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Hamirpur News: कीचड़ में फंसी पढ़ाई तो बच्चों को मिला ऑटो का सहारा
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फोटो17 एचएएमपी 37- ऑटो से स्कूल जाते बच्चे। संवाद
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भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। अतरैया डेरा के बच्चों के कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने की अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। रास्ते से कीचड़ हटने तक बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए प्रशासन ने ऑटो और टेंपो की व्यवस्था कराई है। अब बच्चे वैकल्पिक मार्ग से करीब तीन किलोमीटर का चक्कर लगाकर स्कूल पहुंचेंगे।
सुमेरपुर ब्लॉक क्षेत्र के अतरैया डेरा में प्राथमिक विद्यालय संचालित है। कक्षा पांच तक की पढ़ाई के बाद बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए अतरैया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय जाना पड़ता है। डेरा से विद्यालय तक पक्की सड़क न होने से बारिश में रास्ता कीचड़ और फिसलन से भर जाता है। बच्चों के कीचड़ से गुजरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल और खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
उप जिलाधिकारी अभिषेक कुमार ने रविवार की रात स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों से समस्या की जानकारी ली। सोमवार को राजस्व टीम को मौके पर भेजकर रास्ते की स्थिति और उसकी जमीन की जांच कराई गई। जांच में पता चला कि जिस रास्ते से बच्चे निकल रहे हैं वह रास्ता नहीं है ,यहां से तो बच्चे विकल्प के तौर पर निकलते हैं।
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उप जिलाधिकारी के मुताबिक बच्चों के लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऑटो-टेंपो लगा दिए गए जिससे वह स्कूल पहुंच सकेंगे। उप जिलाधिकारी अभिषेक कुमार का कहना है कि डेरा के संपर्क मार्ग को पक्का कराने की कवायद भी शुरू की जाएगी।
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सुमेरपुर ब्लॉक क्षेत्र के अतरैया डेरा में प्राथमिक विद्यालय संचालित है। कक्षा पांच तक की पढ़ाई के बाद बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए अतरैया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय जाना पड़ता है। डेरा से विद्यालय तक पक्की सड़क न होने से बारिश में रास्ता कीचड़ और फिसलन से भर जाता है। बच्चों के कीचड़ से गुजरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल और खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
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उप जिलाधिकारी अभिषेक कुमार ने रविवार की रात स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों से समस्या की जानकारी ली। सोमवार को राजस्व टीम को मौके पर भेजकर रास्ते की स्थिति और उसकी जमीन की जांच कराई गई। जांच में पता चला कि जिस रास्ते से बच्चे निकल रहे हैं वह रास्ता नहीं है ,यहां से तो बच्चे विकल्प के तौर पर निकलते हैं।
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उप जिलाधिकारी के मुताबिक बच्चों के लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऑटो-टेंपो लगा दिए गए जिससे वह स्कूल पहुंच सकेंगे। उप जिलाधिकारी अभिषेक कुमार का कहना है कि डेरा के संपर्क मार्ग को पक्का कराने की कवायद भी शुरू की जाएगी।