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Hamirpur News: बौखर हत्याकांड की जांच को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा मामला
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करीब 11 माह बाद भी नहीं हुआ खुलासा
मृतका के पति ने दाखिल की रिट याचिका
हमीरपुर। जरिया थानाक्षेत्र के बौखर गांव में करीब 11 माह पहले हुई शीलारानी उर्फ ललिता की हत्या का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। लंबे समय बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं होने और जांच की प्रगति को लेकर मृतका के पति नंदराम ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल मिसलेनियस रिट पिटीशन संख्या 16342/2026 दाखिल की है। मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में पहली सुनवाई हुई।
न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से पेश अपर शासकीय अधिवक्ता (एजीए) ने मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा। न्यायालय ने समय देते हुए मामले को 28 अक्तूबर 2026 को दोबारा सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आकाश किशन और अशोक कुमार गुप्ता ने पक्ष रखा है।
घर में अकेली थीं शीलारानी
बौखर गांव निवासी शीलारानी उर्फ ललिता सामुदायिक शौचालय में केयरटेकर थीं। सितंबर 2025 में रात के समय घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनके पति नंदराम चित्रकूट गए हुए थे। परिजन के अनुसार बदमाशों ने महिला के हाथ-पैर बांधकर गला घोंट दिया था। घटना के बाद उनका मोबाइल भी नहीं मिला था। घर में रखे सामान से छेड़छाड़ की बात सामने आने पर परिजन ने हत्या के साथ लूट की आशंका भी जताई थी।
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लंबे समय बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन करीब 11 महीने गुजरने के बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजन लगातार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे हैं। अब इसी मामले में मृतका के पति ने हाईकोर्ट का रुख किया है। हालांकि 10 अगस्त को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने जांच पर कोई अंतिम टिप्पणी या जांच किसी अन्य एजेंसी को सौंपने का आदेश नहीं दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया है। अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।
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मृतका के पति ने दाखिल की रिट याचिका
हमीरपुर। जरिया थानाक्षेत्र के बौखर गांव में करीब 11 माह पहले हुई शीलारानी उर्फ ललिता की हत्या का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। लंबे समय बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं होने और जांच की प्रगति को लेकर मृतका के पति नंदराम ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल मिसलेनियस रिट पिटीशन संख्या 16342/2026 दाखिल की है। मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में पहली सुनवाई हुई।
न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से पेश अपर शासकीय अधिवक्ता (एजीए) ने मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा। न्यायालय ने समय देते हुए मामले को 28 अक्तूबर 2026 को दोबारा सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आकाश किशन और अशोक कुमार गुप्ता ने पक्ष रखा है।
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घर में अकेली थीं शीलारानी
बौखर गांव निवासी शीलारानी उर्फ ललिता सामुदायिक शौचालय में केयरटेकर थीं। सितंबर 2025 में रात के समय घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनके पति नंदराम चित्रकूट गए हुए थे। परिजन के अनुसार बदमाशों ने महिला के हाथ-पैर बांधकर गला घोंट दिया था। घटना के बाद उनका मोबाइल भी नहीं मिला था। घर में रखे सामान से छेड़छाड़ की बात सामने आने पर परिजन ने हत्या के साथ लूट की आशंका भी जताई थी।
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लंबे समय बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन करीब 11 महीने गुजरने के बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजन लगातार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे हैं। अब इसी मामले में मृतका के पति ने हाईकोर्ट का रुख किया है। हालांकि 10 अगस्त को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने जांच पर कोई अंतिम टिप्पणी या जांच किसी अन्य एजेंसी को सौंपने का आदेश नहीं दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया है। अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।