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Hamirpur News: वाहन लेने में आगे, लेकिन डीएल बनवाने में महिलाएं पीछे
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Wed, 11 Mar 2026 12:30 AM IST
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हमीरपुर। महिलाएं कार और दोपहिया वाहन खरीदने में तो आगे हैं, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने में बहुत पीछे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, हर साल पंजीकृत होने वाले लगभग एक हजार से अधिक वाहन महिलाओं के नाम दर्ज हैं, लेकिन पिछले एक साल में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या मात्र 217 है।
जिले में हर साल करीब 16 हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। इन्हें बनवाने में जिले की महिलाएं पुरुषों के मुकाबले काफी पीछे हैं। जनवरी से लेकर दिसंबर तक सिर्फ 217 महिलाओं ने ही लाइसेंस बनवाए हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 16,153 है। उप संभागीय विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया वाहन, कार यहां तक कि व्यावसायिक वाहन भी महिलाओं के नाम पंजीकृत हैं।
इनसेट पांच हजार रुपये होता है जुर्माना
एआरटीओ के अनुसार, बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर अधिकतम पांच हजार रुपये का जुर्माना होता है। यदि चालक के पास डीएल नहीं है तो दुर्घटना होने की स्थिति में बीमा क्लेम भी नहीं मिलता। बता दें कि जिले में दो लाख से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस पंजीकृत हैं। एक जनवरी 2025 से 31 दिसंबर तक 16,153 पुरुष तो 217 महिलाओं ने अपने डीएल बनवाए हैं।
महिलाओं के नाम वाहन भले ही पंजीकृत हों, लेकिन इनके लाइसेंस की संख्या काफी कम है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं ही लाइसेंस बनवाने पर ध्यान देती हैं। महिलाओं में जागरूकता लाने की जरूरत है।
अमिताभ राय, उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन।
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जिले में हर साल करीब 16 हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। इन्हें बनवाने में जिले की महिलाएं पुरुषों के मुकाबले काफी पीछे हैं। जनवरी से लेकर दिसंबर तक सिर्फ 217 महिलाओं ने ही लाइसेंस बनवाए हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 16,153 है। उप संभागीय विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया वाहन, कार यहां तक कि व्यावसायिक वाहन भी महिलाओं के नाम पंजीकृत हैं।
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इनसेट पांच हजार रुपये होता है जुर्माना
एआरटीओ के अनुसार, बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर अधिकतम पांच हजार रुपये का जुर्माना होता है। यदि चालक के पास डीएल नहीं है तो दुर्घटना होने की स्थिति में बीमा क्लेम भी नहीं मिलता। बता दें कि जिले में दो लाख से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस पंजीकृत हैं। एक जनवरी 2025 से 31 दिसंबर तक 16,153 पुरुष तो 217 महिलाओं ने अपने डीएल बनवाए हैं।
महिलाओं के नाम वाहन भले ही पंजीकृत हों, लेकिन इनके लाइसेंस की संख्या काफी कम है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं ही लाइसेंस बनवाने पर ध्यान देती हैं। महिलाओं में जागरूकता लाने की जरूरत है।
अमिताभ राय, उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन।