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Hamirpur News: नाग पंचमी मेले में श्रद्धालुओं ने की जमकर खरीदारी
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फोटो 17 एचएएमपी 01- अलरा गौरा गांव में आयोजित मेला में पहुंचे लोग। संवाद
- आस्था-उमंग का संगम स्थल बना अलरा गौरा गांव
- श्रद्धालुओं ने नाग देवता मंदिर में किए दर्शन-पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गहरौली (हमीरपुर)। नाग पंचमी के पावन अवसर पर गहरौली विकास खंड के अलरा गौरा गांव में एक मेले का आयोजन किया गया। यह मेला आस्था और उमंग का संगम स्थल बना रहा। ग्राम प्रधान बाबूराम ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया।
इस वर्ष सावन के सोमवार के साथ नाग पंचमी का संयोग रहा। इस कारण नाग देवता मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह पांच बजे से ही भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दोपहर बाद तक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा। देर शाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने नाग देवता मंदिर में मत्था टेका। उन्होंने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
क्षेत्रीय आचार्य पंडित जगदीश तिवारी ने बताया कि नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा से कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष शांत होता है। इसी मान्यता के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं। लाठी, मिष्ठान और खिलौनों की दुकानों पर लोगों ने विशेष रुचि दिखाई। लाठी बेचने वाले दुकानदारों ने करीब एक लाख साठ हजार रुपये की लाठियों की बिक्री बताई। मिष्ठान और खिलौनों की दुकानों पर भी ग्राहकों की खूब चहल-पहल दिखी।
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- आस्था-उमंग का संगम स्थल बना अलरा गौरा गांव
- श्रद्धालुओं ने नाग देवता मंदिर में किए दर्शन-पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गहरौली (हमीरपुर)। नाग पंचमी के पावन अवसर पर गहरौली विकास खंड के अलरा गौरा गांव में एक मेले का आयोजन किया गया। यह मेला आस्था और उमंग का संगम स्थल बना रहा। ग्राम प्रधान बाबूराम ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया।
इस वर्ष सावन के सोमवार के साथ नाग पंचमी का संयोग रहा। इस कारण नाग देवता मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह पांच बजे से ही भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दोपहर बाद तक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा। देर शाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने नाग देवता मंदिर में मत्था टेका। उन्होंने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
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क्षेत्रीय आचार्य पंडित जगदीश तिवारी ने बताया कि नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा से कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष शांत होता है। इसी मान्यता के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं। लाठी, मिष्ठान और खिलौनों की दुकानों पर लोगों ने विशेष रुचि दिखाई। लाठी बेचने वाले दुकानदारों ने करीब एक लाख साठ हजार रुपये की लाठियों की बिक्री बताई। मिष्ठान और खिलौनों की दुकानों पर भी ग्राहकों की खूब चहल-पहल दिखी।
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