले के जयकारे
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर/सरीला। सावन के तीसरे सोमवार को नाग पंचमी के पावन अवसर पर शहर के प्राचीन संगमहेश्वर मंदिर में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा मंदिर गूंजायमान हो उठा। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और नाग देवता की पूजा की। मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
सरीला के प्रसिद्ध प्राचीन शल्लेश्वर शिव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर चार बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। क्षेत्रीय विधायक मनीषा अनुरागी ने भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया और नगर पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार अनुरागी ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सावन के तीसरे सोमवार पर बड़ी संख्या में कांवड़िये करीब 20 किलोमीटर दूर चंडौत डांडा स्थित बेतवा नदी से जल लेकर पैदल सरीला पहुंचे। अयोध्या और कानपुर गए श्रद्धालु भी वहां से जल लेकर शल्लेश्वर मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक किया।
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चक्कर आने से गिरा कांवड़िया
चिकासी-गोहांड मार्ग पर कांवड़ लेकर जा रहे मल्हवा निवासी मानवेंद्र को अचानक चक्कर आ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। सूचना पर थाना जरिया में तैनात उपनिरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव और आरक्षी जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने कांवड़िये को सीएचसी गोहांड में भर्ती कराया गया।
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30 किलोमीटर निकाली कांवड़ यात्रा
राठ। चिकासी स्थित बेतवा नदी से जल लेकर नगर तक करीब 30 किलोमीटर पैदल कांवड़ यात्रा निकाली गई। सोमवार देर शाम चौपरा मंदिर में जलाभिषेक के बाद यात्रा का समापन हुआ। बाद में भंडारे का आयोजन किया गया। व्यवस्थापक कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया मां श्यामला देवी गुरुपूर्णिमा कमेटी द्वारा यात्रा की व्यवस्था की गई। कांवड़ यात्रियों को पोशाक, कांवड़ सहित भोजन की व्यवस्था की गई। कांवड़ियों को निजी साधन से चिकासी के बेतवा घाट ले जाया गया। वहां से कांवड़ में जल भरने के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। देर शाम कांवड़िया नगर के ऐतिहासिक चौपरेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। (संवाद)
दूध, पुष्प व जल से किया अभिषेक
फोटो 17 एचएएमपी 18- शिव मंदिर पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
कुरारा। नाग पंचमी पर बेरी गांव स्थित श्री कोटेश्वर धाम मंदिर, शंकरपुर गांव स्थित पहाड़ी देव बाबा मंदिर व मिश्रीपुर गांव से करीब एक किमी दूर स्थित त्रिसरा देव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने दूध, पुष्प व जल से शिवलिंग का अभिषेक किया। शंकरपुर गांव स्थित पहाड़ी देव बाबा मंदिर में भी जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं त्रिसरा देव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। (संवाद)
फोटो 17 एचएएमपी 19- टोडरपुर गांव में कंठमाला का उपचार करता भगत लाखन बाबा। संवाद
नाग देवता मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
कुरारा। टोडरपुर गांव स्थित नाग देवता के मंदिर में नाग पंचमी के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। यहां आने वाले कंठमाला, कैंसर, फोड़ा आदि से पीड़ित लोगों का इलाज मंदिर के पुजारी ने किया। मंदिर परिसर में कबीरी भजन भी हुए। पुजारी लाखन बाबा ने बताया कि ईश्वरीय विश्वास मानते हुए लोगों को दुआ दी जाती है कि उनकी समस्या का समाधान हो। नाग देवता के स्थान पर होने वाले हवन की राख प्रसाद के रूप में दी जाती है। मंदिर कमेटी के कृष्ण कुमार कुशवाहा, प्रधान प्रतिनिधि नारायण ने बताया कि बाहर से आने वाले भक्तों के लिए ठहरने व खाने पीने की व्यवस्था कमेटी करती है। (संवाद)
फोटो 17 एचएएमपी 20- मराठीपुरा मोहल्ले में शिवालय में रुद्राभिषेक करती महिलाएं। संवाद
शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मौदहा। मराठीपुरा मोहल्ला स्थित कैलाशपति रामेश्वर महादेव मंदिर में अखंड ॐ नम: शिवाय जाप का 24 घंटे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मिट्टी से भगवान शंकर की प्रतिमाएं बनाकर पूजा-अर्चना की। वृंदावन से आए पंडित श्यामजी शुक्ल और राज नारायण मिश्र ने धार्मिक अनुष्ठान कराए। वहीं खंडेह गांव स्थित प्राचीन शिवालय में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इचौली के झरियारे बाबा मंदिर और राधाकृष्ण मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। (संवाद)
फोटो 17 एचएएमपी 21- मनासर बाबा शिव मंदिर में दर्शन पूजन करते शिव भक्त। संवाद
बारिश में नहीं डिगी आस्था, सुबह से उमड़े शिवभक्त
भरुआ सुमेरपुर। बीहड़ों में विराजमान मनासर बाबा के पावन शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। रिमझिम फुहारों के बीच श्रद्धालु भक्ति भाव से मनासर बाबा के दरबार पहुंचे। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है। श्रद्धालुओं ने महादेव से क्षेत्र में सुख, शांति, खुशहाली और अच्छी वर्षा की कामना की। दिनभर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा। (संवाद)