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Hamirpur News: कच्ची झोपड़ी वाले हो गए अपात्र, पक्के मकानों के स्वामी पात्र
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फोटो10 एचएएमपी 21- दिशा की बैठक में मौजूद अधिकारी व जनप्रतिनिधि। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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हमीरपुर। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनप्रतिनिधियों के तल्ख तेवर देखने को मिले। अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए तो उन्हें फटकार लगाते हुए शासन की योजनाओं का बेहतर संचालन करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में अधिकारी अपने ही सर्वे रिपोर्ट में फंस गए। विधायकों ने कहा कि कच्ची झोपड़ी वाले अपात्र की श्रेणी में है और जिनके पक्के मकान बने है उनके नाम पात्रता सूची में आ गए। जारी सूची के सत्यापन कराने की बात कही गई।
कलक्ट्रेट के एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित दिशा की बैठक अतिथियों के स्वागत से शुरू हुई। इसके बाद एक-एक कर 37 विभागों की 101 योजनाओं की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान सर्वे के बाद तैयार की गई पात्रों की सूची पर जन प्रतिनिधियों ने सवाल खड़े किए। राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि कच्ची झोपड़ी वालों के नाम सूची से हटा दिए गए। गोहांड के इटेहलिया गांव में ऐसे 10 नाम है। सदर विधायक ने कहा कि सर्वे करने वालों ने पात्रों का चयन किस आधार पर किया, इसकी जांच होनी चाहिए। खरीफ फसल बीमा योजना को लेकर सीधे कहा गया कि बीमा कंपनी को लाभ पहुंचाने का फंडा बंद कर दो। किसान को नुकसान का क्लेम मिलना चाहिए।
एडीपीआरओ सुरेश धूरिया ने राज्य व 15वें वित्त के कार्यो की पोर्टल पर फीडिंग की बात कही। इस पर ब्लॉक प्रमुख सुमेरपुर जय नारायण यादव ने कहा कि कोई फीडिंग नहीं दिखाई दे रही। एडीपीआरओ से कहा गया कि बैठक को भ्रमित मत करो। सड़क पर छुट्टा घूम रहे गोवंशों को गोशालाओं में भेजने की बात कही गई। वन विभाग के अधिकारी लगाए गए पौधों में कितने सुरक्षित है इसका हिसाब नहीं दे पाए। कार्यदायी संस्था लघु उद्योग निगम के सहायक अभियंता अर्पित मिश्रा को कड़ी फटकार लगाई गई। कहा गया कि स्मार्ट क्लास से लेकर अन्य कार्यों में लापरवाही सामने आ रही है। काम समय पर पूरा नहीं हो रहा तो कहीं काम ही शुरू नहीं हुआ। डीएम ने जांच कराने की बात कही तो विधायकों ने ब्लैक लिस्टेड करने का सुझाव दिया।
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उमराहट में चकबंदी की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के लिए कहा गया। अध्यक्षता कर रहे सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि अधिकारी समान दृष्टि से कार्य करें। बैठक में एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, चेयरमैन कुलदीप निषाद, क्षेत्र के ब्लॉक प्रमुखों के अलावा जिलाधिकारी अभिषेक गोयल, एसपी मृगांक शेखर पाठक आदि मौजूद रहे।
ट्रांसफर पॉलिसी पर उठाए सवाल
राठ विधायक ने जिले में हुए कर्मचारियों के स्थानांतरण पॉलिसी पर सवाल उठाए। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि जिस तरह से शासन से पॉलिसी पहले ही सामने आ जाती है, इस तरह जिले की पॉलिसी क्या है। यहां मनमाने तरीके से स्थानांतरण किए गे है यह पॉलिसी ठीक नहीं है। यह परंपरा बंद हो चुकी है इसे दोबारा चालू न की जाए।
विधायक निधि को रखे बैठे जल निगम के अधिकारी
हमीरपुर विधान सभा क्षेत्र के खंडेह गांव में पानी के संकट को देखते हुए विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने त्वरित विधायक निधि से 27 लाख रुपये नलकूप के लिए जारी कर दिए। पैसा भी विभाग के पास पहुंच गया, लेकिन अभी तक टेंडर प्रक्रिया नहीं कराई गई। विधायक ने इस पर जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियांता रविप्रताप सिंह को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि भीषण गर्मी में पानी की सुविधा के लिए दिया गए पैसे पर भी काम नहीं किया। तालाब का पानी पी रहे है लोग। इस पर अधिकारी का जवाब था कि तो लौटा देंगे विधायक निधि का पैसा।
28 मई की आंधी में ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति पटरी पर नहीं
दिशा की बैठक में सदर विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों से कहा कि 28 मई की रात में आंधी आई थी, उसके बाद से जो क्षति हुई उसे अभी तक दूर नहीं कर पाए, यह चिंता का विषय है। किसानों के तकरीवन 25 नलकूपों ठप है। किसी का पोल टूटा है तो किसी की लाइन खराब है। इस पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सवाल उठाए।
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कलक्ट्रेट के एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित दिशा की बैठक अतिथियों के स्वागत से शुरू हुई। इसके बाद एक-एक कर 37 विभागों की 101 योजनाओं की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान सर्वे के बाद तैयार की गई पात्रों की सूची पर जन प्रतिनिधियों ने सवाल खड़े किए। राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि कच्ची झोपड़ी वालों के नाम सूची से हटा दिए गए। गोहांड के इटेहलिया गांव में ऐसे 10 नाम है। सदर विधायक ने कहा कि सर्वे करने वालों ने पात्रों का चयन किस आधार पर किया, इसकी जांच होनी चाहिए। खरीफ फसल बीमा योजना को लेकर सीधे कहा गया कि बीमा कंपनी को लाभ पहुंचाने का फंडा बंद कर दो। किसान को नुकसान का क्लेम मिलना चाहिए।
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एडीपीआरओ सुरेश धूरिया ने राज्य व 15वें वित्त के कार्यो की पोर्टल पर फीडिंग की बात कही। इस पर ब्लॉक प्रमुख सुमेरपुर जय नारायण यादव ने कहा कि कोई फीडिंग नहीं दिखाई दे रही। एडीपीआरओ से कहा गया कि बैठक को भ्रमित मत करो। सड़क पर छुट्टा घूम रहे गोवंशों को गोशालाओं में भेजने की बात कही गई। वन विभाग के अधिकारी लगाए गए पौधों में कितने सुरक्षित है इसका हिसाब नहीं दे पाए। कार्यदायी संस्था लघु उद्योग निगम के सहायक अभियंता अर्पित मिश्रा को कड़ी फटकार लगाई गई। कहा गया कि स्मार्ट क्लास से लेकर अन्य कार्यों में लापरवाही सामने आ रही है। काम समय पर पूरा नहीं हो रहा तो कहीं काम ही शुरू नहीं हुआ। डीएम ने जांच कराने की बात कही तो विधायकों ने ब्लैक लिस्टेड करने का सुझाव दिया।
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उमराहट में चकबंदी की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के लिए कहा गया। अध्यक्षता कर रहे सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि अधिकारी समान दृष्टि से कार्य करें। बैठक में एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, चेयरमैन कुलदीप निषाद, क्षेत्र के ब्लॉक प्रमुखों के अलावा जिलाधिकारी अभिषेक गोयल, एसपी मृगांक शेखर पाठक आदि मौजूद रहे।
ट्रांसफर पॉलिसी पर उठाए सवाल
राठ विधायक ने जिले में हुए कर्मचारियों के स्थानांतरण पॉलिसी पर सवाल उठाए। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि जिस तरह से शासन से पॉलिसी पहले ही सामने आ जाती है, इस तरह जिले की पॉलिसी क्या है। यहां मनमाने तरीके से स्थानांतरण किए गे है यह पॉलिसी ठीक नहीं है। यह परंपरा बंद हो चुकी है इसे दोबारा चालू न की जाए।
विधायक निधि को रखे बैठे जल निगम के अधिकारी
हमीरपुर विधान सभा क्षेत्र के खंडेह गांव में पानी के संकट को देखते हुए विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने त्वरित विधायक निधि से 27 लाख रुपये नलकूप के लिए जारी कर दिए। पैसा भी विभाग के पास पहुंच गया, लेकिन अभी तक टेंडर प्रक्रिया नहीं कराई गई। विधायक ने इस पर जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियांता रविप्रताप सिंह को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि भीषण गर्मी में पानी की सुविधा के लिए दिया गए पैसे पर भी काम नहीं किया। तालाब का पानी पी रहे है लोग। इस पर अधिकारी का जवाब था कि तो लौटा देंगे विधायक निधि का पैसा।
28 मई की आंधी में ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति पटरी पर नहीं
दिशा की बैठक में सदर विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों से कहा कि 28 मई की रात में आंधी आई थी, उसके बाद से जो क्षति हुई उसे अभी तक दूर नहीं कर पाए, यह चिंता का विषय है। किसानों के तकरीवन 25 नलकूपों ठप है। किसी का पोल टूटा है तो किसी की लाइन खराब है। इस पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सवाल उठाए।