{"_id":"6a3198fb3fc90841920d9374","slug":"families-from-the-pachhaiya-community-rendered-homeless-by-the-anti-enccroachment-drive-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-141437-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से बेघर हुए पछइया समुदाय के परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से बेघर हुए पछइया समुदाय के परिवार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फोटो16एचएएमपी- 23 ज्ञापन देने जाते पछइया समुदाय के लोग। संवाद
आवासीय पट्टा दिलाने की मांग, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मौदहा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बेघर हुए पछइया समुदाय के परिवार मंगलवार को अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन देकर रहने के लिए आवासीय पट्टा आवंटित कराने और पुनर्वास की मांग उठाई।
पीड़ितों का कहना है कि मौदहा कस्बे में गल्ला मंडी और एसडीएम कोर्ट के पास सड़क किनारे वह बैलगाड़ी व झोपड़ियों में रह रहे थे। हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में झोपड़ी ध्वस्त कर दी गईं। कार्रवाई के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। पछइया समुदाय की कमला ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से उक्त स्थान पर रह रहा था। परिवार के लोग मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। झोपड़ियां टूटने के बाद सिर पर छत नहीं बची है। भीषण गर्मी में छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। खाने-पीने और दैनिक जरूरतों की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है। कहा कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी जमीन या मकान नहीं है। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने से पहले उनके पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की। ऐसे में पूरा समुदाय सड़क पर आ गया है। इस दौरान सभी ने एक स्वर में आवासीय पट्टा या वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराकर बसाया जाने की मांग की। कहा ताकि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। एडीएम ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान विजय, नीलम, फूलसिंह, भागवती, कालीचरण, पूजा, उर्मिला, काजल समेत अन्य की मौजूदगी रही।
आवासीय पट्टा दिलाने की मांग, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मौदहा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बेघर हुए पछइया समुदाय के परिवार मंगलवार को अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन देकर रहने के लिए आवासीय पट्टा आवंटित कराने और पुनर्वास की मांग उठाई।
पीड़ितों का कहना है कि मौदहा कस्बे में गल्ला मंडी और एसडीएम कोर्ट के पास सड़क किनारे वह बैलगाड़ी व झोपड़ियों में रह रहे थे। हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में झोपड़ी ध्वस्त कर दी गईं। कार्रवाई के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। पछइया समुदाय की कमला ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से उक्त स्थान पर रह रहा था। परिवार के लोग मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। झोपड़ियां टूटने के बाद सिर पर छत नहीं बची है। भीषण गर्मी में छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। खाने-पीने और दैनिक जरूरतों की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है। कहा कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी जमीन या मकान नहीं है। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने से पहले उनके पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की। ऐसे में पूरा समुदाय सड़क पर आ गया है। इस दौरान सभी ने एक स्वर में आवासीय पट्टा या वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराकर बसाया जाने की मांग की। कहा ताकि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। एडीएम ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान विजय, नीलम, फूलसिंह, भागवती, कालीचरण, पूजा, उर्मिला, काजल समेत अन्य की मौजूदगी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन