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Hamirpur News: लापता हेड मुहर्रिर का पुलिस नहीं लगा पाई पता
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हमीरपुर। जनपद न्यायालय के एफटीसी प्रथम कोर्ट में तैनात हेड मुहर्रिर 976 दिन लापता हैं। पुलिस आज तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है। इस मामले में तीन विवेचक बदल चुके हैं। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई है। परिजन न्याय के लिए परेशान दर-दर भटक रहे हैं।
हेड मुहर्रिर राजाराम शुक्ला 10 अगस्त 2023 को संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। 21 अगस्त को गुमशुदगी और 28 अगस्त को अपहरण की प्राथमिकी थाना जरिया में दर्ज की गई थी। शुरू में सरीला चौकी प्रभारी संगमलाल प्रजापति ने विवेचना की लेकिन डेढ़ माह बाद उन्हें इसी मामले में लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके बाद चौकी प्रभारी रवींद्र और फिर दिनेश मौर्य को जांच सौंपी गई लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
परेशान परिजन हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट के निर्देश के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई और बाद में विवेचना 24 अप्रैल 2025 को क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। वर्तमान में मामला क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अरविंद त्रिवेदी के पास है। यहां भी फाइल एक साल से धूल फांक रही है। आखिर लापता हेड मुहर्रिर का पता नहीं चल सका है।
घर के मुखिया ही नहीं बल्कि परिवार की मजबूत नींव थे
बेटे ललित शुक्ला ने बताया कि उनके पिता केवल घर के मुखिया ही नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव भी थे। वे अपने दोनों बेटों और बहुओं की पढ़ाई का पूरा खर्च खुद उठाते थे और उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। उनका उद्देश्य था कि परिवार के सभी सदस्य पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनें लेकिन उनके अचानक लापता होने के बाद न केवल घर की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई, बल्कि बेटों और बहुओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई।
अभी हाल ही में चार्ज संभाला है। मामला संज्ञान में आया है। क्राइम ब्रांच इसकी जांच भी कर रही है। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।-मृगांक शेखर पाठक, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर।
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हेड मुहर्रिर राजाराम शुक्ला 10 अगस्त 2023 को संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। 21 अगस्त को गुमशुदगी और 28 अगस्त को अपहरण की प्राथमिकी थाना जरिया में दर्ज की गई थी। शुरू में सरीला चौकी प्रभारी संगमलाल प्रजापति ने विवेचना की लेकिन डेढ़ माह बाद उन्हें इसी मामले में लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके बाद चौकी प्रभारी रवींद्र और फिर दिनेश मौर्य को जांच सौंपी गई लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
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परेशान परिजन हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट के निर्देश के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई और बाद में विवेचना 24 अप्रैल 2025 को क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। वर्तमान में मामला क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अरविंद त्रिवेदी के पास है। यहां भी फाइल एक साल से धूल फांक रही है। आखिर लापता हेड मुहर्रिर का पता नहीं चल सका है।
घर के मुखिया ही नहीं बल्कि परिवार की मजबूत नींव थे
बेटे ललित शुक्ला ने बताया कि उनके पिता केवल घर के मुखिया ही नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव भी थे। वे अपने दोनों बेटों और बहुओं की पढ़ाई का पूरा खर्च खुद उठाते थे और उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। उनका उद्देश्य था कि परिवार के सभी सदस्य पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनें लेकिन उनके अचानक लापता होने के बाद न केवल घर की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई, बल्कि बेटों और बहुओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई।
अभी हाल ही में चार्ज संभाला है। मामला संज्ञान में आया है। क्राइम ब्रांच इसकी जांच भी कर रही है। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।-मृगांक शेखर पाठक, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर।

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