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Hapur News: आधार सत्यापन ने खोली फर्जी बैनामे की पोल, हिरासत में आरोपी
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धौलाना। जमीन के फर्जी बैनामे का प्रयास करते हुए एक युवक को बुधवार को पकड़ लिया गया। धौलाना उपनिबंधक कार्यालय में दूसरे व्यक्ति के नाम पर जमीन का बैनामा कराने पहुंचे युवक के दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया तो असली पहचान सामने आ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद निवासी पीके श्रीवास्तव और कृष्णाकांत शर्मा ने मिलक निवासी सोनू से जमीन खरीदने का सौदा किया था। इसके लिए उन्होंने सोनू को 32 लाख रुपये दिए थे। सौदा पूरा नहीं होने पर रकम वापस नहीं की गई। बाद में 32 लाख रुपये समायोजित करते हुए 12 लाख रुपये अतिरिक्त देने पर जमीन का सौदा तय हुआ।
बुधवार को धौलाना निवासी नौशाद पुत्र अख्तर के नाम से जमीन का बैनामा कराने के लिए एक युवक उपनिबंधक कार्यालय पहुंचा। आधार सत्यापन के दौरान दस्तावेज में नौशाद के बजाय दिलशाद पुत्र निजामुद्दीन नाम सामने आया। नाम में अंतर देखते ही कर्मचारियों ने खरीद कर रहे पक्ष को सूचना दी और पुलिस को बुला लिया।
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पूछताछ में युवक ने अपना नाम दिलशाद बताया। आरोप है कि सोनू और उसके साथियों ने किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बैनामा कराने के लिए उसे तीन लाख रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस युवक से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उपनिबंधक कार्यालय प्रभारी अमित वर्मा ने बताया कि आधार सत्यापन के दौरान नाम संदिग्ध मिलने पर फर्जीवाड़े का प्रयास पकड़ में आया। मामले में पीडि़त पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद निवासी पीके श्रीवास्तव और कृष्णाकांत शर्मा ने मिलक निवासी सोनू से जमीन खरीदने का सौदा किया था। इसके लिए उन्होंने सोनू को 32 लाख रुपये दिए थे। सौदा पूरा नहीं होने पर रकम वापस नहीं की गई। बाद में 32 लाख रुपये समायोजित करते हुए 12 लाख रुपये अतिरिक्त देने पर जमीन का सौदा तय हुआ।
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बुधवार को धौलाना निवासी नौशाद पुत्र अख्तर के नाम से जमीन का बैनामा कराने के लिए एक युवक उपनिबंधक कार्यालय पहुंचा। आधार सत्यापन के दौरान दस्तावेज में नौशाद के बजाय दिलशाद पुत्र निजामुद्दीन नाम सामने आया। नाम में अंतर देखते ही कर्मचारियों ने खरीद कर रहे पक्ष को सूचना दी और पुलिस को बुला लिया।
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पूछताछ में युवक ने अपना नाम दिलशाद बताया। आरोप है कि सोनू और उसके साथियों ने किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बैनामा कराने के लिए उसे तीन लाख रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस युवक से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उपनिबंधक कार्यालय प्रभारी अमित वर्मा ने बताया कि आधार सत्यापन के दौरान नाम संदिग्ध मिलने पर फर्जीवाड़े का प्रयास पकड़ में आया। मामले में पीडि़त पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।