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Hamirpur News: आसमान में छाए बादल किसानों की बढ़ीं धड़कनें

संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Tue, 24 Mar 2026 12:45 AM IST
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The clouds in the sky increased the heartbeat of the farmeThe clouds in the sky increased the heartbeat of the farmersrs
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हमीरपुर। जिले भर में बीते शुक्रवार सुबह से लेकर रात तक हुई आठ एमएम बारिश से जहां किसान कराह उठा, वहीं सोमवार को फिर से घनघोर बादलों ने डेरा जमा लिया। दिनभर बादल छाए रहने से किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी इस माह 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पूर्वी तेज हवाएं चलने व बारिश की संभावना जताई है।
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कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, जिले भर में 100.59 फीसदी रबी फसलें बोई गई हैं। इनका कुल रकबा 2 लाख 97 हजार 849 हेक्टेयर है। इनमें 1,58,311 हेक्टेयर में किसानों ने गेहूं, जौ व मक्का, वहीं 1,10,416 हेक्टेयर में दलहनी चना, मटर, मसूर और 29,122 हेक्टेयर में राई, सरसों की फसलें किसानों ने बो रखी हैं। दलहनी फसलों में 58,045 हेक्टेयर में चना, 19,350 हेक्टेयर में मटर व 33,021 हेक्टेयर में मसूर बोई है। वहीं, 19196 हेक्टेयर में राई, 8246 हेक्टेयर में अलसी और 1680 हेक्टेयर में तरोई की फसलें किसानों ने बोई हैं। मौजूदा में ज्यादातर दलहनी व तिलहनी फसलें खेतों में कटी पड़ी हैं। गेहूं की ज्यादातर फसलें खेतों में पकी खड़ी हैं। किसानों का कहना है कि ऐसे में यदि अब कोई दैवीय आपदा आती है तो फसलों का भारी नुकसान होगा। इनके खराब होने की अधिक संभावना है। कुछ किसान गेहूं की फसलों की कटाई भी करने लगे हैं। बारिश से कटी एवं खड़ी फसलों में विपरीत असर पड़ेगा। इससे किसानों की सांसें थम सी गई हैं।
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दो-तीन दिन खराब रह सकता है मौसम: जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर के अनुसार, मौसम विभाग ने 20 से 26 मार्च तक प्रदेश के अधिकांश भाग में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र के अधिकांश भाग में तापमान 34 से 36 डिग्री रहने की संभावना है। साथ ही मेघ गर्जना के साथ 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तरी-पूर्वी हवाएं व कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में पकी खड़ी रबी की सभी फसलों का भारी नुकसान हो सकता है।
बारिश से दाना होगा खराब: केवीके के अध्यक्ष व कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह का कहना है कि मार्च व अप्रैल माह में मौसम खराब रहने की संभावना जताई जा रही है। मानसूनी चक्रवात अलनीनो का असर है। इस चक्रवात ने पूर्वोत्तर राज्यों समेत पहाड़ों में भारी बर्फबारी हो रही है। सामान्य तापमान में चार-पांच डिग्री की गिरावट आई है। बारिश से चना, मटर और मसूर की फसलें भींगने से दाने की क्वालिटी खराब होगी। तेज हवाओं व बारिश से गेहूं की फसलें गिर सकती हैं। इससे उत्पादन में असर पड़ेगा।
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