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Hamirpur News: बीडीओ बोले, बरसात है तो सड़क पर दलदल रहेगा
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फोटो 17 एचएएमपी 28- खंडेह गांव में कीचड़ से होकर अर्थी ले जाते ग्रामीण। सोशल मीडिया
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मौदहा। क्षेत्र के खंडेह गांव का वायरल वीडियो जर्जर सड़क की पोल खोल रहा है। वहीं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) का कहना है कि बरसात है तो सड़क पर दलदल ही रहेगा। सड़क न बनने की बात पर कहते हैं कि सचिव से पता किया जाएगा।
गांव में जल निकासी और रास्ते की समुचित व्यवस्था न होने से अर्थी को ग्रामीण घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ से होकर ले जाने को मजबूर दिखे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
खंडेह गांव निवासी जागेश्वर यादव (73) का निधन सोमवार को हो गया। अंतिम संस्कार के लिए जब परिजन और ग्रामीण उनकी अर्थी लेकर निकले तो रास्ते में भारी जलभराव और दलदल के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण अर्थी को कंधों पर उठाकर पानी और कीचड़ के बीच गुजरते दिखाई दिए।
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ग्रामीण अनुज कुमार दुबे ने बताया कि रामजानकी मंदिर के पास वाली गली में सुशील प्रजापति के दरवाजे से संतोष विश्वकर्मा के दरवाजे तक करीब 150 मीटर रास्ता जलभराव और कीचड़ में तब्दील है। बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है।
मृतक के बेटे शुभम यादव का कहना है कि गांव की इस गली में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भी परेशानी होती है। सबसे दुखद स्थिति तब सामने आती है जब किसी व्यक्ति की अर्थी इसी कीचड़ और गंदे पानी से होकर ले जानी पड़ती है।
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गांव में जल निकासी और रास्ते की समुचित व्यवस्था न होने से अर्थी को ग्रामीण घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ से होकर ले जाने को मजबूर दिखे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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खंडेह गांव निवासी जागेश्वर यादव (73) का निधन सोमवार को हो गया। अंतिम संस्कार के लिए जब परिजन और ग्रामीण उनकी अर्थी लेकर निकले तो रास्ते में भारी जलभराव और दलदल के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण अर्थी को कंधों पर उठाकर पानी और कीचड़ के बीच गुजरते दिखाई दिए।
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ग्रामीण अनुज कुमार दुबे ने बताया कि रामजानकी मंदिर के पास वाली गली में सुशील प्रजापति के दरवाजे से संतोष विश्वकर्मा के दरवाजे तक करीब 150 मीटर रास्ता जलभराव और कीचड़ में तब्दील है। बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है।
मृतक के बेटे शुभम यादव का कहना है कि गांव की इस गली में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भी परेशानी होती है। सबसे दुखद स्थिति तब सामने आती है जब किसी व्यक्ति की अर्थी इसी कीचड़ और गंदे पानी से होकर ले जानी पड़ती है।