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Hamirpur News: रमजानी बाबू के घर कमला बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:51 AM IST
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मनोज शर्मा
हमीरपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद शुक्रवार को जारी की गई अंतिम मतदाता सूची में पहले दिन ही कमियां उजागर हो गईं। आलेख्य प्रकाशन के बाद सामने आई विसंगतियों को दूर करने के लिए प्रशासन के सारे दावे फेल हो गए। बीएलओ की कार्यप्रणाली भी अब सवालों के घेरे में है। भाग संख्या 116 में रमजानी के घर कमला का वोट बरकरार है।
नई मतदाता सूची में शहर के मोहल्ला पुराना बेतवा घाट के भाग संख्या 116 में गड़बड़ियों में सुधार नहीं हुआ है। यहां मकान संख्या 39 में रमजानी के घर कमला का नाम अब भी दर्ज है।
हैरानी की बात यह है कि करीब 600 वर्ग फीट के इस मकान में हिंदू के आठ और मुस्लिम समुदाय के 18 मतदाताओं समेत कुल 26 नाम दर्ज हैं। आलेख्य सूची के दौरान यह खामियां उजागर हुईं थीं। उम्मीद जताई जा रही थी कि अंतिम सूची में सुधार किया जाएगा। अमर उजाला ने विसंगतियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मुख्य निर्वाचन आयोग ने खबरों को संज्ञान में लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा था। निर्वाचन प्रशासन की ओर से खामियों को दूर कराने की बात कही गई, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब बीएलओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि सत्यापन के बाद भी त्रुटियां बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियां मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। मोबीना का मकान नंबर शून्य: शहर के अमन शहीद मोहल्ला में भाग संख्या 114 में मोबीना का वोट जिस मकान संख्या से बना है वह शून्य (मकान संख्या 00) है। मकान नंबर 00 होता है यह तो बीएलओ ही जाने। मोबीना के परिवार के वोट किस मकान संख्या से बने है यह भी बीएलओ ही बता पाएंगे। कमियां एक नहीं है इसी भाग संख्या में मकान नंबर दो में विनय के साथ ही नगमा व जावेद का वोट बना है। मकान संख्या 26 में विजय नारायण और जुनैद कुरैशी का नाम है। यही स्थिति मकान संख्या 79 में देखने को मिली। यहां पर कामता हिंदू समुदाय के है तो रईसा मुस्लिम, लेकिन वोट एक ही मकान से बने है। हालांकि पुरानी खामियों को दूर करने का प्रयास बीएलओ की ओर से किया गया।
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हमीरपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद शुक्रवार को जारी की गई अंतिम मतदाता सूची में पहले दिन ही कमियां उजागर हो गईं। आलेख्य प्रकाशन के बाद सामने आई विसंगतियों को दूर करने के लिए प्रशासन के सारे दावे फेल हो गए। बीएलओ की कार्यप्रणाली भी अब सवालों के घेरे में है। भाग संख्या 116 में रमजानी के घर कमला का वोट बरकरार है।
नई मतदाता सूची में शहर के मोहल्ला पुराना बेतवा घाट के भाग संख्या 116 में गड़बड़ियों में सुधार नहीं हुआ है। यहां मकान संख्या 39 में रमजानी के घर कमला का नाम अब भी दर्ज है।
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हैरानी की बात यह है कि करीब 600 वर्ग फीट के इस मकान में हिंदू के आठ और मुस्लिम समुदाय के 18 मतदाताओं समेत कुल 26 नाम दर्ज हैं। आलेख्य सूची के दौरान यह खामियां उजागर हुईं थीं। उम्मीद जताई जा रही थी कि अंतिम सूची में सुधार किया जाएगा। अमर उजाला ने विसंगतियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मुख्य निर्वाचन आयोग ने खबरों को संज्ञान में लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा था। निर्वाचन प्रशासन की ओर से खामियों को दूर कराने की बात कही गई, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब बीएलओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि सत्यापन के बाद भी त्रुटियां बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियां मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। मोबीना का मकान नंबर शून्य: शहर के अमन शहीद मोहल्ला में भाग संख्या 114 में मोबीना का वोट जिस मकान संख्या से बना है वह शून्य (मकान संख्या 00) है। मकान नंबर 00 होता है यह तो बीएलओ ही जाने। मोबीना के परिवार के वोट किस मकान संख्या से बने है यह भी बीएलओ ही बता पाएंगे। कमियां एक नहीं है इसी भाग संख्या में मकान नंबर दो में विनय के साथ ही नगमा व जावेद का वोट बना है। मकान संख्या 26 में विजय नारायण और जुनैद कुरैशी का नाम है। यही स्थिति मकान संख्या 79 में देखने को मिली। यहां पर कामता हिंदू समुदाय के है तो रईसा मुस्लिम, लेकिन वोट एक ही मकान से बने है। हालांकि पुरानी खामियों को दूर करने का प्रयास बीएलओ की ओर से किया गया।