सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Five-month-old child dies after not getting treatment at district hospital

Hamirpur News: जिला अस्पताल में नहीं मिला इलाज, पांच माह के मासूम की मौत

संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Tue, 24 Mar 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
Five-month-old child dies after not getting treatment at district hospital
विज्ञापन
हमीरपुर। कुरारा सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर उल्टी-दस्त से पीड़ित पांच माह के मासूम की इलाज न मिलने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने मासूम को देखा तक नहीं। वह इलाज के इंतजार में रातभर बैठे रहे। डॉक्टर बेटे को देख लेते तो उसकी जान बच जाती।
Trending Videos

कुरारा निवासी अमित अनुरागी के अनुसार, उनके पांच माह के पुत्र शिवा को उल्टी-दस्त की शिकायत थी। शनिवार को उसे सीएचसी कुरारा में भर्ती कराया गया, हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात नौ बजे एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचे, आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने बच्चे को देखने के बजाय उसके पास मौजूद एक सिरप देने को कहा। उसने बच्चे को दवा पिला दी। अमित का आरोप है कि पूरी रात वे अस्पताल में इलाज के इंतजार में बैठे रहे, लेकिन किसी डॉक्टर ने नहीं देखा। रविवार को अवकाश होने के कारण इमरजेंसी में ही डॉक्टर उपलब्ध रहने की जानकारी मिलने पर वह बच्चे को लेकर घाटमपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे। आराम मिलने पर रविवार की शाम को घर लौट आए, लेकिन सोमवार सुबह हालत बिगड़ने पर फिर जिला अस्पताल लाए, यहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मां कोमल अनुरागी बिलखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाती रहीं। उनका कहना था कि समय पर इलाज मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी गीतम सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed